Kerala: निजी स्टाफ के तौर पर रिश्तेदार की नियुक्ति पर घिरे मंत्री जोसेफ, विवाद के बाद बहनोई ने दिया इस्तीफा
केरल के बिजली मंत्री सनी जोसेफ के बहनोई बेनी थॉमस ने भाई-भतीजावाद के आरोपों के बाद इस्तीफा दे दिया। जोसेफ ने कहा कि नियुक्ति में कोई कानूनी बाधा नहीं थी। लेकिन विवाद बढ़ने पर थॉमस ने खुद पद छोड़ दिया।
केरल के बिजली मंत्री सनी जोसेफ के बहनोई बेनी थॉमस ने भाई-भतीजावाद के आरोपों के बाद इस्तीफा दे दिया। जोसेफ ने कहा कि नियुक्ति में कोई कानूनी बाधा नहीं थी। लेकिन विवाद बढ़ने पर थॉमस ने खुद पद छोड़ दिया।
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केरल के बिजली मंत्री सनी जोसेफ के बहनोई ने उनके निजी कर्मचारी के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि यह कदम उन्होंने भाई-भतीजावाद के आरोपों के बाद विवाद से बचने के लिए लिया है। कांग्रेस नेता बेनी थॉमस, जो जोसेफ के बहनोई हैं। यूडीएफ के सत्ता में आने के बाद उनको अतिरिक्त निजी सचिव नियुक्त किया गया था।
जोसेफ ने क्या बताया?
विपक्ष की आलोचना के बाद थॉमस ने रविवार को मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया। यहां पत्रकारों से बात करते हुए जोसेफ ने बताया की कि थॉमस ने इस्तीफा दे दिया है। जोसेफ ने कहा कि आरोपों के सामने आने के बाद उन्होंने नियुक्ति के कानूनी पहलुओं की जांच की। इस दौरान उन्होंने पाया कि मंत्रियों के निजी कर्मचारियों की नियुक्ति को नियंत्रित करने वाले कोई खास मानदंड नहीं हैं।
उन्होंने कहा, 'राजनीतिक दृष्टिकोण से लोग कन्नूर में उनके पैतृक स्थान उल्लिक्कल में बेनी थॉमस की सार्वजनिक प्रतिष्ठा की पुष्टि कर सकते हैं। कन्नूर में मेरे सहयोगियों ने सुझाव दिया था कि उन्हें निजी स्टाफ में बने रहना चाहिए। मैंने भी उस विचार का समर्थन किया।
विवाद के कारण दिया इस्तीफा
उन्होंने बताया कि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) की बैठक के दौरान एक नेता ने नियुक्ति पर चिंता जताई थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी आपत्ति वापस ले ली। जोसेफ ने कहा, 'किसी और ने कोई मुद्दा नहीं उठाया।' मंत्री के अनुसार, उन्हें मिले समर्थन के बावजूद, थॉमस ने नियुक्ति से जुड़े विवाद के कारण इस्तीफा देना चुना।
'भरोसेमंद व्यक्ति की आवश्यकता थी'
जोसेफ ने कहा, 'मुझे उनके जैसे किसी व्यक्ति की जरूरत थी क्योंकि मैं बिजली और पर्यावरण सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल रहा हूं। मुझे काम में सहायता के लिए एक ऐसे भरोसेमंद व्यक्ति की आवश्यकता थी जिसे मैं अच्छी तरह जानता हूं। जब मामला विवादित हो गया, तो उन्होंने पहल करते हुए इस्तीफा दे दिया।' जब जोसेफ से पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान ने थॉमस का इस्तीफा मांगा था, तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। जोसेफ के पी.सी.सी. अध्यक्ष भी हैं।
जब वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सत्ता में था, तब संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने मंत्रियों के निजी कर्मचारियों में रिश्तेदारों की नियुक्ति की अक्सर आलोचना की थी। सरकार परिवर्तन के बाद, एलडीएफ ने जोसेफ के निजी स्टाफ में थॉमस की नियुक्ति को लेकर यूडीएफ की आलोचना की।