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'मैं आत्महत्या कर लूंगा...': ऐसा क्यों बोले थे डॉक्टर मनमोहन सिंह? पूर्व CEC कुरैशी की किताब में बड़ा खुलासा

Sun, 12 Jul 2026 06:55 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Sun, 12 Jul 2026 06:55 PM IST
सार

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने अपनी नई किताब में दावा किया है कि साल 2012 के उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान मंत्रियों की बयानबाजी से आहत होकर तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने उनसे बेहद भावुक अंदाज में बात की थी। किताब के अनुसार, बाद में प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी बंद हो गई। 
 

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manmohan singh told former cec quraishi i will commit suicide over ministers loose talk in 2012
पूर्व सीईसी की किताब में बड़ा दावा - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी की नई किताब इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर (India and I: A Hundred Memories, Not a Memoir)  में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़ा एक भावुक प्रसंग सामने आया है। किताब के अनुसार, वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों के बीच पैदा हुए विवाद से प्रधानमंत्री इतने दुखी थे कि उन्होंने कुरैशी से कहा था, 'अगर आप मेरे बारे में ऐसा सोचते हैं, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।' यह बातचीत एक निजी मुलाकात के दौरान हुई थी।
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क्यों हुई थी कुरैशी और मनमोहन सिंह की मुलाकात? 
कुरैशी के मुताबिक, उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ कुछ केंद्रीय मंत्रियों की टिप्पणी पर अपनी नाराजगी प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई थी। इसके बाद मनमोहन सिंह ने उन्हें तुरंत मिलने के लिए बुलाया। मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें मंत्रियों के बयानों की जानकारी नहीं थी और अगर पहले पता चलता तो वे उन्हें फटकार लगाते। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है और उसकी गरिमा हर हाल में बनी रहनी चाहिए।
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क्या है पूरा विवाद?
किताब के मुताबिक, यह मामला जनवरी 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का है। उस समय तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिमों के लिए 4.5 फीसदी उप-कोटा बढ़ाकर 9 फीसदी करने का वादा किया था। भाजपा ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग में शिकायत की। सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने सलमान खुर्शीद को कड़ी फटकार लगाई।
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इसके बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं और मंत्रियों ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए उसके फैसले पर सवाल उठाए। यही बयानबाजी चुनाव आयोग और सरकार के बीच तनाव की वजह बनी। कुरैशी का दावा है कि प्रधानमंत्री ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया और बाद में मंत्रियों तक अपना सख्त संदेश पहुंचाया, जिसके बाद चुनाव आयोग के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी बंद हो गई।

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2004 से लेकर 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह
डॉ. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे और उन्हें शांत, संयमित तथा संस्थाओं का सम्मान करने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। वहीं एसवाई कुरैशी जुलाई 2010 से जून 2012 तक भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे। उनके कार्यकाल में बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर समेत कई बड़े राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न हुए।

कुरैशी की किताब में क्या-क्या?
कुरैशी की पुस्तक इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर में सार्वजनिक जीवन के कई ऐसे अनुभवों का जिक्र किया गया है, जो पहले सामने नहीं आए थे। मनमोहन सिंह से जुड़ा यह प्रसंग भी उन्हीं संस्मरणों में शामिल है और इसे लेखक ने सांविधानिक संस्थाओं के प्रति तत्कालीन प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता का उदाहरण बताया है।
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