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National Water Awards: राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में महाराष्ट्र को शीर्ष सम्मान, 10 श्रेणियों में कुल 46 विजेता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 11 Nov 2025 02:44 PM IST
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सार
छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। महाराष्ट्र पूरे देश में सबसे आगे रहा है। गुजरात और हरियाणा दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। जानिए क्यों खास हैं ये पुरस्कार
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल (फाइल)
- फोटो : X / @CRPaatil
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विस्तार
साल 2024 के छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में महाराष्ट्र अग्रणी रहा है। सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने वाले महाराष्ट्र के बाद नंबर दो पर गुजरात और तीसरे पायदान पर हरियाणा का नाम है। जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि इन पुरस्कारों का मकसद देश भर में जल संरक्षण और प्रबंधन में उत्कृष्ट काम करने वाले राज्यों को मान्यता देना है। जल शक्ति मंत्रालय के तहत आने वाला जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग यह पुरस्कार देता है। संयुक्त पुरस्कार विजेताओं सहित 10 श्रेणियों में कुल 46 विजेताओं के नाम का एलान किया गया है।
जल क्षेत्र में योगदान के लिए ये पुरस्कार कई श्रेणियों में दिए जाते हैं, एक नजर इन श्रेणियों पर:
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केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड ने जमीनी स्तर पर होने वाले काम का जायजा लेने के बाद रिपोर्ट बनाई। इसी आधार पर निर्णायक मंडल ने आवेदनों का मूल्यांकन किया। इसका मकसद जल संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सरकार के 'जल समृद्ध भारत' दृष्टिकोण के अनुरूप जमीनी स्तर के प्रयासों को उजागर करना है।
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जल शक्ति मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, तेलंगाना जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) 1.0 पहल के तहत 5.2 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इस मामले में राज्य सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला बनकर उभरा है। जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने बताया कि इस पैमाने पर दूसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ रहा जहां 4.05 लाख परियोजनाएं रहीं। राजस्थान 3.64 लाख संरचनाओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा। 'जल शक्ति अभियान: कैच द रेन' अभियान के तहत इस वर्ष के पुरस्कारों में उत्तरी क्षेत्र से उत्तर प्रदेश का दबदबा रहा। इस राज्य के मिर्जापुर में 35,509 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया गया। वाराणसी (24,409) और जालौन (16,279) दूसरे नंबर पर रहे। तीनों जिलों को 2-2 करोड़ रुपये मिलेंगे।
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जल क्षेत्र में योगदान के लिए ये पुरस्कार कई श्रेणियों में दिए जाते हैं, एक नजर इन श्रेणियों पर:
- सर्वश्रेष्ठ राज्य
- सर्वश्रेष्ठ जिला
- सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत
- सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय
- सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज
- सर्वश्रेष्ठ उद्योग
- सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ
- सर्वश्रेष्ठ संस्थान
- सर्वश्रेष्ठ नागरिक समाज
- सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति
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केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड ने जमीनी स्तर पर होने वाले काम का जायजा लेने के बाद रिपोर्ट बनाई। इसी आधार पर निर्णायक मंडल ने आवेदनों का मूल्यांकन किया। इसका मकसद जल संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सरकार के 'जल समृद्ध भारत' दृष्टिकोण के अनुरूप जमीनी स्तर के प्रयासों को उजागर करना है।
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जल शक्ति मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, तेलंगाना जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) 1.0 पहल के तहत 5.2 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इस मामले में राज्य सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला बनकर उभरा है। जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने बताया कि इस पैमाने पर दूसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ रहा जहां 4.05 लाख परियोजनाएं रहीं। राजस्थान 3.64 लाख संरचनाओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा। 'जल शक्ति अभियान: कैच द रेन' अभियान के तहत इस वर्ष के पुरस्कारों में उत्तरी क्षेत्र से उत्तर प्रदेश का दबदबा रहा। इस राज्य के मिर्जापुर में 35,509 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया गया। वाराणसी (24,409) और जालौन (16,279) दूसरे नंबर पर रहे। तीनों जिलों को 2-2 करोड़ रुपये मिलेंगे।