Updates: गृह मंत्री बोले- बंगाल में सात दिन अतिरिक्त रुकेंगे केंद्रीय सुरक्षाबल; ओडिशा में लू से तीन मौतें
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ओडिशा में भीषण गर्मी के बीच जनगणना कार्य में लगे दो शिक्षकों की दो दिनों के भीतर मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि दोनों मामलों में हीटस्ट्रोक यानी लू लगने की आशंका जताई जा रही है। ये घटनाएं मयूरभंज जिला और सुंदरगढ़ जिला जिलों में सामने आई हैं, जहां तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि दोनों शिक्षक जनगणना ड्यूटी में लगे हुए थे, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। प्रशासन ने घटनाओं की जांच शुरू कर दी है। राज्य में दो दिनों के भीतर यह तीसरी ऐसी घटना बताई जा रही है, जिससे भीषण गर्मी के बीच मैदानी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अहमदाबाद के प्रह्लाद नगर इलाके में सोमवार सुबह एक कमर्शियल बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर स्थित जिम में भीषण आग लग गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्टेशन फायर अधिकारी एमजे सोलांकि ने बताया कि सुबह करीब 10:20 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
उन्होंने कहा कि आग काफी बड़ी थी। हमारी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की। अब आग को नियंत्रण में कर लिया गया है। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में करीब 60 लोगों को रेस्क्यू किया गया। फिलहाल किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को रफ्तार, साबरमती नदी पर बन रहा विशाल पुल
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत अहमदाबाद में साबरमती नदी पर बन रहा 36 मीटर ऊंचा रेलवे पुल तेजी से आकार ले रहा है। यह पुल भारत की हाई-स्पीड रेल महत्वाकांक्षा की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
करीब 480 मीटर लंबा यह पुल रणनीतिक रूप से साबरमती और अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है। परियोजना के तहत पुल के पियर्स (स्तंभ) का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि अब सुपर स्ट्रक्चर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके निर्माण में आधुनिक बैलेंस्ड कैंटिलीवर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बड़े और जटिल पुलों का निर्माण सुरक्षित और प्रभावी तरीके से किया जाता है।
निर्माण कार्य के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि साबरमती नदी के प्राकृतिक प्रवाह में कोई बाधा न आए। इंजीनियरिंग और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए यह परियोजना आधुनिक विकास का उदाहरण बन रही है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट देश की पहली हाई-स्पीड रेल सेवा होगी, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी और आधुनिक परिवहन ढांचे को नई मजबूती मिलेगी।

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