न्यूज डायरी: तिरुवनंतपुरम में हिंसा के बाद 160 कार्यकर्ताओं पर केस, मणिपुर में चार उग्रवादी गिरफ्तार
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन ने राज्य में हो रही घटनाओं पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि केरल में ऐसी चीजें हो रही हैं जो नहीं होनी चाहिए। विजयन ने आरोप लगाया कि एसएफआई कार्यकर्ताओं पर एकतरफा हमला किया गया है। उन्होंने बताया कि एसएफआई कार्यकर्ता छात्रावास के अंदर थे। उनकी तरफ से कोई उकसावा नहीं था। यूथ कांग्रेस छात्रों पर हमला कर रही है। यह एक सुनियोजित हमला था। छात्रावास के अंदर एक जलती हुई मशाल फेंकी गई। हमलावरों ने घायलों को अस्पताल ले जाने से रोकने की कोशिश की। इस हमले में एसएफआई के प्रदेश सचिव भी घायल हुए हैं। विजयन ने कहा कि पूरे राज्य में जोरदार विरोध प्रदर्शन होंगे। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के युवा संगठन पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया।
हिंदी पखवाड़े के समापन पर 30 देशों के छात्र बोले-दिल में भारत
भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) की छात्रवृत्ति पर भारत में पढ़ रहे करीब 30 देशों के अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने हिंदी पखवाड़ा 2026 के समापन समारोह में हिस्सा लिया। भारत से अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को जताते हुए छात्रों ने कहा, भारत हमारे दिलों में बसा है। हिंदी को जुड़ाव की भाषा माना। आईसीसीआर की महानिदेशक नंदिनी सिंगला ने कहा कि हिंदी भारत की सांस्कृतिक विरासत, मूल्यों और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने का एक अहम माध्यम है। उनके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय छात्रों की यह भागीदारी हिंदी भाषा के बढ़ते वैश्विक जुड़ाव को दर्शाती है।
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन कैडर और PREPAK-PRO का एक स्वयंभू कैप्टन शामिल है।
दो PLA कैडरों को भारत-म्यांमार सीमा के पास तेंगनौपाल जिले के शाइबोल इलाके से पकड़ा गया। अधिकारियों को उनके मिन्थर कैंप से भागने और घुसपैठ की आशंका की खुफिया जानकारी मिली थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्षेतीमयुम कृष्ण दास और खुनुमायुम सांगर सिंह के रूप में हुई है। एक अन्य PLA सदस्य नेप्राम सिंहाजित सिंह को इंफाल पूर्वी जिले के खुराई पुथिबा लीकाई से पकड़ा गया। उस पर नए कैडरों की भर्ती में शामिल होने का आरोप है। वहीं, PREPAK-PRO के मोइरांगथेम बोबॉय सिंह को थौबल जिले के चंद्रखोंग से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, उस पर चार किशोरों की भर्ती कर उन्हें म्यांमार भेजने का आरोप है।
तमिलनाडु में दर्दनाक हादसा: बंद पड़े वाटर प्लांट में करंट लगने से दो बच्चों की मौत
तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में बंद पड़े वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट के पास खेल रहे दो बच्चों की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा बुधवार को कमुथी इलाके में हुआ। पुलिस के मुताबिक, 9 वर्षीय निरैमथी और उसका छह वर्षीय भाई बालप्रणव एक बिजली से चार्ज धातु के ढांचे के संपर्क में आ गए थे।
पुलिस को आशंका है कि प्लांट के अंदर कटी हुई बिजली की केबल से करंट लीक हुआ। इससे पूरा धातु का ढांचा बिजली के संपर्क में आ गया था। सबसे बड़ी चिंता यह सामने आई कि पेयजल प्लांट छह साल से अधिक समय से बंद था, लेकिन उसकी बिजली आपूर्ति अब तक काटी नहीं गई थी। घटना के बाद कमुथी के ब्लॉक विकास अधिकारी चंद्रशेखरन ने पंचायत सचिव के. रासु को रखरखाव में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया।
बच्चों की मौत के बाद परिजनों ने सड़क जाम कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और दोनों बच्चों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
तिरुवनंतपुरम में हिंसा के बाद 160 कार्यकर्ताओं पर केस
केरलम की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बुधवार रात हुए विवाद के बाद पुलिस ने 160 कार्यकर्ताओं के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इनमें 80 KSU/यूथ कांग्रेस और 80 SFI/DYFI कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, KSU और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च निकाल रहे थे। मार्च जब केरल यूनिवर्सिटी हॉस्टल के पास पहुंचा, तब दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया।
यूथ कांग्रेस और KSU कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल से प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंके गए। वहीं, SFI और DYFI कार्यकर्ताओं का आरोप था कि प्रदर्शनकारियों ने हॉस्टल में रह रहे छात्रों की ओर जलती हुई मशालें फेंकीं।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता समेत कई कानूनों के तहत मामले दर्ज किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, लगाए गए आरोप गैर-जमानती हैं और आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। SFI ने राज्यभर के शिक्षण संस्थानों में विरोध प्रदर्शन का एलान किया है।
ओडिशा में खनन कानून के खिलाफ BJD की पदयात्रा, 2 अक्तूबर से महीनेभर चलेगा अभियान
