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NAI: राष्ट्रीय अभिलेखागार में नहीं तीन बड़े युद्धों और हरित क्रांति का रिकॉर्ड, एनएआई महानिदेशक ने बताई ये वजह

Sun, 25 Dec 2022 07:03 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 25 Dec 2022 07:03 PM IST
सार

एनएआई केवल भारत सरकार और उसके संगठनों के रिकॉर्ड रखता है और उनका संरक्षण करता है। इसे वर्गीकृत दस्तावेज प्राप्त नहीं होते हैं। सिन्हा ने कहा, सरकार में रिकॉर्ड प्रबंधन सुशासन का एक आवश्यक पहलू है।

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NAI has no records of 1962 1965 and 1971 wars DG laments various ministries not sharing records
एनएआई के महानिदेशक चंदन सिन्हा - फोटो : ट्विटर/डीएआरपीजी, भारत सरकार

भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार (एनएआई) के पास 1962, 1965 और 1971 के युद्धों और हरित क्रांति के रिकॉर्ड नहीं हैं। इसके पीछे की वजह यह है कि कई केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों ने इसके साथ अपने रिकॉर्ड साझा नहीं किए हैं। यह बात एनएआई के महानिदेशक चंदन सिन्हा ने शुक्रवार को  कही। 



एनएआई केवल भारत सरकार और उसके संगठनों के रिकॉर्ड रखता है और उनका संरक्षण करता है। इसे वर्गीकृत दस्तावेज प्राप्त नहीं होते हैं। सिन्हा ने कहा, सरकार में रिकॉर्ड प्रबंधन सुशासन का एक आवश्यक पहलू है। उन्होंने कहा, कई मंत्रालय हैं जिन्होंने आजादी के बाद से एनएआई के साथ अपने रिकॉर्ड साझा नहीं किए हैं। 

एनएआई के पास केवल 64 एजेंसियों के रिकॉर्ड : सिन्हा

NAI has no records of 1962 1965 and 1971 wars DG laments various ministries not sharing records
सुशासन सप्ताह - फोटो : ट्विटर/डीएआरपीजी, भारत सरकार

एनएआई के महानिदेशक ने शुक्रवार को प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग की ओर से आयोजित सुशासन कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि कुल 151 मंत्रालय और विभाग हैं। एनएआई के पास केवल 64 एजेंसियों का रिकॉर्ड है, जिसमें 36 मंत्रालय और विभाग शामिल हैं। 


 
NAI has no records of 1962 1965 and 1971 wars DG laments various ministries not sharing records
भारत का राष्ट्रीय अभिलेखागार - फोटो : सोशल मीडिया

अभिलेखागार में 1962, 1965 और 1971 युद्ध का रिकॉर्ड नहीं
उन्होंने कहा, इसका क्या मतलब है, इसका मतलब है कि हमारे पास भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में हरित क्रांति या 1962, 1965 और 1971 के युद्ध में महान विजय का कोई रिकॉर्ड नहीं है। सिन्हा ने कहा, कुछ क्षेत्रों में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें आपके साथ साझा करते हुए मुझे बहुत दुख हो रहा है कि हमारे पास कोई रिकॉर्ड नहीं हैं। हम इतिहास को भरोसे में नहीं रख रहे हैं। वास्तव में जिस सवाल का हमें सामना करना चाहिए, वह यह है कि क्या हम आजादी के बाद से अपने इतिहास के एक हिस्से का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। 


 
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NAI has no records of 1962 1965 and 1971 wars DG laments various ministries not sharing records
National Archives of India - फोटो : Wikipedia Commons

1960 तक की 20 हजार फाइलों को किया ट्रांसफर
उन्होंने यह भी बताया कि रक्षा मंत्रालय ने आजादी के बाद इस साल की शुरुआत तक 476 फाइलें भेजी थीं। उन्होंने कहा, वर्ष 1960 तक की 20 हजार फाइलों को इस वर्ष स्थानांतरित किया गया है। सिन्हा ने कहा, रिकॉर्ड के लिए फाइलों की रिकॉर्डिंग और छंटाई के लिए एक विशेष अभियान की प्रतीक्षा करने के बजाय यह हर तिमाही में किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभिलेख नष्ट नहीं होने चाहिए। वास्तविकता में अभिलेखों के अनाधिकृत विनाश के लिए एक वर्ष का कारावास है। 

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