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Update: उड़ीसा हाईकोर्ट में जज बनेंगे चार अधिवक्ता, कॉलेजियम से मंजूरी; कर्नाटक में KPSC प्रमुख का निलंबन रद्द

Wed, 19 Aug 2026 09:10 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 19 Aug 2026 09:10 AM IST
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National Updates SC Collegium Orissa HC judges 19th Aug north east west south politics crime and other news
आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कई उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्तावों को मंजूरी दी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया। कॉलेजियम ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के लिए चार अधिवक्ताओं की नियुक्ति को हरी झंडी दी। मंगलवार को हुए फैसले के मुताबिक सस्मिता त्रिपाठी, आदित्य नारायण दास, राजजीत रॉय और गौतम मिश्रा को हाईकोर्ट जज के तौर पर प्रोन्नत किया जाएगा। इसके अलावा गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अधिवक्ता नचुम्बेमो मोजुई और न्यायिक अधिकारी हेलेन डांग्लियानी को न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए न्यायिक अधिकारी संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार की नियुक्ति को भी मंजूरी मिली। कोलकाता उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश बिस्वरूप चौधरी को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। छह अतिरिक्त न्यायाधीशों - प्रसेनजीत बिस्वास, उदय कुमार, अजय कुमार गुप्ता, सुप्रतिम भट्टाचार्य, पार्थ सारथी चटर्जी और मोहम्मद शब्बर रशीदी - का कार्यकाल कोलकाता उच्च न्यायालय में छह महीने बढ़ाया गया। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश रोहित कपूर को स्थायी न्यायाधीश बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।

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KPSC अध्यक्ष एस साहूकार का निलंबन रद्द, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बहाली का आदेश दिया
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार का निलंबन रद्द कर दिया। अधिकारियों को सात दिनों में उनका पद बहाल करने का निर्देश दिया गया है। न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 317(2) के तहत राज्यपाल का निलंबन मंत्रिपरिषद की पूर्व सलाह के बिना स्वतंत्र नहीं हो सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका फैसला साहूकार के निलंबन में अपनाई गई सांविधानिक प्रक्रिया तक सीमित है, आरोपों की जांच नहीं की गई। साहूकार ने अपने निलंबन को चुनौती दी थी। न्यायालय ने कहा कि साहूकार केपीएससी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे और वित्तीय लाभ प्राप्त करेंगे। हालांकि, अदालत ने साहूकार को अपनी बेटियों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई से संबंधित किसी भी निर्णय को प्रभावित करने से रोका। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 13 जुलाई को साहूकार को निलंबित किया था। उन पर अपनी दो बेटियों के औद्योगिक विस्तार अधिकारी के रूप में अवैध चयन में मदद का आरोप था।

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