Update: मणिपुर में भारी संख्या में हथियार बरामद, तलाशी अभियान जारी; US जाने वाले छात्रों की संख्या घटी
केरल में धार्मिक जुलूस के लिए 5 घंटे बंद रहा एयरपोर्ट
केरल के तिरुवनंतपुरम में एक अनोखी परंपरा देखने को मिली, जहां धार्मिक जुलूस के कारण एयरपोर्ट को करीब 5 घंटे के लिए बंद करना पड़ा। यह कदम श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के ‘पैनकुनी अरट्टू’ उत्सव के चलते उठाया गया। गुरुवार शाम करीब 4:45 बजे से रात 9 बजे तक उड़ानों को रोका गया। इस दौरान मंदिर का जुलूस एयरपोर्ट के रनवे से होकर शंखुमुगम बीच तक गया। इस परंपरा का पालन सदियों से किया जा रहा है और एयरपोर्ट बनने के बाद भी इसे जारी रखा गया है। जुलूस में शाही परिवार के सदस्य, हाथी, पुलिस और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। एयरपोर्ट प्रशासन हर साल इस मौके पर पहले से सूचना जारी करता है। जुलूस खत्म होने के बाद रनवे की सफाई कर उड़ान सेवाएं फिर शुरू कर दी जाती हैं।
बंगलूरू नगर निगम के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को ट्रैप लगाकर इन दोनों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि ये अधिकारी ‘खाता’ से जुड़े एक लंबित काम को निपटाने के लिए तीन लाख रुपये की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। जैसे ही एक अधिकारी ने शिकायतकर्ता से पैसे लिए, टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में चल रहे भ्रष्टाचार को उजागर करती है और लोगों के लिए एक सख्त संदेश भी देती है कि रिश्वतखोरी पर नजर रखी जा रही है।
मेघालय में प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक और शोधकर्ता पैट्रिक ए. रोजर्स का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे ‘लिविंग रूट ब्रिज’ पर अपने शोध के लिए जाने जाते थे। जानकारी के अनुसार, वे ईस्ट खासी हिल्स जिले के एक दूरदराज गांव के दौरे पर थे, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने कहा कि रोजर्स को इस क्षेत्र और यहां के लोगों से खास लगाव था। उन्होंने अपनी किताब और शोध के जरिए दुनिया को मेघालय की अनोखी जड़ों से बने पुलों के बारे में बताया। उनके प्रयासों से इस विरासत को वैश्विक पहचान मिली। उनका अंतिम संस्कार 3 अप्रैल को किया जा सकता है। उनके निधन से शोध और पर्यटन जगत को बड़ा नुकसान हुआ है।
ओडिशा सरकार ने जनगणना 2027 को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि जनगणना के काम में लगे अधिकारियों का तबादला नहीं किया जाएगा। यह आदेश सभी विभागों, जिलाधिकारियों और नगर निगमों को भेजा गया है। 1 अप्रैल से ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 15 अप्रैल तक चलेगी। इसके बाद 16 अप्रैल से 15 मई तक घर-घर जाकर जानकारी जुटाई जाएगी। सरकार का मानना है कि बीच में अधिकारियों के ट्रांसफर से काम प्रभावित हो सकता है। इसलिए जरूरी हालात को छोड़कर किसी का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। 2027 में होने वाली मुख्य जनगणना के लिए लाखों कर्मचारियों को लगाया जाएगा। यह फैसला प्रक्रिया को सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए लिया गया है।
अमेरिका के शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय छात्रों के नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बताया कि फरवरी 2026 तक अमेरिका में 3.5 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले करीब 6.9 फीसदी कम है।
राज्य मंत्री ने बताया कि फरवरी 2025 में यह आंकड़ा 3,78,787 था, जो अब घटकर 3,52,644 रह गया है। सरकार के अनुसार, वीजा स्क्रीनिंग और जांच के कड़े नियमों के कारण यह कमी आई है। नए अमेरिकी दिशा-निर्देशों के तहत छात्रों को सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी पब्लिक रखनी होगी। अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि वीजा अधिकार नहीं, विशेषाधिकार है। दूतावास ने यह भी साफ किया है कि वीजा मिलना अमेरिका में स्थायी प्रवास की गारंटी नहीं है।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में कहा कि सार्वजनिक ऋण में वृद्धि के कारण 2024-25 के दौरान केंद्र सरकार की कुल देनदारियां बढ़ गई हैं। संसद में पेश की गई कैग की रिपोर्ट में कहा गया, 2023-24 की तुलना में आंतरिक ऋण और बाहरी ऋण में क्रमशः 8.35 फीसदी और 9.83 फीसदी की वृद्धि हुई।
वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में आंतरिक ऋण 1,59,25,949 करोड़ रुपये रहा। बाजार ऋण, जो इसका प्राथमिक हिस्सा है, कुल आंतरिक ऋण का 69.96 फीसदी था। रिपोर्ट में कहा गया है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में पूंजीगत व्यय 2023-24 में 2.78 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 2.70 प्रतिशत हो गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऋण चुकौती भारत की समेकित निधि से सबसे अधिक खर्च का स्रोत रही है, जो 2024-25 के दौरान कुल व्यय का 62.57 फीसदी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्व घाटा और राजकोषीय घाटा दोनों पिछले वर्ष की तुलना में कम हुए हैं, जो विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन का संकेत है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में राजस्व घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 1.78 फीसदी था। वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में इसमें 26.24 प्रतिशत की कमी आई, जो राजस्व व्यय पर बेहतर नियंत्रण और राजस्व प्राप्तियों में स्थिर वृद्धि को दर्शाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटा 4.62 प्रतिशत रहा। वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में इसमें 8.27 प्रतिशत की कमी आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समूह बीमा योजना (सीजीईजीआईएस) के लेखांकन में अनियमितताएं पाई गईं।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने नागरिकों की सुविधा के लिए मैपमाईइंडिया के साथ हाथ मिलाया है। अब मैपल्स एप के जरिये लोग अपने नजदीकी अधिकृत आधार केंद्र आसानी से खोज सकेंगे। इस फीचर की मदद से वयस्क व बाल नामांकन और अपडेट जैसी विशिष्ट सेवाओं के आधार पर केंद्रों की सटीक पहचान संभव होगी। अपने आधिकारिक बयान में यूआईडीएआई ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आधार सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाना है।
रूसी संघ के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। इसके बाद विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ट्वीट किया, 'आज नई दिल्ली में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव की मेजबानी करके मुझे प्रसन्नता हुई। व्यापार, उद्योग, ऊर्जा, उर्वरक, कनेक्टिविटी और आवागमन पर केंद्रित द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों में नए अवसरों पर गहन चर्चा हुई। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।'
#WATCH | Delhi: First Deputy Prime Minister of the Russian Federation, Denis Manturov meets Indian External Affairs Minister Dr S Jaishankar. pic.twitter.com/x3y7RS5dsg
— ANI (@ANI) April 2, 2026
Pleased to host First DPM Dennis Manturov of Russia today in New Delhi.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 2, 2026
Had in-depth conversation on our bilateral cooperation focusing on trade, industry, energy, fertilizers, connectivity and mobility. As well as new opportunities in technology, innovation and critical… pic.twitter.com/IJN5mtpuGy
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने गुरुवार को अवैध गतिविधियों और सशस्त्र समूहों के खिलाफ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी रखा, जिसके परिणामस्वरूप कई जिलों में हथियारों और गोला-बारूद के जखीरे के साथ-साथ अन्य चीजें बरामद हुईं। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य में समग्र रूप से कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रही। हालांकि, सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में नियंत्रण अभ्यास तेज कर दिया है। बिष्णुपुर जिले में उपोकपी खुनौ मामंग लीकाई और आसपास के इलाकों से चलाए गए एक अभियान में एक 0.32 पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, एक एचई हैंड ग्रेनेड, एक सिंगल बैरल बंदूक, एक खाली कारतूस और पांच 12-बोर कारतूस बरामद किए गए। इसी दौरान चुराचांदपुर के दम्पी रिज पर भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया, जिसमें एक संशोधित एके-47 राइफल, दो 12 बोर राइफलें, दो 9 मिमी पिस्तौलें (मैगजीन सहित), चार "पंपी" (अस्थायी मोर्टार), 80 से अधिक जिंदा कारतूस और दो बुलेटप्रूफ जैकेट शामिल हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वॉकी-टॉकी और 1 किलोग्राम "पंपी" विस्फोटक भी बरामद किए गए।
प्रीम कोर्ट के जज जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि प्रौद्योगिकी ने सांविधानिक संस्थाओं की जगह नहीं ली है, बल्कि उस माहौल को बदल दिया है, जिसमें उनकी वैधता स्थापित होती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल एकीकरण अब सिर्फ एक अतिरिक्त चीज नहीं, बल्कि एक प्रक्रियागत नियम बन गया है।
जस्टिस विक्रम नाथ ‘डिजिटल गणराज्य में मुक्त न्याय’ विषय पर 21वां जस्टिस पीडी देसाई स्मृति व्याख्यान दे रहे थे। जस्टिस नाथ ने कहा कि अदालती कार्यवाही के इंटरनेट के माध्यम से सीधे प्रसारण से व्यवस्था के अंदर जवाबदेही मजबूत होती है, आम लोगों तक पहुंच बढ़ती है, संस्था अपने लोगों से जुड़ी रहती है और यह भारत में कानूनी साक्षरता को बेहतर बनाने का सबसे असरदार जरिया बन सकती है। उन्होंने कहा कि आज नागरिक फोन और सोशल मीडिया मंचों के जरिये सीखते हैं, परिचर्चा करते हैं, आलोचना करते हैं और हिस्सा लेते हैं।