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NDA Meeting: एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक 4 अगस्त को होगी, भाजपा संसदीय दल ने जारी किया पत्र
Mon, 03 Aug 2026 03:45 PM IST
नितिन गौतम
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 03 Aug 2026 03:45 PM IST
सार
एनडीए की मंगल मिलन बैठक एक बार फिर 4 अगस्त को आयोजित की जाएगी। इस बैठक के लिए भाजपा संसदीय दल ने पत्र जारी किया है।
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एनडीए संसदीय दल की बैठक
- फोटो : PTI
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विस्तार
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की बैठक 'मंगल मिलन' मंगलवार आयोजित की जाएगी। इसको लेकर भाजपा संसदीय दल की ओर से एक पत्र जारी किया गया है। भाजपा संसदीय दल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है, 'राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) संसदीय दल की बैठक, 'मंगल-मिलन,' 4 अगस्त (मंगलवार) को सुबह 9.30 बजे संसद भवन ग्रन्थालय के जी. एम. सी. बालायोगी सभागृह में आयोजित की जाएगी। राजग के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा के माननीय सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया समय से पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करने का कष्ट करें।'
21 जुलाई को हुई थी मंगल मिलन की पहली बैठक
21 जुलाई को 'मंगल मिलन' के तहत पहली बैठक आयोजित की गई थी। परंपरागत रूप से संसद के प्रत्येक सत्र के दौरान एनडीए संसदीय दल की बैठक हर मंगलवार को आयोजित होती रही है। हालांकि इस बार इसे 'मंगल मिलन' नाम दिया गया है। गठबंधन का कहना है कि इस नए नाम के जरिए नियमित संसदीय बैठकों को सांस्कृतिक और संगठनात्मक पहचान देने का प्रयास किया गया। 28 जुलाई को भी 'मंगल मिलन' बैठक हुआ था। इस बैठक में पहली बार, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व बागी नेता और अब एनसीपीआई सांसद शामिल हुए थे। एनसीपीआई सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायनी घोष भी इस बैठक में शामिल हुईं। ये सभी पहले तृणमूल कांग्रेस में थीं।
एनसीपीआई के सांसदों ने की थी तारीफ
28 जुलाई को 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल हुईं, एनसीपीआई सांसद काकोली घोष ने बताया था कि 2014 से पहले उन्होंने इस तरह की बैठकें नहीं देखी थीं, और एनडीए में शामिल होकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपीआई के सभी सांसद मिलकर काम कर रहे हैं। एनसीपीआई सांसद शताब्दी रॉय ने बैठक की सराहना करते हुए कहा था कि यह बेहद व्यवस्थित तरीके से आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि इसमें संसद में आने वाले विधेयकों, देश के विजन और सरकार की विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
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एनसीपीआई सांसद सायानी घोष ने भी बैठक को ज्ञानवर्धक बताया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्री बैठक में मौजूद थे। बैठक में ब्लू इकोनॉमी जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक विषयों पर विस्तार से प्रस्तुति दी गई।
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21 जुलाई को हुई थी मंगल मिलन की पहली बैठक
21 जुलाई को 'मंगल मिलन' के तहत पहली बैठक आयोजित की गई थी। परंपरागत रूप से संसद के प्रत्येक सत्र के दौरान एनडीए संसदीय दल की बैठक हर मंगलवार को आयोजित होती रही है। हालांकि इस बार इसे 'मंगल मिलन' नाम दिया गया है। गठबंधन का कहना है कि इस नए नाम के जरिए नियमित संसदीय बैठकों को सांस्कृतिक और संगठनात्मक पहचान देने का प्रयास किया गया। 28 जुलाई को भी 'मंगल मिलन' बैठक हुआ था। इस बैठक में पहली बार, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व बागी नेता और अब एनसीपीआई सांसद शामिल हुए थे। एनसीपीआई सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायनी घोष भी इस बैठक में शामिल हुईं। ये सभी पहले तृणमूल कांग्रेस में थीं।
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एनसीपीआई के सांसदों ने की थी तारीफ
28 जुलाई को 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल हुईं, एनसीपीआई सांसद काकोली घोष ने बताया था कि 2014 से पहले उन्होंने इस तरह की बैठकें नहीं देखी थीं, और एनडीए में शामिल होकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपीआई के सभी सांसद मिलकर काम कर रहे हैं। एनसीपीआई सांसद शताब्दी रॉय ने बैठक की सराहना करते हुए कहा था कि यह बेहद व्यवस्थित तरीके से आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि इसमें संसद में आने वाले विधेयकों, देश के विजन और सरकार की विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
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एनसीपीआई सांसद सायानी घोष ने भी बैठक को ज्ञानवर्धक बताया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्री बैठक में मौजूद थे। बैठक में ब्लू इकोनॉमी जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक विषयों पर विस्तार से प्रस्तुति दी गई।