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Mumbai: 90 साल के बुजुर्ग को 7 महीने 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 1.57 करोड़ ठगे, अखबार में खबर पढ़ी तो खुली आंखें

Sat, 01 Aug 2026 11:40 AM IST
Sunil Mehrotra सुनील मेहरोत्रा
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:40 AM IST
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mumbai cyber crime old man digital arrest for seven month scammed crores
डिजिटल अरेस्ट - फोटो : अमर उजाला
मुंबई में साइबर ठगों ने 90 वर्षीय एक बुजुर्ग को सात महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 1.57 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इस सनसनीखेज मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि पीड़ित को अपने साथ हुई करोड़ों रुपये की ठगी का अहसास तब हुआ जब उन्होंने अखबार में डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी एक खबर पढ़ी। खबर पढ़ते ही उन्हें महसूस हुआ कि वे किसी सरकारी जांच का हिस्सा नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों के जाल में फंस चुके हैं। तब तक वे अपनी जीवनभर की जमा पूंजी गंवा चुके थे।
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क्या है पूरा मामला?
नवी मुंबई के नेरुल निवासी बुजुर्ग अपनी पत्नी के साथ रहते हैं, जबकि उनके बच्चे अमेरिका में रहते हैं। अकेलेपन का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने 12 जनवरी से 30 जुलाई के बीच उन्हें लगातार डिजिटल अरेस्ट में रखा। आरोपियों ने खुद को दूरसंचार विभाग और मुंबई पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी बताकर संपर्क किया। एक आरोपी ने अपना नाम राम मोहन, दूसरे ने चर्चित पुलिस अधिकारी दया नायक बताकर भरोसा जीतने की कोशिश की, जबकि दीपाली नाम की महिला भी इस गिरोह का हिस्सा थी।
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ठगों ने बुजुर्ग से कहा कि उनका नाम अवैध लेन-देन के मामले में सामने आया है और उनके बैंक खातों की जांच चल रही है। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने फर्जी सरकारी नोटिस भेजे और एक नकली सरकारी वेबसाइट भी दिखाई। इसके बाद दंपती को धमकाया गया कि वे सरकारी निगरानी में हैं, इसलिए घर से बाहर नहीं निकल सकते और किसी को भी इस कार्रवाई की जानकारी नहीं दे सकते। आरोपी दिन-रात व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के जरिए उन पर नजर रखते रहे और लगातार मानसिक दबाव बनाते रहे।
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अखबार में खबर पढ़कर हुआ ठगी का अहसास
डर और तनाव के माहौल में बुजुर्ग ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट तक तुड़वा दीं। ठगों के निर्देश पर उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.57 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। करीब सात महीने बाद जब उन्होंने अखबार में डिजिटल अरेस्ट के जरिए होने वाली ठगी पर प्रकाशित एक खबर पढ़ी, तब उन्हें समझ आया कि उनका किस्सा भी अखबार में छपी खबर से मिलता जुलता है और वह खुद साइबर ठगों के शिकार बन चुके हैं। इसके बाद उन्होंने नवी मुंबई साइबर पुलिस से संपर्क किया।


पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस  ने बताया कि जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई है, उनके लेन-देन का विश्लेषण किया जा रहा है और साइबर ठगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।
 
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