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मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स मामला: दिल्ली के व्यवसायी ने नाइट क्लबों में लगाए ड्रग्स से कमाए पैसे, ईडी ने लगाया आरोप
Fri, 26 Jun 2026 02:13 AM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:13 AM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय ने 2021 के चर्चित मुंद्रा बंदरगाह मादक पदार्थ बरामदगी मामले में कारोबारी हरप्रीत सिंह तलवार के खिलाफ धनशोधन की जांच तेज कर दी है। एजेंसी का आरोप है कि अवैध मादक पदार्थों से जुड़े धन का इस्तेमाल दिल्ली के कई नाइट क्लबों में निवेश के लिए किया गया। जांच के दौरान कई स्थानों पर तलाशी ली गई और संपत्तियों व वाहनों को भी जब्त किया गया।
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मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स मामला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को आरोप लगाया कि 2021 के मुंद्रा बंदरगाह मादक पदार्थ बरामदगी मामले में गिरफ्तार दिल्ली के कारोबारी हरप्रीत सिंह तलवार ने ड्रग्स से अर्जित धन का निवेश राष्ट्रीय राजधानी के कई नाइट क्लबों में किया। ईडी ने बुधवार को हरप्रीत सिंह तलवार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले दिल्ली में उनके और कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर छापेमारी की गई।
धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज ईडी का मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की उस शिकायत पर आधारित है, जो सितंबर 2021 में गुजरात के कच्छ जिले के मुंद्रा बंदरगाह से 2,988.21 किलोग्राम अफगानिस्तान मूल की हेरोइन जब्त किए जाने के बाद दर्ज की गई थी।
21 हजार करोड़ की ड्रग्स का मामला
यह खेप अंतरराष्ट्रीय अवैध मादक पदार्थ बाजार में करीब 21,000 करोड़ रुपये की बताई गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह खेप ईरान के रास्ते भारत पहुंची थी और इसे अर्द्ध-प्रसंस्कृत टैल्क पत्थरों की वैध खेप के रूप में छिपाकर आयात किया गया था। तलवार दिल्ली के कुछ नाइट क्लबों के पूर्व प्रमोटर रहे हैं। उन्हें एनआईए ने अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया था और अप्रैल में उन्हें जमानत मिली थी।
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एनआईए का आरोप है कि तलवार ने विदेश में बैठे संचालक वितायश कोसर उर्फ राजू दुबई के साथ मिलकर अर्द्ध-प्रसंस्कृत टैल्क के आयात की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी की। ईडी ने दावा किया कि तस्करी गिरोह के लिए सेवाएं देने के बदले तलवार को विदेश से लाए गए सूखे मेवे, इत्र और अन्य सामान बिना किसी भुगतान के "वस्तु के रूप में" दिए जाते थे।
नाइट क्लबों में निवेश से मनी लॉन्ड्रिंग का खेल
एजेंसी के अनुसार, तलवार को मादक पदार्थों की बिक्री से प्राप्त रकम में से आंशिक भुगतान नकद भी किया जाता था। ईडी ने आरोप लगाया कि कारोबारी ने 1.65 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का लेन-देन किया। एजेंसी का आरोप है कि तलवार और उसके सहयोगियों ने इस धन का निवेश दिल्ली के कई नाइट क्लबों में किया।
ईडी के अनुसार, तलवार ने अपनी कारोबारी इकाइयों के शेयर अपने सहयोगी मचेरी परंबा शमसुद्दीन उर्फ सुहैल अहमद को हस्तांतरित किए, जिसने बाद में इस धन का निवेश दिल्ली के कुछ अन्य नाइट क्लबों में किया। ईडी ने बताया कि गुरुवार को समाप्त हुई तलाशी कार्रवाई के दौरान चार वाहन भी जब्त किए गए।
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धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज ईडी का मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की उस शिकायत पर आधारित है, जो सितंबर 2021 में गुजरात के कच्छ जिले के मुंद्रा बंदरगाह से 2,988.21 किलोग्राम अफगानिस्तान मूल की हेरोइन जब्त किए जाने के बाद दर्ज की गई थी।
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21 हजार करोड़ की ड्रग्स का मामला
यह खेप अंतरराष्ट्रीय अवैध मादक पदार्थ बाजार में करीब 21,000 करोड़ रुपये की बताई गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह खेप ईरान के रास्ते भारत पहुंची थी और इसे अर्द्ध-प्रसंस्कृत टैल्क पत्थरों की वैध खेप के रूप में छिपाकर आयात किया गया था। तलवार दिल्ली के कुछ नाइट क्लबों के पूर्व प्रमोटर रहे हैं। उन्हें एनआईए ने अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया था और अप्रैल में उन्हें जमानत मिली थी।
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एनआईए का आरोप है कि तलवार ने विदेश में बैठे संचालक वितायश कोसर उर्फ राजू दुबई के साथ मिलकर अर्द्ध-प्रसंस्कृत टैल्क के आयात की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी की। ईडी ने दावा किया कि तस्करी गिरोह के लिए सेवाएं देने के बदले तलवार को विदेश से लाए गए सूखे मेवे, इत्र और अन्य सामान बिना किसी भुगतान के "वस्तु के रूप में" दिए जाते थे।
नाइट क्लबों में निवेश से मनी लॉन्ड्रिंग का खेल
एजेंसी के अनुसार, तलवार को मादक पदार्थों की बिक्री से प्राप्त रकम में से आंशिक भुगतान नकद भी किया जाता था। ईडी ने आरोप लगाया कि कारोबारी ने 1.65 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का लेन-देन किया। एजेंसी का आरोप है कि तलवार और उसके सहयोगियों ने इस धन का निवेश दिल्ली के कई नाइट क्लबों में किया।
ईडी के अनुसार, तलवार ने अपनी कारोबारी इकाइयों के शेयर अपने सहयोगी मचेरी परंबा शमसुद्दीन उर्फ सुहैल अहमद को हस्तांतरित किए, जिसने बाद में इस धन का निवेश दिल्ली के कुछ अन्य नाइट क्लबों में किया। ईडी ने बताया कि गुरुवार को समाप्त हुई तलाशी कार्रवाई के दौरान चार वाहन भी जब्त किए गए।