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Noida Workers Protest: 2026 में यूपी समेत 12 राज्यों ने बढ़ाया फैक्टरी कर्मियों का न्यूनतम वेतन; अब कहां-कितना
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: Kirtivardhan Mishra
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:09 PM IST
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सार
यूपी के नोएडा में वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर अलग-अलग फैक्टरियों और कंपनियों के कर्मचारियों ने उग्र आंदोलन शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन हाल ही में हरियाणा सरकार के उस फैसले के बाद शुरू हुए, जिसमें प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन को 35% तक बढ़ाया गया। आइये जानते हैं कि 2026 में किन राज्यों की तरफ से अपने कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में बदलाव किया गया और इस बदलाव के बाद कौन सा राज्य कर्मचारी वेतन के मामले में कहां खड़ा है।
2026 में 12 राज्यों में बढ़ा न्यूनतम वेतन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को फैक्टरी कर्मियों ने उग्र प्रदर्शन किए। इनमें मुख्यतः होजरी के काम से जुड़े कर्मचारी शामिल रहे। प्रदर्शनों की मुख्य वजह थी श्रम कानूनों के तहत वेतन बढ़ाने की मांग। इसके अलावा काम पर बेहतर सुविधाएं, छुट्टियां और वेतन हर महीने की 10 तारीख को दिए जाने से जुड़ी मांगें भी उठाई गईं। इन सभी मुद्दों पर कर्मचारी संगठन बीते कई दिनों से प्रशासन से बात कर रहे थे। इतना ही नहीं बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने इस मांग के लिए धरना भी दिया। प्रशासन भी इनमें से अधिकतर मांगों को मानने के लिए तैयार हो गया, हालांकि वेतन में बढ़ोतरी का पेंच अटका रहा। यही वजह रही कि सोमवार को प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गए। अब मंगलवार को भी नोएडा में कुछ जगहों पर फिर से कर्मचारियों के प्रदर्शनों की खबरें सामने आ रही हैं।
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ऐसे में यह जानना अहम है कि उत्तर प्रदेश के जिस नोएडा को औद्योगिक शहर के रूप में पहचान मिली है, वहां सरकार की तरफ से फैक्टरी कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन के क्या मानक तय किए गए हैं? 2026 में श्रम कानून के तहत किन-किन राज्यों में फैक्टरी कर्मियों का वेतन बढ़ाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं? जिन राज्यों में यह नोटिफिकेशन जारी हुए हैं, वहां अकुशल से लेकर कुशल कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन को कितना रखा गया है? इन सबके मुकाबले यूपी कहां ठहरता है? आइये जानते हैं...
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क्या था इन प्रदर्शनों का ट्रिगर?
हरियाणा सरकार ने इसी महीने की 10 तारीख को एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें फैक्टरी-उद्योगों से जुड़े कर्मियों के न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया। इस फैसले से हरियाणा में कर्मचारियों का मासिक वेतन काफी बढ़ा है। जहां अकुशल कर्मियों को अब लगभग 11,274 रुपये से बढ़कर 15,220 रुपये मिल रहे हैं, तो वहीं कुशल कर्मियों को 13 हजार के मुकाबले करीब 18 हजार और उच्च-कौशल वाले कर्मियों को 14 हजार की जगह 19 हजार के करीब वेतन मिल रहा है।इसके उलट उत्तर प्रदेश में कर्मियों का न्यूनतम वेतन अभी भी काफी कम- करीब 11,313 रुपये (अकुशल कर्मी) से लेकर 13,940 रुपये (कुशल कर्मी के लिए) है।
दैनिक वेतन के मामले में भी नोएडा में जहां 435-536 रुपये के बीच मिलते हैं, तो वहीं हरियाणा के गुरुग्राम और मानेसर में यह करीब 585 रुपये 747 रुपये प्रतिदिन तक पहुंचा दिया गया है। वेतन में इस भारी अंतर की वजह से ही नोएडा के कर्मचारियों में भारी असंतोष फैल गया और वे हरियाणा के कर्मचारियों के समान वेतन की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन करने लगे। कर्मियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में गुजारा करना बेहद मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा प्रदर्शनों की यह आग राजस्थान के भिवाड़ी में भी फैल गई, जहां कर्मचारियों ने कम वेतन को लकेर अपने गुस्से का इजहार किया।
अब जानें- किस राज्य में क्या है फैक्टरी कर्मियों का न्यूनतम वेतन?
