नीट बवाल: फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला क्या साबित होगा मास्टर स्ट्रोक? विपक्ष के सामने फ्रंटफुट पर आया NDA
नीट पेपर लीक को लेकर सड़क से संसद तक हंगामा मचा हुआ है। छात्र आंदोलन से शुरू हुए इस प्रदर्शन ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का फैसला लिया है। इसके बाद जहां विपक्ष इस फैसले के खिलाफ सदन में नारेबाजी कर रहा है तो वहीं अब एनडीए के घटक दलों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
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देश भर में इन दिनों नीट लीक मामले को लेकर लगतार प्रदर्शन हो रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता समेत कई नेताओं ने प्रधानमंत्री निवास के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच गुरुवार को भाजपा के नेताओं ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद में चर्चा से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने क्या कहा?
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वे आगे आकर संसद में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करें। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर वे बहस में भाग लेते हैं तो उनका दोहरापन उजागर हो जाएगा।
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राहुल गांधी को क्या चुनौती दी?
नवीन की ये टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पोस्ट के जवाब में आई है जिसमें उन्होंने कागजात लीक में शामिल लोगों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित अदालतों की स्थापना की बात कही थी। उन्होंने आगे कहा, 'हम खुली चुनौती देते हैं। आइए, हम संसद में नीट समेत हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। राहुल गांधी की राजनीतिक छवि एक भगोड़े की रही है। भाजपा सांसद और एडीए सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।'
राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
भाजपा अध्यक्ष ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस युवाओं को धोखा देने, उकसाने और गुमराह करने के अपने 50-60 वर्षों के लंबे इतिहास के कारण चर्चा के लिए आगे नहीं आएंगे।
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सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को लेकर क्या कहा?
वहीं, सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा और एनडीए के सांसद यहां कह रहे हैं कि संसद में नीट और शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस नहीं चाहती कि सदन में इस पर चर्चा हो। भारतीय जनता पार्टी और एनडीए सरकार इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है। प्रधानमंत्री ने आज साफ कहा है कि छात्रों के हितों से बढ़कर कुछ भी नहीं है। वे इस बात को लेकर पक्के हैं कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इसलिए, फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया गया ताकि तेजी से न्याय मिल सके और दोषियों को तुरंत सजा दी जा सके।
निशिकांत दुबे ने बच्चों के माता- पिता से क्या कहा?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा है कि गिरफ्तार किए गए 13 लोगों के खिलाफ बड़े वकील रखे जाएंगे। उन्हें सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। सभी माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे संस्थानों में भेजना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वे पढ़ाई में अच्छे हैं।
लेकिन कुछ बच्चे पेपर लीक का बहाना बनाकर अपने माता-पिता को यह समझाने की कोशिश करते हैं कि वे पढ़ाई में तो बहुत अच्छे हैं, लेकिन सिर्फ पेपर लीक होने की वजह से मुकाबला नहीं कर पाए। अगर कोई मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज जाना चाहता है, या आईएएस या आपीएस अफसर बनना चाहता है, तो उसे शिक्षा के रास्ते से ही गुजरना होगा।
भाजपा सांसद चुघ ने क्या कहा?
वहीं, भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा 'राहुल गांधी, देश आपकी ओर देख रहा है और पूछ रहा है कि आप चर्चा से क्यों भाग रहे हैं? देश जानना चाहता है। किस विदेशी टूलकिट के तहत आप भारत में हमारे बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं? आइए, चर्चा करते हैं; दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत, आपकी बात सुनना चाहती है। लेकिन राहुल गांधी के पास कहने के लिए कुछ नहीं है।
अगर चर्चा हुई, तो उनके झूठ और भ्रम टूट जाएंगे और पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। वह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और हर दोषी को कड़ी सजा दी जाएगी।'