न्यूज डायरी: वैष्णव बोले- एआई पर बनेगा कानून तैयार हो रहा मसौदा; फ्लाइट से उतारी गईं कारोबारी वीरमणि की बेटी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सरकार आने वाले हफ्तों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर कानून बनाने के लिए परामर्श प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना रही है। एआई के क्षेत्र की शीर्ष तीन या चार बड़ी कंपनियों को इस तकनीक के बुनियादी सिद्धांतों पर मिलकर काम करने की जरूरत है। वैष्णव ने कहा, आज एआई से जुड़े जोखिम ऐसे स्तर पर पहुंच गए हैं, जहां हमें एक कानून और नए नियम लाने चाहिए। इस नई तकनीक से होने वाले नुकसान को नियमों के जरिये नियंत्रित किया जा सकता है। हम पहले से ही इस पर काम कर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में हम एक परामर्श पत्र लाएंगे। हम इस परामर्श पत्र का मसौदा तैयार कर रहे हैं, जिसमें समाज, नागरिकों व उद्योग जगत से सुझाव लिए जाएंगे। उन्होंने शुक्रवार को एक निजी मीडिया घराने के कार्यक्रम के दौरान कहा कि उद्योग जगत ने एआई को बहुत तेजी से अपनाया है और सरकार एआई का इस्तेमाल करने वालों से भी सुझाव लेना चाहती है।
पॉक्सो मामला: फ्लाइट से उतारी गईं सिंगापुर जा रही ग्रेनाइट कारोबारी वीरमणि की बेटी
तमिलनाडु के चेन्नई हवाई अड्डे पर शुक्रवार को आव्रजन अधिकारियों ने जेल में बंद ग्रेनाइट कारोबारी आर वीरमणि की बेटी अर्चना वीरमणि को सिंगापुर जाने वाली फ्लाइट से उतार दिया। यह कार्रवाई यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की चेतावनी पर की गई। अर्चना दोपहर 2:20 बजे की फ्लाइट में सवार हो चुकी थीं, लेकिन उड़ान से कुछ मिनट पहले उन्हें रोक लिया गया। 84 साल के वीरमणि जेम ग्रेनाइट्स के चेयरमैन हैं और फिलहाल पुझल केंद्रीय जेल में बंद हैं। उन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के कम से कम सात मामले दर्ज हैं। एसआईटी 2004 में एक नाबालिग की आत्महत्या से उनके संभावित संबंध की भी जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को शक है कि अर्चना के पास नकदी और सोने के उन लेन-देन की अहम जानकारी है, जिनसे आरोपों को छिपाने और वीरमणि को कानूनी कार्रवाई से बचाने की कोशिश हुई। पुलिस उनके बेटे प्रकाश की भी तलाश कर रही है। वहीं, एक अन्य सहयोगी के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है, जिसके ब्रिटेन भागने की आशंका है।