NEET लीक: 'लातूर कोचिंग सेंटर के मालिक ने पांच लाख में खरीदे केमिस्ट्री के सवाल', CBI का कोर्ट में बड़ा खुलासा
सीबीआई ने अदालत को बताया कि लातूर के कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने नीट-यूजी 2026 के रसायन विज्ञान के प्रश्न एनटीए पैनल सदस्य पी.वी. कुलकर्णी से 5 लाख रुपये देकर हासिल किए।
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लातूर स्थित कोचिंग सेंटर के मालिक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में कथित तौर पर पीवी कुलकर्णी से रसायन विज्ञान के प्रश्न प्राप्त करने के लिए 5 लाख रुपये का भुगतान किया था। पीवी कुलकर्णी राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के उस पैनल में थे जिसने परीक्षा के लिए प्रश्न तैयार किए थे। सीबीआई ने बुधवार को एक विशेष अदालत को यह जानकारी दी।
एजेंसी ने क्या आरोप लगाया?
एजेंसी ने आरोप लगाया कि मोटेगांवकर का बेटा कुलकर्णी की कोचिंग कक्षाओं में जाता था, जहां उसे प्रश्न उपलब्ध कराए जाते थे। मोटेगांवकर की ओर से दायर जमानत याचिका के जवाब में, एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसने सह-आरोपी के साथ साजिश रचकर, परीक्षा से पहले नीट यूजी के लीक हुए रसायन विज्ञान के प्रश्न प्राप्त किए और इसके लिए 5 लाख रुपये का भुगतान किया'
सीबीआई को मोटेगांवकर के फोन से क्या मिला?
एजेंसी ने कहा कि मोटेगांवकर ने कुलकर्णी की रसायन विज्ञान ट्यूटोरियल कक्षाओं में दिए गए प्रश्नों से हस्तलिखित नोट्स तैयार किए थे। सीबीआई ने मोटेगांवकर का फोन बरामद किया है, जिसमें रसायन विज्ञान के 132 हस्तलिखित प्रश्नों वाली 36 तस्वीरें (पांच डुप्लिकेट तस्वीरें) मिली हैं।
जांच में क्या मिला?
सीबीआई ने अपने जवाब में कहा कि जांच में पाया गया है कि इनमें से 111 प्रश्न कथित तौर पर एनटीए द्वारा नीट (यूजी) 2026 के लिए तैयार किए गए मास्टर प्रश्न सेट में मौजूद प्रश्नों से मेल खाते हैं। इसमें दावा किया गया है कि ये तस्वीरें कथित तौर पर मोटेगांवकर की लिखावट में थीं।
इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि मेटाडेटा विश्लेषण से पता चला है कि ये तस्वीरें 3 मई को हुई NEET (UG) परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले ली गई थीं। एजेंसी ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से सभी न्यायिक हिरासत में हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल,12 मई को राष्ट्रीय शिक्षा प्राधिकरण (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच मेडिकल प्रवेश के लिए 3 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईटी-यूजी) को रद्द कर दिया। इसके बाद 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित की गई।