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Manipur violence: मणिपुर में असम राइफल्स कैंप पर भीड़ का हमला, तीन वाहन फूंके; तलाशी अभियान के बाद भड़की हिंसा
Wed, 15 Jul 2026 11:33 AM IST
Pavan
पीटीआई, इंफाल/सेनापति
पीटीआई, इंफाल/सेनापति
Published by: Pavan
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:33 AM IST
सार
मणिपुर के सेनापति जिले में तलाशी अभियान के बाद हिंसा भड़क गई। मंगलवार रात एक भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप पर पथराव कर तोड़फोड़ की और सुरक्षा बलों के तीन वाहनों में आग लगा दी। असम राइफल्स ने बताया कि अभियान खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया था। मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला।
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मणिपुर में असम राइफल्स के कैंप पर हमला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मणिपुर के सेनापति जिले में असम राइफल्स के एक कैंप पर मंगलवार रात हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया। भीड़ ने कैंप पर पथराव किया, तोड़फोड़ की और सुरक्षा बलों के तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। यह घटना उस तलाशी अभियान के कुछ घंटे बाद हुई, जिसे असम राइफल्स ने विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया था। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के अनुसार, असम राइफल्स को सूचना मिली थी कि माकुइलोंगदी इलाके में हथियारबंद उग्रवादी मौजूद हैं। यह स्थान एनएससीएन (आईएम) के ओकलोंग स्थित निर्धारित कैंप से करीब दो किलोमीटर पश्चिम में है। इसी सूचना के आधार पर इलाके में गश्त और तलाशी अभियान शुरू किया गया।
यह भी पढ़ें- यौन अपराध: सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के फैसले पर जताई नाराजगी, न्यायिक संवेदनशीलता पर कही यह बात
संघर्षविराम नियमों के उल्लंघन की सूचना
अधिकारियों ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला था कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे थे। इसे संघर्षविराम (सीजफायर) के नियमों का उल्लंघन माना गया। इस संबंध में सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप (सीएफएमजी) को भी औपचारिक रूप से जानकारी दी गई थी।
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ग्रामीणों ने रोका तलाशी अभियान
वहीं, तलाशी अभियान के दौरान जब असम राइफल्स की टीम माकुइलोंगदी और ओकलोंग गांवों की ओर बढ़ी, तब स्थानीय लोगों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, ने जवानों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
रात में कैंप पर हमला
अधिकारियों के मुताबिक, रात करीब नौ बजे खबर मिली कि सेनापति शहर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं और असम राइफल्स कैंप की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों की टीम तलाशी अभियान से वापस लौट आई। इसके बावजूद रात करीब 9:30 बजे बड़ी भीड़ कैंप तक पहुंच गई और पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने कैंप की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ आगजनी की भी कोशिश की।
तीन वाहन क्षतिग्रस्त, एक नागरिक की कार भी जली
हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई। इसके अलावा दो ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई।
यह भी पढ़ें- Maharashtra: फडणवीस के घर आधी रात की सियासी मुलाकात, क्या महाराष्ट्र में बदलने वाला है सत्ता का समीकरण?
पुलिस और सीआरपीएफ ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने पर असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया। इसके बाद सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की अतिरिक्त टीमें मौके पर भेजी गईं, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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संघर्षविराम नियमों के उल्लंघन की सूचना
अधिकारियों ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला था कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे थे। इसे संघर्षविराम (सीजफायर) के नियमों का उल्लंघन माना गया। इस संबंध में सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप (सीएफएमजी) को भी औपचारिक रूप से जानकारी दी गई थी।
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ग्रामीणों ने रोका तलाशी अभियान
वहीं, तलाशी अभियान के दौरान जब असम राइफल्स की टीम माकुइलोंगदी और ओकलोंग गांवों की ओर बढ़ी, तब स्थानीय लोगों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, ने जवानों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
रात में कैंप पर हमला
अधिकारियों के मुताबिक, रात करीब नौ बजे खबर मिली कि सेनापति शहर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं और असम राइफल्स कैंप की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों की टीम तलाशी अभियान से वापस लौट आई। इसके बावजूद रात करीब 9:30 बजे बड़ी भीड़ कैंप तक पहुंच गई और पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने कैंप की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ आगजनी की भी कोशिश की।
तीन वाहन क्षतिग्रस्त, एक नागरिक की कार भी जली
हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई। इसके अलावा दो ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई।
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पुलिस और सीआरपीएफ ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने पर असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया। इसके बाद सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की अतिरिक्त टीमें मौके पर भेजी गईं, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।