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Indian Navy: कोच्चि में 'ऑपरेशन सदर्न रेडिनेस 26-2'; नौसेना करेगी मेजबानी, कितने देशों के नौसैनिक होंगे शामिल?
Thu, 16 Jul 2026 03:36 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 16 Jul 2026 03:36 PM IST
सार
भारतीय नौसेना 20 से 23 जुलाई तक कोच्चि में बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 'ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2' की मेजबानी करेगी। इस कार्यक्रम में 40 से अधिक देशों की कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज के सैनिक संयुक्त रूप से समुद्री सुरक्षा और विशेष व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
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भारतीय नौसेना (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
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विस्तार
कोच्चि में भारतीय नौसेना एक बड़े सैन्य अभ्यास की मेजबानी करने जा रही है। रक्षा प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि दक्षिणी नौसेना कमान 20 से 23 जुलाई तक 'ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2' का आयोजन करेगी। यह चार दिनों का एक बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है। भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाले कंबाइंड टास्क फोर्स 154 (CTF 154) के तहत कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) की साझेदारी में इसका आयोजन हो रहा है।
समुद्री सुरक्षा और आपसी सहयोग पर जोर
इस कार्यक्रम में कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) के साझेदार देशों के सैनिक और अधिकारी हिस्सा लेंगे। CMF 40 से अधिक देशों का एक बहुराष्ट्रीय समुद्री संगठन है। भारतीय नौसेना इसके साथ मिलकर क्षेत्रीय क्षमता निर्माण और सामूहिक समुद्री सुरक्षा में लगातार अपना योगदान दे रही है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा के लिए पेशेवर प्रशिक्षण देना, व्यावहारिक अनुभव साझा करना और बेहतरीन तौर-तरीकों का आदान-प्रदान करना है।
प्रशिक्षण में शामिल होंगे ये मुख्य विषय
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्लासरूम की पढ़ाई, सिम्युलेटर पर आधारित ट्रेनिंग और व्यावहारिक अनुभव को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इनमें समुद्री कानून, समुद्री क्षेत्र की जागरूकता और सूचना साझा करना, नशीली दवाओं की तस्करी रोकना, बल संरक्षण, विषम खतरे और समुद्री मानवरहित प्रणालियां (Uncrewed Systems) शामिल हैं।
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व्यावहारिक और जहाज पर प्रशिक्षण
प्रतिभागियों को नुकसान नियंत्रण (डैमेज कंट्रोल) और आग बुझाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें समुद्री संचार, समुद्र में जीवन रक्षा, जहाजों पर चढ़ने की प्रक्रिया (बोर्डिंग प्रोसीजर) और भारतीय नौसेना के जहाज पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।
ये भी पढ़ें: 'लोकतंत्र में सवाल पूछना बंद न हो': जान दांव पर लगी हो तो सरकार चुप क्यों? वांगचुक के समर्थन में बोले सिब्बल
भारतीय नौसेना की बढ़ती साख
यह आयोजन भारतीय नौसेना के आधुनिक प्रशिक्षण ढांचे, उन्नत सिम्युलेटरों और पेशेवर विशेषज्ञता को प्रदर्शित करेगा। सैद्धांतिक शिक्षा और व्यावहारिक अनुप्रयोग के इस तालमेल से भागीदार देशों के बीच आपसी तालमेल और सहयोग बढ़ेगा। प्रवक्ता ने कहा, इस कार्यक्रम का आयोजन बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण में भारतीय नौसेना के बढ़ते योगदान को दिखाता है। इससे दक्षिणी नौसेना कमान की पहचान एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।
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समुद्री सुरक्षा और आपसी सहयोग पर जोर
इस कार्यक्रम में कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) के साझेदार देशों के सैनिक और अधिकारी हिस्सा लेंगे। CMF 40 से अधिक देशों का एक बहुराष्ट्रीय समुद्री संगठन है। भारतीय नौसेना इसके साथ मिलकर क्षेत्रीय क्षमता निर्माण और सामूहिक समुद्री सुरक्षा में लगातार अपना योगदान दे रही है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा के लिए पेशेवर प्रशिक्षण देना, व्यावहारिक अनुभव साझा करना और बेहतरीन तौर-तरीकों का आदान-प्रदान करना है।
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प्रशिक्षण में शामिल होंगे ये मुख्य विषय
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्लासरूम की पढ़ाई, सिम्युलेटर पर आधारित ट्रेनिंग और व्यावहारिक अनुभव को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इनमें समुद्री कानून, समुद्री क्षेत्र की जागरूकता और सूचना साझा करना, नशीली दवाओं की तस्करी रोकना, बल संरक्षण, विषम खतरे और समुद्री मानवरहित प्रणालियां (Uncrewed Systems) शामिल हैं।
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व्यावहारिक और जहाज पर प्रशिक्षण
प्रतिभागियों को नुकसान नियंत्रण (डैमेज कंट्रोल) और आग बुझाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें समुद्री संचार, समुद्र में जीवन रक्षा, जहाजों पर चढ़ने की प्रक्रिया (बोर्डिंग प्रोसीजर) और भारतीय नौसेना के जहाज पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।
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भारतीय नौसेना की बढ़ती साख
यह आयोजन भारतीय नौसेना के आधुनिक प्रशिक्षण ढांचे, उन्नत सिम्युलेटरों और पेशेवर विशेषज्ञता को प्रदर्शित करेगा। सैद्धांतिक शिक्षा और व्यावहारिक अनुप्रयोग के इस तालमेल से भागीदार देशों के बीच आपसी तालमेल और सहयोग बढ़ेगा। प्रवक्ता ने कहा, इस कार्यक्रम का आयोजन बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण में भारतीय नौसेना के बढ़ते योगदान को दिखाता है। इससे दक्षिणी नौसेना कमान की पहचान एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।