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NEET: नीट विवाद में बड़ा खुलासा, ओएमआर शीट से छेड़छाड़ मिली; एनटीए ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
Sun, 19 Jul 2026 03:48 PM IST
नितिन गौतम
सुनील मेहरोत्रा, अमर उजाला, मुंबई
सुनील मेहरोत्रा, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 19 Jul 2026 03:48 PM IST
सार
नीट पेपर लीक मामले की जांच में खुलासा हुआ है कि ओएमआर शीट एआई की मदद से तैयार की गई थी। एनटीए ने कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया को बदनाम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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एनटीए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाराष्ट्र के पुणे और बीड से सामने आए नीट परीक्षा के ओएमआर शीट विवाद की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने कहा है कि जांच में एक मामले में पूरी ओएमआर शीट एआई की मदद से तैयार की गई मिली, जबकि दूसरे मामले में असली ओएमआर शीट से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। एजेंसी ने साफ किया है कि परीक्षा प्रक्रिया को बदनाम करने के लिए फर्जी दस्तावेज या छेड़छाड़ की गई ओएमआर शीट पेश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
यह विवाद तब सामने आया, जब पुणे और बीड के कुछ छात्रों ने नीट के परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। पुणे के एक छात्र ने दावा किया कि उसे दो अलग-अलग ओएमआर शीट मिलीं। छात्र के अनुसार, पहली ओएमआर शीट उसने 13 जुलाई की रात एनटीए की वेबसाइट से डाउनलोड की थी, जबकि दूसरी 15 जुलाई को ईमेल के जरिए भेजी गई। दोनों शीट पर उसका नाम एक ही था, लेकिन दोनों में दर्ज उत्तर अलग-अलग थे।
छात्र के पिता का कहना है कि 13 जुलाई को डाउनलोड की गई ओएमआर शीट को आधिकारिक उत्तर कुंजी से मिलाने पर उसके 720 में से 707 अंक बन रहे थे, लेकिन अंतिम परिणाम में दूसरी ओएमआर शीट के आधार पर उसे केवल 217 अंक दिए गए।
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ऐसा ही मामला महाराष्ट्र के बीड से भी सामने आया। वहां एक छात्र ने दावा किया कि वेबसाइट पर उपलब्ध उसकी ओएमआर शीट सही थी, लेकिन उसे सिर्फ 95 अंक मिले। उसका कहना है कि आधिकारिक उत्तर कुंजी के अनुसार उसके 522 अंक बनने चाहिए थे। एनटीए ने दोनों मामलों की जांच के बाद कहा कि पुणे के छात्र की ओर से प्रस्तुत की गई ओएमआर शीट पूरी तरह एआई की मदद से बनाई गई थी, जबकि बीड के छात्र के मामले में असली ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
एनटीए ने कहा- शिकायतों की गंभीरता से हो रही जांच
एनटीए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान कुछ मामलों में फर्जी और एआई से तैयार ओएमआर शीट सामने आई हैं। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि जांच के लिए केवल मूल ओएमआर शीट ही उपलब्ध कराएं। यदि कोई फर्जी या छेड़छाड़ की गई ओएमआर शीट जमा करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस वर्ष नीट परीक्षा में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 11.21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को मेडिकल, डेंटल और आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सफल घोषित किया गया है।
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क्या है मामला?
यह विवाद तब सामने आया, जब पुणे और बीड के कुछ छात्रों ने नीट के परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। पुणे के एक छात्र ने दावा किया कि उसे दो अलग-अलग ओएमआर शीट मिलीं। छात्र के अनुसार, पहली ओएमआर शीट उसने 13 जुलाई की रात एनटीए की वेबसाइट से डाउनलोड की थी, जबकि दूसरी 15 जुलाई को ईमेल के जरिए भेजी गई। दोनों शीट पर उसका नाम एक ही था, लेकिन दोनों में दर्ज उत्तर अलग-अलग थे।
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छात्र के पिता का कहना है कि 13 जुलाई को डाउनलोड की गई ओएमआर शीट को आधिकारिक उत्तर कुंजी से मिलाने पर उसके 720 में से 707 अंक बन रहे थे, लेकिन अंतिम परिणाम में दूसरी ओएमआर शीट के आधार पर उसे केवल 217 अंक दिए गए।
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ऐसा ही मामला महाराष्ट्र के बीड से भी सामने आया। वहां एक छात्र ने दावा किया कि वेबसाइट पर उपलब्ध उसकी ओएमआर शीट सही थी, लेकिन उसे सिर्फ 95 अंक मिले। उसका कहना है कि आधिकारिक उत्तर कुंजी के अनुसार उसके 522 अंक बनने चाहिए थे। एनटीए ने दोनों मामलों की जांच के बाद कहा कि पुणे के छात्र की ओर से प्रस्तुत की गई ओएमआर शीट पूरी तरह एआई की मदद से बनाई गई थी, जबकि बीड के छात्र के मामले में असली ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
एनटीए ने कहा- शिकायतों की गंभीरता से हो रही जांच
एनटीए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान कुछ मामलों में फर्जी और एआई से तैयार ओएमआर शीट सामने आई हैं। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि जांच के लिए केवल मूल ओएमआर शीट ही उपलब्ध कराएं। यदि कोई फर्जी या छेड़छाड़ की गई ओएमआर शीट जमा करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस वर्ष नीट परीक्षा में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 11.21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को मेडिकल, डेंटल और आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सफल घोषित किया गया है।