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Budget session: बजट सत्र के दौरान भी उठेगा मनरेगा और SIR का मुद्दा, विपक्ष ने तय की विरोध की रणनीति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 28 Jan 2026 03:52 PM IST
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सार

संसद के बजट सत्र में विपक्षी दलों ने नए मनरेगा कानून और एसआईआर के मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की रणनीति बनाई। विपक्ष के नेताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता के कक्ष में बैठक कर सत्र के दौरान संयुक्त प्रदर्शन का फैसला लिया।

MNREGA and SIR issues will be raised during the budget session as well  protest strategy decided
विपक्षी दलों के नेताओं का बैठक - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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संसद में बजट सत्र आज से शुरू है। इस दौरान विपक्षी दलों ने सत्र में नए मनरेगा कानून और एसआईआर के मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का निर्णय लिया। सूत्रों ने बताया कि कई विपक्षी दलों के नेताओं ने यहां राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में मुलाकात की। इसके साथ ही बजट सत्र के लिए विपक्ष की रणनीति पर चर्चा की।

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बजट पेश करने के समय में  विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया

नेताओं ने धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान और साथ ही केंद्रीय बजट की प्रस्तुति और उस पर बहस के दौरान भी विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। एआईसीसी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "विपक्ष मनरेगा की बहाली की मांग के लिए सभी लोकतांत्रिक साधनों का इस्तेमाल करेगा।" लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान नेताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन करने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि यह शर्म की बात है।

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उन्होंने कहा, “आज विपक्ष का जो रवैया रहा, वह देश के लिए शर्म की बात है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों को कभी माफ नहीं किया जाएगा। जब वंदे मातरम की 150वीं जयंती पर और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि दी जा रही थी, तब विपक्ष ने सदन में हंगामा किया और कार्यवाही बाधित की, जबकि देश को उनके बलिदानों को याद करना चाहिए था।” बैठक के दौरान टीएमसी और आप के नेता उपस्थित नहीं थे, जिसमें पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, एआईसीसी महासचिव रमेश और केसी वेणुगोपाल, डीएमके के टीआर बालू, शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत, समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान, आरजेडी के प्रेम चंद गुप्ता, सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास, सीपीआई के पी संदोष और आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन सहित अन्य लोग शामिल थे।

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सरकार ने इन मुद्दों पर दोबारा बहस करने से इनकार किया

विपक्ष की यह बैठक कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा संसद के बजट सत्र में मनरेगा और एसआईआर से संबंधित मुद्दों को उठाने के निर्णय के एक दिन बाद हुई है। वहीं, सरकार ने इन मुद्दों पर दोबारा बहस करने से इनकार कर दिया था। यह निर्णय मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित पार्टी के संसदीय रणनीति समूह की बैठक में लिया गया, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और खर्गे भी उपस्थित थे।

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