फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NIA: 12 accused sentenced to five to ten years in prison in Jharkhand TPC terror funding and extortion case

NIA: झारखंड में TPC टेरर फंडिंग केस में 12 आरोपियों को पांच से दस साल की सजा, जबरन वसूली का मामला

Tue, 18 Aug 2026 09:51 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 18 Aug 2026 09:51 PM IST
विज्ञापन
NIA: 12 accused sentenced to five to ten years in prison in Jharkhand TPC terror funding and extortion case
NIA - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

रांची की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने 'तृतीय प्रस्तुति कमिटी' (टीपीसी) के लिए फंड जुटाने के मकसद से झारखंड के आम्रपाली-मगध कोयला खनन इलाकों में कोयला ट्रांसपोर्टरों, ठेकेदारों और व्यापारियों से जबरन वसूली से जुड़े मामले में 12 आरोपियों को पांच से दस साल कैद की सजा सुनाई है। एनआईए केस (RC-06/2018/NIA/DLI) में सज़ा पाने वाले बारह आरोपियों में से पांच को अधिक से अधिक 10 साल की कठोर कैद, छह को अधिक से अधिक 8 साल की कठोर कैद और एक को अधिक से अधिक 5 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई।

विज्ञापन


13 आरोपियों के खिलाफ शुरुआती ट्रायल  
यह मामला झारखंड के चतरा जिले के टंडवा पुलिस स्टेशन के इलाके में आने वाले आम्रपाली और मगध कोयला खनन क्षेत्रों में जबरन वसूली और लेवी वसूलने से जुड़ा है। एनआईए ने कुल 21 (16+5) आरोपियों के खिलाफ क्रमशः 22 दिसंबर 2018 और 10 जनवरी 2020 को चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में नामजद 13 आरोपियों के खिलाफ शुरुआती ट्रायल, अभियोजन पक्ष के 119 गवाहों के बयान दर्ज होने के साथ पूरा हुआ। 12 अगस्त 2026 को, रांची की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने चार्जशीट में नामजद 12 आरोपियों को IPC और UA (P) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया, जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया गया।
विज्ञापन


ट्रांसपोर्टेशन की इजाज़त देने के बदले वसूली  
एनआईए की जांच से पता चला है कि प्रतिबंधित 'तृतीय प्रस्तुति कमिटी' (टीपीसी) के सदस्य, हथियारबंद कैडर सीपीआई (माओवादी) से भी जुड़े थे। वे स्थानीय कमेटियों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और अधिकारियों की मिलीभगत से एक आपराधिक साजिश का हिस्सा थे। इस साज़िश का मकसद कोयला खदानों से कोयले की माइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन की इजाजत देने के बदले लेवी (वसूली) इकट्ठा करना था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed