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Pune: नाबालिग बच्ची के दुष्कर्म-हत्या के मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग मे जताई चिंता, विरोध-प्रदर्शन जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 03 May 2026 12:59 AM IST
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सार
इस घटना के बाद से ही स्थानीय समुदाय में गुस्सा देखा जा रहा है। लगातार दो दिनों से सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन जारी रखा है। इनकी मांग है कि आरोपी को उन्हें सौंपा जाए। इसे लेकर एक दिन पहले ग्रामीणों ने पुणे-सतारा राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। वहीं, शनिवार को नसरापुर और आसपास के गांवों में पूर्ण बंद रखा गया।
पुणे नाबालिग दुष्कर्म-हत्या मामले में विरोध-प्रदर्शन जारी
- फोटो : ANI वीडियो ग्रैब
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विस्तार
पुणे जिले के भोर तालुका के नसरापुर इलाके में एक चार साल की बच्ची के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की जघन्य वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस वीभत्स घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
वहीं, इस घटना के खिलाफ जिले में शनिवार की देर रात लोगों ने पुणे-बंगलूरू राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इन लोगों को लाठीचार्ज कर पुलिस ने तितर-बितर कर दिया। इस मामले के 65 वर्षीय आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक अदालत ने सात मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
ये भी पढ़ें: पंजाब में 'नशे' पर सियासत?: CM फडणवीस मुख्यमंत्री मान पर हमलावर, कहा- स्थिति सामान्य नहीं थी, आरोप बेहद गंभीर
राष्ट्रीय महिला आयोग ने सरकार से की क्या मांग?
राष्ट्रीय महिला आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा, "यह जघन्य अपराध गहरा दुख और आक्रोश पैदा करता है। यह युवा लड़कियों की सुरक्षा के संबंध में गंभीर चिंताएं उजागर करता है।" आयोग ने इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अपराध बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं और समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने, जांच की निगरानी सुनिश्चित करने और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता और मुआवजा प्रदान करने, पॉक्सो के तहत समयबद्ध आरोप पत्र दाखिल करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। आयोग ने कहा कि हर लड़की की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
65 साल के शख्स ने दिया दुष्कर्म-हत्या को अंजाम
यह भयावह घटना एक मई को पुणे जिले के भोर के नसरापुर इलाके में हुई, जब कथित तौर पर 65 वर्षीय एक व्यक्ति ने चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नसरापुर की नाबालिग पीड़िता के बलात्कारी और हत्यारे के लिए मौत की सजा का वादा किया है। वहीं, राज्य की विपक्षी पार्टियों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है।
बच्ची को खाने का लालच देकर बहलाया
जानकारी के अनुसार, गर्मी की छुट्टियों में नसरापुर आई नाबालिग बच्ची को आरोपी ने खाने का लालच देकर एक मवेशी बाड़े में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद, आरोपी ने पत्थर से बच्ची की हत्या कर दी और शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपा दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से इस अपराध का खुलासा हुआ, जिसके बाद 65 वर्षीय संदिग्ध को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जाता है कि उस पर 1998 और 2015 से ही इसी तरह के छेड़छाड़ के आरोप दर्ज हैं।
फडणवीस बोले- ये मानवता पर कलंक
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस कृत्य को "मानवता पर कलंक" बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुणे ग्रामीण पुलिस को एक पुख्ता मामला सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि मुकदमे की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाएगी। सीएम फडणवीस ने जनता को आश्वासन दिया है कि "सच्चाई और सभी तथ्य जल्द ही सामने लाए जाएंगे" और सरकार दोषियों को कड़ी मिसाल कायम करने के लिए मौत की सजा की मांग करेगी।
नसरापुर में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद, सीएम फडणवीस ने पुष्टि की है कि अभियोजन पक्ष के मामले में कोई खामी न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए पुणे ग्रामीण के एसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: Defence Ministry: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- सशस्त्र सेनाओं की वीरता सिर्फ युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
विपक्ष ने महाराष्ट्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा में विफलता को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। एनसीपी-एसपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने घटना स्थल का दौरा किया और गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे "अमानवीय" बताया। उन्होंने पुणे जिले में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति के लिए प्रशासन की आलोचना की और पुलिस से बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्रवाई कर अधिकतम सजा सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने गृह मंत्रालय पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि एक आदतन अपराधी कैसे खुले घूम रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान महायुति सरकार के तहत "कानून का भय समाप्त हो गया है" और नाबालिगों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की पूरी तरह से समीक्षा की मांग की।
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वहीं, इस घटना के खिलाफ जिले में शनिवार की देर रात लोगों ने पुणे-बंगलूरू राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इन लोगों को लाठीचार्ज कर पुलिस ने तितर-बितर कर दिया। इस मामले के 65 वर्षीय आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक अदालत ने सात मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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राष्ट्रीय महिला आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा, "यह जघन्य अपराध गहरा दुख और आक्रोश पैदा करता है। यह युवा लड़कियों की सुरक्षा के संबंध में गंभीर चिंताएं उजागर करता है।" आयोग ने इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अपराध बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं और समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने, जांच की निगरानी सुनिश्चित करने और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता और मुआवजा प्रदान करने, पॉक्सो के तहत समयबद्ध आरोप पत्र दाखिल करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। आयोग ने कहा कि हर लड़की की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
65 साल के शख्स ने दिया दुष्कर्म-हत्या को अंजाम
यह भयावह घटना एक मई को पुणे जिले के भोर के नसरापुर इलाके में हुई, जब कथित तौर पर 65 वर्षीय एक व्यक्ति ने चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नसरापुर की नाबालिग पीड़िता के बलात्कारी और हत्यारे के लिए मौत की सजा का वादा किया है। वहीं, राज्य की विपक्षी पार्टियों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है।
बच्ची को खाने का लालच देकर बहलाया
जानकारी के अनुसार, गर्मी की छुट्टियों में नसरापुर आई नाबालिग बच्ची को आरोपी ने खाने का लालच देकर एक मवेशी बाड़े में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद, आरोपी ने पत्थर से बच्ची की हत्या कर दी और शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपा दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से इस अपराध का खुलासा हुआ, जिसके बाद 65 वर्षीय संदिग्ध को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जाता है कि उस पर 1998 और 2015 से ही इसी तरह के छेड़छाड़ के आरोप दर्ज हैं।
फडणवीस बोले- ये मानवता पर कलंक
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस कृत्य को "मानवता पर कलंक" बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुणे ग्रामीण पुलिस को एक पुख्ता मामला सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि मुकदमे की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाएगी। सीएम फडणवीस ने जनता को आश्वासन दिया है कि "सच्चाई और सभी तथ्य जल्द ही सामने लाए जाएंगे" और सरकार दोषियों को कड़ी मिसाल कायम करने के लिए मौत की सजा की मांग करेगी।
नसरापुर में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद, सीएम फडणवीस ने पुष्टि की है कि अभियोजन पक्ष के मामले में कोई खामी न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए पुणे ग्रामीण के एसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे हैं।
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विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
विपक्ष ने महाराष्ट्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा में विफलता को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। एनसीपी-एसपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने घटना स्थल का दौरा किया और गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे "अमानवीय" बताया। उन्होंने पुणे जिले में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति के लिए प्रशासन की आलोचना की और पुलिस से बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्रवाई कर अधिकतम सजा सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने गृह मंत्रालय पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि एक आदतन अपराधी कैसे खुले घूम रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान महायुति सरकार के तहत "कानून का भय समाप्त हो गया है" और नाबालिगों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की पूरी तरह से समीक्षा की मांग की।
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