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MEA: 'ईरान से चल रही बातचीत, भारतीय जहाजों को वापस लाना लक्ष्य', होर्मुज संकट पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी।
Published by: Nirmal Kant
Updated Tue, 17 Mar 2026 04:40 PM IST
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सार
विदेश मंत्रालय ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाज मौजूद हैं और ईरान व अन्य देशों से बातचीत की जा रही है, ताकि इन जहाजों की भारत वापसी सुनिश्चित हो सके। विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट पर क्या-क्या कहा?
रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर मंगलवार को विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ईरान और अन्य देशों के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को वापस लाना प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?
एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ईरान और अन्य देशों के साथ हमारी बातचीत जारी है। जैसा कि हमारे विशेष सचिव ने बताया, कई जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में मौजूद हैं। हमारा इरादा ईरान और अन्य देशों के साथ मिलकर इन जहाजों को सुरक्षित वापस लाना है। यही हमारा उद्देश्य है और इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। मानवीय सहायता के संबंध में भी हम ईरान के साथ कई मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
ब्रिक्स के रुख पर क्या कहा?
रणधीर जायसवाल ने कहा, ब्रिक्स की अध्यक्षता हमारे पास है। ब्रिक्स आपसी सहमति के आधार पर काम करता है। जैसा कि आप जानते हैं, इस समय चल रहे संघर्ष में ब्रिक्स के कई सदस्य शामिल हैं। इसी वजह से देशों के बीच अलग-अलग रुख को एक साथ लाना मुश्किल हो रहा है। लेकिन हम सभी पक्षों के साथ लगातार जुड़े हुए हैं और बातचीत कर रहे हैं।
विदेश मंत्री की ब्रसेल्स यात्रा पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप के अपने समकक्षों के साथ वैश्विक चुनौतियों, खासकर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की। यह बातचीत विदेश मामलों की परिषद की बैठक के दौरान हुई। प्रवक्ता जायसवाल ने आगे कहा, हमारे विदेश मंत्री ब्रसेल्स गए थे। उन्हें यूरोपीय संघ की शीर्ष प्रतिनिधि काजा कालास ने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद की बैठक में आमंत्रित किया था। इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के अलावा वैश्विक चुनौतियों, खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके ऊर्जा सुरक्षा पर असर पर चर्चा हुई। मंत्रियों ने इस संघर्ष को जल्द खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति की जरूरत पर जोर दिया।
ये भी पढ़ें: 'अफगानिस्तान में अस्पताल पर हमले को कोई सही नहीं ठहरा सकता', भारत ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया
परिवार को सौंपे गए दो भारतीयों के शव: एमईए
वहीं, विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (खाड़ी क्षेत्र) असीम महाजन ने कहा, ओमान के सोहार शहर में हुई घटना में जिन दो भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी, उनके शव आज जयपुर में उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं। हम मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि दूतावास अस्पताल और कंपनी के संपर्क में है और घायलों की स्थिति पर नजर रख रहा है। किसी भी भारतीय की हालत गंभीर नहीं है।
उन्होंने बताया कि सेफसी विष्णु जहाज से जुड़ी घटना इराक के बसरा तट के पास हुई। हमारे अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और 15 भारतीय कर्मचारियों की सुरक्षित वापसी के लिए मदद कर रहे हैं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और वे फिलहाल बसरा के एक होटल में ठहरे हुए हैं।
उन्होंने बताया, वे इराकी अधिकारियों के साथ मिलकर उस भारतीय के शव को भी वापस लाने की प्रक्रिया कर रहे हैं, जिसकी इस घटना में मौत हो गई थी। पहले की घटनाओं में कुल पांच भारतीयों की मौत हो चुकी है और एक अभी लापता है। ओमान से दो शव आज भारत पहुंच चुके हैं। ओमान, इराक और यूएई में हमारे दूतावास लापता भारतीय की तलाश और बाकी तीन मृतकों के शवों को जल्द भारत लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?
एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ईरान और अन्य देशों के साथ हमारी बातचीत जारी है। जैसा कि हमारे विशेष सचिव ने बताया, कई जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में मौजूद हैं। हमारा इरादा ईरान और अन्य देशों के साथ मिलकर इन जहाजों को सुरक्षित वापस लाना है। यही हमारा उद्देश्य है और इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। मानवीय सहायता के संबंध में भी हम ईरान के साथ कई मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
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ब्रिक्स के रुख पर क्या कहा?
रणधीर जायसवाल ने कहा, ब्रिक्स की अध्यक्षता हमारे पास है। ब्रिक्स आपसी सहमति के आधार पर काम करता है। जैसा कि आप जानते हैं, इस समय चल रहे संघर्ष में ब्रिक्स के कई सदस्य शामिल हैं। इसी वजह से देशों के बीच अलग-अलग रुख को एक साथ लाना मुश्किल हो रहा है। लेकिन हम सभी पक्षों के साथ लगातार जुड़े हुए हैं और बातचीत कर रहे हैं।
विदेश मंत्री की ब्रसेल्स यात्रा पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप के अपने समकक्षों के साथ वैश्विक चुनौतियों, खासकर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की। यह बातचीत विदेश मामलों की परिषद की बैठक के दौरान हुई। प्रवक्ता जायसवाल ने आगे कहा, हमारे विदेश मंत्री ब्रसेल्स गए थे। उन्हें यूरोपीय संघ की शीर्ष प्रतिनिधि काजा कालास ने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद की बैठक में आमंत्रित किया था। इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के अलावा वैश्विक चुनौतियों, खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके ऊर्जा सुरक्षा पर असर पर चर्चा हुई। मंत्रियों ने इस संघर्ष को जल्द खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति की जरूरत पर जोर दिया।
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परिवार को सौंपे गए दो भारतीयों के शव: एमईए
वहीं, विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (खाड़ी क्षेत्र) असीम महाजन ने कहा, ओमान के सोहार शहर में हुई घटना में जिन दो भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी, उनके शव आज जयपुर में उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं। हम मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि दूतावास अस्पताल और कंपनी के संपर्क में है और घायलों की स्थिति पर नजर रख रहा है। किसी भी भारतीय की हालत गंभीर नहीं है।
उन्होंने बताया कि सेफसी विष्णु जहाज से जुड़ी घटना इराक के बसरा तट के पास हुई। हमारे अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और 15 भारतीय कर्मचारियों की सुरक्षित वापसी के लिए मदद कर रहे हैं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और वे फिलहाल बसरा के एक होटल में ठहरे हुए हैं।
उन्होंने बताया, वे इराकी अधिकारियों के साथ मिलकर उस भारतीय के शव को भी वापस लाने की प्रक्रिया कर रहे हैं, जिसकी इस घटना में मौत हो गई थी। पहले की घटनाओं में कुल पांच भारतीयों की मौत हो चुकी है और एक अभी लापता है। ओमान से दो शव आज भारत पहुंच चुके हैं। ओमान, इराक और यूएई में हमारे दूतावास लापता भारतीय की तलाश और बाकी तीन मृतकों के शवों को जल्द भारत लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
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