NDMA: एकीकृत अलर्ट प्रणाली से मिलेगी आपदा की तुरंत सूचना, इस सिस्टम से भेजे गए 134 बिलियन से अधिक एसएमएस अलर्ट
यह प्रणाली, पांच चेतावनी जारी करने वाली एजेंसियों मौसम विज्ञान विभाग, जल आयोग, राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, रक्षा भू-सूचना अनुसंधान प्रतिष्ठान और वन सर्वेक्षण को सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (एसडीएमए) के साथ एकीकृत करती है। अभी तक विभिन्न आपदों से संबंधित 134 बिलियन से अधिक एसएमएस अलर्ट भेजे गए हैं।
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आपदा चेतावनी देने के लिए सेल प्रसारण अलर्ट प्रणाली, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा कार्यान्वित कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) पर आधारित एकीकृत अलर्ट प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही है। यह प्रणाली, पांच चेतावनी जारी करने वाली एजेंसियों मौसम विज्ञान विभाग, जल आयोग, राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, रक्षा भू-सूचना अनुसंधान प्रतिष्ठान और वन सर्वेक्षण को सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (एसडीएमए) के साथ एकीकृत करती है। अभी तक विभिन्न आपदों से संबंधित 134 बिलियन से अधिक एसएमएस अलर्ट भेजे गए हैं।
प्राकृतिक आपदा की समय रहते मिलेगी चेतावनी
संबंधित चेतावनी जारी करने वाली एजेंसियां और एसडीएमए, आपदा-विशिष्ट अलर्ट जारी करने एवं उसे अधिकृत करने के लिए जिम्मेदार हैं। सीएपी-आधारित प्लेटफॉर्म सेल प्रसारण प्रणाली के माध्यम से उनके प्रसार को सुगम बनाता है। सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट का उपयोग चक्रवात, सुनामी, मूसलाधार वर्षा, बिजली गिरने, अचानक बाढ़, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, हिमस्खलन, बादल फटने, औद्योगिक/मानव निर्मित आपदाओं और अन्य ऐसी घटनाओं के लिए लोगों को समय पर चेतावनी देने के लिए किया जाएगा। इनके लिए तत्काल अलर्ट की आवश्यकता होती है। चेतावनी जारी करने वाली एजेंसियां भौगोलिक रूप से लक्षित चेतावनी प्रदान करती हैं और इन अलर्ट को लोगों तक पहुंचाती हैं।
समय पर चेतावनी प्राप्त करना और अलर्ट को समय पर प्रसारित करना आपदा से संबंधित हताहतों की संख्या को कम करने और आपातकालीन तैयारियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह प्रणाली लोगो को समय पर अलर्ट प्रदान करती है। इससे अप्रत्यक्ष रूप से आपातकालीन तैयारियों और आवश्यक सावधानियों में सुधार होता है और इस प्रकार आपदा से संबंधित हताहतों की संख्या को कम करने में मदद मिलती है।
पूर्वानुमान एजेंसियों द्वारा जारी सभी चेतावनियों का लक्षित आबादी की राज्य भाषा में अनुवाद किया जाता है और एसडीएमए द्वारा इसे पहुंचाया जाता है। ये अलर्ट भौगोलिक रूप से लक्षित क्षेत्र के सभी मोबाइल नेटवर्क और हैंडसेट पर प्राप्त होते हैं। इसमें दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा इस प्रणाली का व्यापक रूप से उपयोग किया गया है, जिसके माध्यम से अब तक प्राकृतिक आपदाओं, मौसम चेतावनियों और चक्रवाती घटनाओं के दौरान 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में 134 बिलियन से अधिक एसएमएस अलर्ट भेजे जा चुके हैं।