सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mukesh Ambani helped Anil ambani to pay 550 crore to Ericsson

अनिल अंबानी ने चुकाया एरिक्सन का बकाया, बड़े भाई मुकेश अंबानी ने की मदद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अजय सिंह Updated Tue, 19 Mar 2019 07:48 AM IST
विज्ञापन
Mukesh Ambani helped Anil ambani to pay 550 crore to Ericsson
मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी (फाइल फोटो)
विज्ञापन

रिलायंस कम्युनिकेशंस के चेयरमैन अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन पूरी होने के एक दिन पहले एरिक्सन का बकाया चुका खुद को जेल जाने से बचा लिया। आरकॉम ने सोमवार को टेलीकॉम उपकरण निर्माता स्वीडिश कंपनी एरिक्सन को 458.77 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान कर दिया है। इस राशि में जुर्माना और ब्याज की रकम भी शामिल है। शीर्ष अदालत ने 19 फरवरी को अपने आदेश में कहा था कि अनिल अंबानी को चार सप्ताह के भीतर पूरी रकम चुकानी होगी, वरना उन्हें तीन महीने के लिए जेल भेज दिया जाएगा। एरिक्सन के साथ बकाया भुगतान मामले में उन्हें अदालत की अवमानना का भी दोषी पाया गया था। 



अनिल अंबानी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, 4 सप्ताह में चुकाएं पैसे नहीं तो जाएं जेल
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, आरकॉम के चेयरमैन अनिल अंबानी ने संकट की इस घड़ी में मदद के लिए अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी, भाभी नीता अंबानी को धन्यवाद दिया। अनिल अंबानी ने कहा, 'संकट की इस घड़ी में मेरे साथ खड़े रहने के लिए मैं अपने बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता को धन्यवाद कहता हूं। ऐसे मौके पर मदद करके उन्होंने यह दिखाया कि अपने पारिवारिक मूल्यों के प्रति और अपने पारिवारिक मूल्यों के प्रति सच्चाई के साथ खड़े रहना कितना जरूरी है। मैं और मेरा परिवार खुश हैं कि हम पुरानी बातों से आगे निकल आए हैं और बड़े भाई के इस कदम के आभारी हैं।' 
विज्ञापन

 


सुप्रीम कोर्ट ने दी थी चेतावनी 
 

20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के अध्यक्ष अनिल अंबानी को जानबूझ कर उसके आदेश का उल्लंघन करने और टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन को 550 करोड़ रुपए बकाए का भुगतान नहीं करने पर अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अंबानी, रिलायंस टेलीकॉम के अध्यक्ष सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल की अध्यक्ष छाया विरानी ने न्यायालय में दिये गये आश्वासनों और इससे जुड़े आदेशों का उल्लंघन किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अंबानी और अन्य को अवमानना से बचने के लिए एरिक्सन को चार सप्ताह में 453 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन और न्यायमूर्ति विनीत शरण की पीठ ने कहा कि अगर वे निर्धारित समय में भुगतान नहीं करते तो उन्हें तीन महीने जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि रिलायंस टेलीकॉम और रिलायंस इंफ्राटेल दोनों को चार सप्ताह में सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री में एक-एक करोड़ रुपये जमा करें नहीं तो अध्यक्ष को एक महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।

 

एरिक्सन ने की पुष्टि

एरिक्सन के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी कंपनी को बकाए के रूप में शेष 458.77 करोड़ रुपये का भुगतान आरकॉम की ओर से किया जा चुका है। आरकॉम पर कुल 571 करोड़ का बकाया था, जिसमें से 550 करोड़ रुपये वनटाइम सेटलमेंट के और 21 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में जुड़े थे। आरकॉम पहले ही एरिक्सन को 118 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी थी। 

छह साल पुराना विवाद 

आरकॉम का टेलीकॉम नेटवर्क संभालने के लिए एरिक्सन ने 2014 में कंपनी के साथ सात साल का करार किया था। बाद में एरिक्सन ने आरोप लगाया कि आरकॉम ने उसके 1,500 करोड़ रुपये नहीं चुकाए हैं। 2018 में दिवालिया प्रक्रिया के तहत एरिक्सन महज 550 करोड़ रुपये में मामले को निपटाने पर राजी हो गया, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर तक आरकॉम को भुगतान का निर्देश दिया था। हालांकि, कंपनी इस डेडलाइन तक सिर्फ 118 करोड़ रुपये दे सकी थी।

मुश्किल अभी खत्म नहीं

एरिक्सन से छुटकारा पाने वाले अनिल अंबानी की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। सरकार टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने भी उनके खिलाफ एनसीएलटी जाने की तैयारी में है। निगम ने कहा है कि वह इसी सप्ताह आरकॉम पर बकाया 700 करोड़ वसूलने के लिए कंपनी ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed