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मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक विवाद: AI से फर्जी तस्वीरें-वीडियो वायरल करने पर केस, सरकार की छवि बिगाड़ने का आरोप
Thu, 16 Jul 2026 03:55 PM IST
Pavan
सुनील मेहरोत्रा, अमर उजाला, मुंबई
सुनील मेहरोत्रा, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Pavan
Updated Thu, 16 Jul 2026 03:55 PM IST
सार
मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना को लेकर एआई से कथित फर्जी फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में मुंबई में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि इन फर्जी सामग्री के जरिए प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सरकार की छवि खराब करने की साजिश रची गई।
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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
करीब 15 दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश के दौरान 7,000 करोड़ रुपये के मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों, वीडियो और रील्स के मामले में महाराष्ट्र साइबर सेल ने मुंबई में एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इनमें से कई पोस्ट फर्जी थीं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से तैयार की गई थीं। एफआईआर के मुताबिक इन पोस्टों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की छवि खराब करने के साथ लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई।
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यह कार्रवाई भाजपा के एक पदाधिकारी की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता दीपक म्हापदी नरीमन प्वाइंट स्थित भाजपा कार्यालय में सोशल मीडिया का काम देखते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान उन्हें मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट से जुड़ी कई भ्रामक और फर्जी पोस्ट मिलीं। उनका आरोप है कि इनका उद्देश्य लोगों में भ्रम फैलाना और सरकार के साथ-साथ इस सार्वजनिक परियोजना की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
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शिकायत में कई इंस्टाग्राम अकाउंट का जिक्र किया गया है। आरोप है कि एक रील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। दूसरी पोस्ट में एक्सप्रेसवे पर गड्ढे दिखाने वाली फर्जी तस्वीरें साझा की गईं। एक अन्य अकाउंट पर एआई की मदद से एक्सप्रेसवे का फर्जी वीडियो बनाकर पोस्ट करने का आरोप है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक पोस्ट में मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस की तस्वीर का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ ग्राफिक साझा किया गया।
महाराष्ट्र साइबर सेल ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत जालसाजी, फर्जी खबर फैलाने, मानहानि, लोगों के बीच तनाव पैदा करने और अन्य संबंधित आरोपों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि हाल ही में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन के बाद एहतियात के तौर पर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक के एक हिस्से को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस प्रोजेक्ट से जुड़े कई फोटो, वीडियो और रील्स तेजी से वायरल हुए थे।
यह भी पढ़ें- Indian Navy: कोच्चि में 'ऑपरेशन सदर्न रेडिनेस 26-2'; नौसेना करेगी मेजबानी, कितने देशों के नौसैनिक होंगे शामिल?
उसी दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि महाराष्ट्र के विकास कार्यों को बदनाम करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी टिप्पणी की थी कि 'जिन्हें कुत्ते भी नहीं पूछते, वे भी सरकार और मुख्यमंत्री को बदनाम करने में लगे हैं।' अब दर्ज हुई इस एफआईआर को मुख्यमंत्री के उस बयान के बाद की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
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यह कार्रवाई भाजपा के एक पदाधिकारी की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता दीपक म्हापदी नरीमन प्वाइंट स्थित भाजपा कार्यालय में सोशल मीडिया का काम देखते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान उन्हें मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट से जुड़ी कई भ्रामक और फर्जी पोस्ट मिलीं। उनका आरोप है कि इनका उद्देश्य लोगों में भ्रम फैलाना और सरकार के साथ-साथ इस सार्वजनिक परियोजना की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
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शिकायत में कई इंस्टाग्राम अकाउंट का जिक्र किया गया है। आरोप है कि एक रील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। दूसरी पोस्ट में एक्सप्रेसवे पर गड्ढे दिखाने वाली फर्जी तस्वीरें साझा की गईं। एक अन्य अकाउंट पर एआई की मदद से एक्सप्रेसवे का फर्जी वीडियो बनाकर पोस्ट करने का आरोप है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक पोस्ट में मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस की तस्वीर का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ ग्राफिक साझा किया गया।
महाराष्ट्र साइबर सेल ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत जालसाजी, फर्जी खबर फैलाने, मानहानि, लोगों के बीच तनाव पैदा करने और अन्य संबंधित आरोपों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि हाल ही में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन के बाद एहतियात के तौर पर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक के एक हिस्से को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस प्रोजेक्ट से जुड़े कई फोटो, वीडियो और रील्स तेजी से वायरल हुए थे।
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