भारत में इबोला का कोई केस नहीं: स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी, जानें क्या सावधानियां बरतने की दी सलाह
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि 2 जून 2026 तक भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, इबोला प्रभावित देशों से लौटे लोगों को बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दस्त या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत आइसोलेट होकर स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी गई है।
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मंत्रालय ने क्या एडवाइजरी जारी की?
मंत्रालय के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति ने पिछले 21 दिनों के भीतर इबोला प्रभावित देश की यात्रा की है या वहां से होकर आया है और उसे बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त या बिना कारण रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत स्वयं को दूसरों से अलग (आइसोलेट) कर लेना चाहिए और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से किसी भी जानकारी, सलाह या सहायता के लिए 24×7 हेल्थ हेल्पलाइन नंबर 1075 पर संपर्क करने को कहा है। मंत्रालय ने जोर दिया कि समय पर जानकारी देना और जांच कराना न केवल मरीज की जान बचा सकता है, बल्कि बीमारी के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इबोला से लड़ाई में अफ्रीका के साथ भारत, 43 टन चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप भेजी
भारत ने इबोला से निपटने के लिए अफ्रीका को चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप भेजी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि यह सहायता अफ्रीका रोग नियंत्रण व रोकथाम केंद्र को भेजी गई है, जिसमें सुरक्षात्मक उपकरण, जांच एवं निगरानी उपकरण, दवाइयां और पोषण संबंधी सप्लीमेंट शामिल हैं।
🇮🇳 has dispatched the second tranche of medical assistance to @AfricaCDC, comprising protective gear, diagnostic & monitoring equipment, medicines, and supplements.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 2, 2026
Confident that this 43 tons consignment will further strengthen public health preparedness and bolster Ebola… pic.twitter.com/SZgF06p0bo
विदेश मंत्री ने कहा कि 43 टन की यह खेप अफ्रीकी देशों की सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत करने और इबोला के खिलाफ उनकी प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी। यह सहायता अफ्रीकी संघ के सदस्य देशों में स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत के सहयोग का हिस्सा है।