ओडिशा में बीजू जनता दल संशोधित खनन कानून के खिलाफ 2 अक्तूबर से राज्यभर में पदयात्रा शुरू करने जा रहा है। पार्टी के अनुसार, यह अभियान 2 नवंबर तक चलेगा। पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक 2 अक्टूबर को भुवनेश्वर में कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।
पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्रा ने बताया कि जनसंपर्क पदयात्रा के दौरान पार्टी नेता गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। BJD का कहना है कि अभियान के जरिए संशोधित खनन कानून को वापस लेने की मांग उठाई जाएगी।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र के नए कानून से खनिज संपदा वाले राज्यों के अधिकार प्रभावित होंगे। BJD नेताओं ने यह भी दावा किया कि ओडिशा को खनन कंपनियों से करीब एक लाख करोड़ रुपये का बकाया मिलना है।
पार्टी के मुताबिक, पदयात्राएं उसके सभी 34 संगठनात्मक जिलों के मुख्यालयों और प्रत्येक ब्लॉक में आयोजित की जाएंगी। वहीं, केंद्र सरकार के संशोधित कानून के प्रावधानों को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियां भी सामने आई हैं।
तिरुवनंतपुरम में BJP दफ्तर पर बीयर की बोतल फेंकने का मामला
केरलम के तिरुवनंतपुरम में BJP के राज्य मुख्यालय पर बीयर की बोतल फेंके जाने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। घटना बुधवार देर रात करीब 11:30 बजे की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, स्कूटर से आए दो लोगों ने थंपानूर स्थित KG मरार भवन पर बीयर की बोतल फेंकी।
FIR के मुताबिक, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को धक्का दिया। इसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। घटना ऐसे समय हुई जब तिरुवनंतपुरम में अलग-अलग राजनीतिक समूहों के बीच कई विरोध-प्रदर्शन और झड़पें हुईं।
बुधवार को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और SFI/DYFI कार्यकर्ताओं के बीच भी हिंसक टकराव हुआ था। इसके अलावा BJP की ओर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर उसके नेता पीके कृष्णदास की गाड़ी पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। शहर में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस केस: RTO एजेंट को 28 साल की सजा, 2.5 लाख रुपये जुर्माना
केरलम के कोल्लम की विजिलेंस अदालत ने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस मामले में पूर्व RTO एजेंट मोहम्मद शफीक ए को कुल 28 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला 2008-09 का है और इसका संबंध पठानमथिट्टा RTO से है। अदालत ने शफीक को फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और दस्तावेज तैयार करने तथा तय कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना लाइसेंस जारी करने का दोषी पाया।
विजिलेंस के मुताबिक, नए ड्राइविंग लाइसेंस, LMV और HPV श्रेणी जोड़ने, बैज जारी करने और पते में बदलाव के लिए आवेदकों से पैसे लिए जाते थे। आरोप था कि कई मामलों में ड्राइविंग टेस्ट कराए बिना लाइसेंस जारी किए गए और दस्तावेजों में भी हेरफेर की गई।
मामले में तत्कालीन RTO अधिकारी मुख्य आरोपी था, लेकिन मुकदमे के दौरान उसकी मौत हो गई। एक अन्य एजेंट की भी जांच के दौरान मौत हो गई। अदालत ने विभिन्न धाराओं में मिली सजाओं को साथ-साथ चलाने का निर्देश दिया, जिसके चलते प्रभावी सजा छह साल की जेल है।
असम में 1 करोड़ रुपये की याबा टैबलेट जब्त, दो गिरफ्तार
असम के कछार जिले में पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये की याबा टैबलेट जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि कार्रवाई विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई।
पुलिस ने बिद्यारतनपुर इलाके में कार्रवाई करते हुए 8,000 संदिग्ध याबा टैबलेट बरामद कीं। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां कहां से लाई गई थीं और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कछार पुलिस की कार्रवाई की जानकारी दी और पुलिस टीम की सराहना की। याबा एक नशीली गोली है, जिसमें आम तौर पर मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है। यह बेहद नशीला पदार्थ माना जाता है और भारत में प्रतिबंधित है।
पुलिस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद नशीले पदार्थ की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
असम में 2 अक्तूबर से शुरू होगा वन्यजीव पर्यटन सीजन, खुलेंगे बड़े राष्ट्रीय उद्यान
असम में मानसून के बाद वन्यजीव पर्यटन का नया सीजन 2 अक्तूबर से शुरू होने जा रहा है। राज्य का मानस नेशनल पार्क 2 अक्तूबर को पर्यटकों के लिए फिर खुलेगा। इसके बाद काजीरंगा नेशनल पार्क 3 अक्तूबर और पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य 13 अक्तूबर से खुल जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी जानकारी दी। वन एवं पर्यावरण मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने भी पर्यटकों का स्वागत करते हुए कहा कि मानसून के बाद राज्य के प्रमुख वन क्षेत्रों में नया पर्यटन सीजन शुरू हो रहा है।
मानस और काजीरंगा जैसे क्षेत्र बाघ, हाथी, एक सींग वाले गैंडे समेत कई वन्यजीवों के लिए जाने जाते हैं। मानस नेशनल पार्क UNESCO विश्व धरोहर स्थल भी है।
वन विभाग की टीमें पर्यटकों के स्वागत की तैयारियों में जुटी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नए सीजन में देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों को असम की जैव विविधता देखने का मौका मिलेगा। पार्कों के खुलने के साथ सफारी और अन्य पर्यटन गतिविधियां भी शुरू होंगी।
असम पुलिस दिवस पर CM हिमंत ने जवानों को किया सलाम
असम पुलिस दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राज्य पुलिस के अधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सेवा और बलिदान को याद करते हुए कहा कि राज्य के लोग इसलिए शांति से रह पाते हैं क्योंकि वर्दी में कोई व्यक्ति चौबीसों घंटे उनकी सुरक्षा के लिए तैनात रहता है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में असम पुलिस के हर अधिकारी और कर्मचारी को उनके कर्तव्य के लिए सलाम किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना के साथ राज्य की सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस बल आगे भी लोगों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए इसी तरह काम करता रहेगा।
असम पुलिस दिवस हर साल 1 अक्तूबर को मनाया जाता है। यह दिन पुलिस बल के इतिहास, सेवा और बहादुरी को याद करने के लिए आयोजित किया जाता है। मुख्यमंत्री के संदेश के साथ राज्य में पुलिसकर्मियों की सेवाओं और उनके योगदान को सम्मानित किया गया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर लोगों से रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी की जिंदगी बचाने के साथ उसके परिवार की उम्मीद भी बचाता है।
विजय ने रक्तदाताओं को समाज का सच्चा जीवनरक्षक बताते हुए उनके निस्वार्थ योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी सर्जरी, सड़क हादसों और आपात स्थिति में मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त बेहद जरूरी होता है। ऐसे में अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान जरूरी है। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर युवाओं से रक्तदान को लेकर जागरूकता फैलाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की अपील की। उन्होंने लोगों से स्वस्थ और जागरूक समाज बनाने का संकल्प लेने को कहा। तमिलनाडु में सरकारी अस्पतालों, गैर सरकारी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से रक्तदान शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
महिलाओं को बड़ी सौगात: 2 अक्तूबर से तमिलनाडु की 12,692 बसों में मुफ्त सफर
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 2 अक्तूबर यानी गांधी जयंती के मौके पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की विस्तारित योजना शुरू करेंगे। इसके तहत राज्य की 12,692 सरकारी बसों में महिलाएं और ट्रांसजेंडर यात्री बिना किराया दिए सफर कर सकेंगे।
सरकार ने पहले यह सुविधा केवल सामान्य शहर की बसों तक सीमित रखी थी। अब इसका दायरा बढ़ाकर एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप और डीलक्स बसों तक किया गया है। यह सुविधा निगम, नगर निकाय, टाउन पंचायत और पहाड़ी इलाकों में चलने वाली बसों में भी मिलेगी। सरकार के मुताबिक, योजना का लाभ लेने के लिए आय की कोई सीमा तय नहीं की गई है। रोजाना करीब 84 लाख महिलाओं को इससे फायदा मिलने का अनुमान है। इससे एक दिन में करीब 16 लाख एकतरफा यात्राएं हो सकेंगी। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक बाधा के बिना यात्रा की सुविधा देना है।
भुवनेश्वर में महिला से बंदूक की नोक पर दुष्कर्म का आरोप, नकाबपोश आरोपी की तलाश
भुवनेश्वर में 26 वर्षीय महिला ने एक नकाबपोश व्यक्ति पर बंदूक की नोक पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। महिला ने नयापल्ली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के मुताबिक, घटना बुधवार रात महिला के किराये के फ्लैट में हुई।
महिला ने आरोप लगाया कि नकाब पहने एक व्यक्ति उसके फ्लैट में घुसा और बंदूक दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। भुवनेश्वर के डीसीपी सरवाना विवेक एम ने बताया कि महिला अपनी बड़ी बहन के साथ फ्लैट में रहती है, जबकि मकान मालिक दूसरी मंजिल पर रहता है। घटना के समय महिला की बहन वहां मौजूद थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है। पुलिस आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में जांच कर रही है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के कथित बयान पर प्रतिक्रिया दी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सोनिया गांधी ने एक बैठक में नीतीश कुमार के लिए ‘गद्दार’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को ‘गद्दार’ कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश ने विपक्षी दलों की एकजुटता की कोशिशों के दौरान उनकी राजनीतिक मंशा को समझ लिया था। गिरिराज ने आरोप लगाया कि विपक्षी एकता का उद्देश्य राहुल गांधी को आगे बढ़ाना था।
उन्होंने सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए उनके नागरिकता से जुड़े इतिहास और राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की कथित इच्छा पर भी टिप्पणी की। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह सोनिया गांधी को ‘गद्दार’ नहीं कहेंगे। गिरिराज ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार को इस तरह संबोधित करना बिहार का अपमान है। नीतीश कुमार के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर जदयू नेताओं ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है।