{"_id":"6a0eec7d5e839dc0490af071","slug":"murder-convict-parole-jumper-turned-bollywood-actor-arrested-ahmedabad-gujarat-crime-branch-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 साल बाद पैरोल जंपर गिरफ्तार: हत्यारा बन गया बॉलीवुड एक्टर, अमिताभ बच्चन और रणवीर सिंह के साथ की फिल्में","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
12 साल बाद पैरोल जंपर गिरफ्तार: हत्यारा बन गया बॉलीवुड एक्टर, अमिताभ बच्चन और रणवीर सिंह के साथ की फिल्में
पीटीआई, अहमदाबाद।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 21 May 2026 04:59 PM IST
विज्ञापन
सार
कानून की आंखों पर पट्टी बंधी हो सकती है, लेकिन उसके हाथ हमेशा लंबे होते हैं। एक हत्यारा पहचान बदलकर देश के सबसे बड़े फिल्म अभिनेताओं के साथ स्क्रीन साझा करता रहा और पुलिस अनभिज्ञ रही। यह व्यवस्था की सतर्कता पर एक बड़ा सवालिया निशान है, जिसका अंत आखिरकार सलाखों के पीछे ही हुआ। क्या है पूरा मामला? विस्तार से जानिए...
12 साल बाद हत्यारे की हुई गिरफ्तारी
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फिल्मी अंदाज में एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं है। साल 2005 के एक हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी 2014 में पैरोल मिलने पर फरार हो गया था। इसके बाद उसने अपनी पहचान बदली और सीधे मायानगरी मुंबई पहुंच गया। वहां उसने यशराज फिल्म्स जैसी बड़ी प्रोडक्शन कंपनियों की फिल्मों, वेब सीरीज और नाटकों में सहायक अभिनेता के रूप में काम करना शुरू कर दिया। आरोपी पिछले 10 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर बड़े-बड़े सुपरस्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर कर रहा था। आखिरकार क्राइम ब्रांच ने उसे अहमदाबाद के एक मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
अमिताभ-आमिर और रणवीर की फिल्मों में किया काम
पुलिस की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 53 वर्षीय आरोपी हेमंत मोदी ने भागने के बाद पूरी तरह से अपना नाम और पहचान बदल ली थी। इसके बाद वह हिंदी और गुजराती मनोरंजन उद्योग में सक्रिय हो गया। उसने अमिताभ बच्चन और आमिर खान स्टारर 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' और रणवीर सिंह की 'जयेशभाई जोरदार' जैसी बड़ी बॉलीवुड फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाईं। फिल्मों के अलावा, वह 'युगपुरुष' और 'गांधी विरुद्ध गोडसे' जैसे प्रसिद्ध नाटकों में भी मंच पर अभिनय कर रहा था। इतनी बड़ी सार्वजनिक उपस्थिति के बावजूद वह कानून से बचने में सफल रहा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: पंजाबी सिंगर का मर्डर: प्यार में धोखा और सच सामने आने पर इंस्टाग्राम की दोस्ती का खूनी अंत; नेपाल रूट की कहानी
अहमदाबाद मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने मूल निवास स्थान अहमदाबाद के नरोदा के बजाय घीकांटा मेट्रो स्टेशन के पास देखा गया है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा। दरअसल, साल 2005 में अहमदाबाद में ही उसके खिलाफ हत्या, दंगा भड़काने और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद उसे दोषी ठहराते हुए मेहसाणा जिला जेल में उम्रकैद की सजा भुगतने के लिए भेजा गया था।
2014 में मिली थी 30 दिनों की पैरोल
साल 2014 में गुजरात हाईकोर्ट ने हेमंत मोदी को 30 दिनों की पैरोल मंजूर की थी। अवधि समाप्त होने के बाद उसे जेल में सरेंडर करना था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। जुलाई 2014 में हाईकोर्ट ने उसे आधिकारिक तौर पर 'पैरोल जंपर' घोषित कर दिया था। उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना), 147 और 148 (दंगा), 149 (गैरकानूनी विधानसभा), 120 (बी) (अपराधिक साजिश) और बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 135(1) के तहत मामले दर्ज थे। अब पुलिस उसे बाकी की सजा काटने के लिए दोबारा मेहसाणा जेल भेजेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमिताभ-आमिर और रणवीर की फिल्मों में किया काम
पुलिस की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 53 वर्षीय आरोपी हेमंत मोदी ने भागने के बाद पूरी तरह से अपना नाम और पहचान बदल ली थी। इसके बाद वह हिंदी और गुजराती मनोरंजन उद्योग में सक्रिय हो गया। उसने अमिताभ बच्चन और आमिर खान स्टारर 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' और रणवीर सिंह की 'जयेशभाई जोरदार' जैसी बड़ी बॉलीवुड फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाईं। फिल्मों के अलावा, वह 'युगपुरुष' और 'गांधी विरुद्ध गोडसे' जैसे प्रसिद्ध नाटकों में भी मंच पर अभिनय कर रहा था। इतनी बड़ी सार्वजनिक उपस्थिति के बावजूद वह कानून से बचने में सफल रहा।
Trending Videos
यह भी पढ़ें: पंजाबी सिंगर का मर्डर: प्यार में धोखा और सच सामने आने पर इंस्टाग्राम की दोस्ती का खूनी अंत; नेपाल रूट की कहानी
अहमदाबाद मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने मूल निवास स्थान अहमदाबाद के नरोदा के बजाय घीकांटा मेट्रो स्टेशन के पास देखा गया है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा। दरअसल, साल 2005 में अहमदाबाद में ही उसके खिलाफ हत्या, दंगा भड़काने और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद उसे दोषी ठहराते हुए मेहसाणा जिला जेल में उम्रकैद की सजा भुगतने के लिए भेजा गया था।
2014 में मिली थी 30 दिनों की पैरोल
साल 2014 में गुजरात हाईकोर्ट ने हेमंत मोदी को 30 दिनों की पैरोल मंजूर की थी। अवधि समाप्त होने के बाद उसे जेल में सरेंडर करना था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। जुलाई 2014 में हाईकोर्ट ने उसे आधिकारिक तौर पर 'पैरोल जंपर' घोषित कर दिया था। उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना), 147 और 148 (दंगा), 149 (गैरकानूनी विधानसभा), 120 (बी) (अपराधिक साजिश) और बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 135(1) के तहत मामले दर्ज थे। अब पुलिस उसे बाकी की सजा काटने के लिए दोबारा मेहसाणा जेल भेजेगी।