फैक्टरी कर्मियों को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा जाता है। इनमें अकुशल कर्मी, जैसे- चपरासी, क्लीनर, स्वीपर, सुरक्षा गार्ड, संदेशवाहक, आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा अर्ध-कुशल कर्मी, जैसे- सहायक अकाउंटेंट, अर्दली, आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा कुशल कर्मी, जैसे- क्लर्क, टाइपिस्ट, कार्यालय सहायक, इन्वेंट्री मैनेजमेंट स्टाफ, डाटा एंट्री ऑपरेटर, अकाउंटेंट, आदि को रखा जाता है। इसके ऊपर एक उच्च-कौशल वाले कर्मियों को रखा जाता है, जिनमें हेड असिस्टेंट, सीनियर एकाउंटेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) स्टाफ, ऑफिस सुपरवाइजर, गोदाम-प्रभारी, आदि आते हैं।1. पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल के न्यूनतम वेतन का विवरण मुख्य रूप से दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में बांटते हुए उपलब्ध कराया गया है। इनमें ही अकुशल से लेकर उच्च कुशल श्रेणी के कर्मियों के न्यूनतम वेतन का जिक्र किया गया है।9 जनवरी, 2026 को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में न्यूनतम वेतन की दरें 1 जनवरी, 2026 से 30 जून, 2026 तक लागू हैं। इन मानकों को दो जोन (क्षेत्रों) के आधार पर निर्धारित किया गया है।
जोन ए: नगर निगम, नगर पालिका, अधिसूचित क्षेत्र, विकास प्राधिकरण और टाउनशिप क्षेत्रों सहित थर्मल पावर प्लांट क्षेत्र।
जोन बी: पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्से।
2. महाराष्ट्र
महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन 4 फरवरी, 2026 के मुताबिक, न्यूनतम वेतन की दरें 1 जनवरी, 2026 से लागू हैं। महाराष्ट्र में न्यूनतम वेतन को तीन जोन और कौशल श्रेणियों के आधार पर निर्धारित किया गया है।जोन I: नगर निगम, छावनी क्षेत्र और नगर निगमों के 20 किमी के भीतर के औद्योगिक क्षेत्र।
जोन II: ए और बी ग्रेड नगर परिषदों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र।
जोन III: राज्य के वे सभी क्षेत्र जो जोन I और जोन II में शामिल नहीं हैं।
विशेष नियम: अगर किसी प्रतिष्ठान में कर्मचारियों की संख्या 50 से ज्यादा है, तो (बेसिक + विशेष भत्ता) पर 5% अतिरिक्त एचआरए जोड़ा जाएगा।
3. तमिलनाडु
तमिलनाडु सरकार ने भी बंगाल की तरह फैक्टरियों का सीधा जिक्र न कर दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन की नई दरें निर्धारित की हैं। इसका नोटिफिकेशन 18 फरवरी, 2026 को जारी किया गया था और यह 1 अप्रैल, 2026 से लागू है।तमिलनाडु में न्यूनतम वेतन को चार जोन (ए, बी, सी, और डी) और कर्मचारियों के विभिन्न पदों (जनरल और स्पेशल कैटेगरी) के आधार पर बांटा गया है। सभी श्रेणियों और जोन के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (Variable Dearness Allowance) की राशि ₹7,353 प्रति माह समान रूप से तय की गई है।
(नोट: ऊपर दिए गए सभी आंकड़े प्रति माह के कुल वेतन (₹) हैं, जिनमें पद और ज़ोन के अनुसार अलग-अलग बेसिक वेतन के साथ-साथ ₹7,353 का फिक्स VDA शामिल है)।
4. उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन का नोटिफिकेशन 18 फरवरी, 2026 को जारी किया गया था। राज्य में न्यूनतम वेतन की दरों को दो मुख्य श्रेणियों के लिए अधिसूचित किया गया है। पहला- 74 अनुसूचित रोजगारों के लिए और दूसरा इंजीनियरिंग से जुड़े कारखानों के लिए। ये दरें 1 अप्रैल, 2026 से 30 सितंबर, 2026 तक के लिए लागू हैं।
5. केरल
केरल सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन का नोटिफिकेशन 21 फरवरी, 2026 को जारी किया गया था और यह 1 जनवरी, 2026 से लागू है।केरल में न्यूनतम वेतन का ढांचा अन्य राज्यों से थोड़ा अलग है। यहां वेतन का निर्धारण मुख्य रूप से दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और आईटी क्षेत्र के लिए अलग-अलग किया गया है। इसके अलावा, वेतन की दरें जिले (जैसे तिरुवनंतपुरम, अर्नाकुलम, कोल्लम आदि) और ग्रेड (विशेष, ग्रेड-ए से ग्रेड-आई तक) के आधार पर अलग-अलग हैं।
चूंकि राज्य के 17 जिलों और 10 ग्रेड्स की सूची काफी विस्तृत है, इसलिए केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के न्यूनतम वेतन (प्रति माह) का उदाहरण लिया जा सकता है।
(नोट: केरल के सभी जिलों में प्रत्येक ग्रेड के लिए 'बेसिक' और 'विशेष भत्ता' समान है, लेकिन अलग-अलग जिलों का महंगाई भत्ता (डीए) अलग-अलग होने के कारण कुल वेतन में थोड़ा बदलाव आता है।)
6. आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन का नोटिफिकेशन 23 मार्च, 2026 को जारी किया था और यह 1 अप्रैल, 2026 से लागू है।यह वेतन ढांचा मुख्य रूप से दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित किया गया है और इसे दो जोन (जोन-I और जोन-II) तथा कर्मचारियों के कौशल/पदों के आधार पर बांटा गया है।
(नोट: ऊपर दिए गए सभी आंकड़े प्रति माह कुल वेतन के हैं, जो बेसिक वेतन और ₹8,947 के फिक्स वेरिएबल डीए को मिलाकर बनते हैं।)
7. मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के श्रम आयुक्त कार्यालय (इंदौर) की तरफ से 31 मार्च, 2026 को न्यूनतम वेतन से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया गया था। ये संशोधित दरें राज्य भर में 'सामान्य अनुसूचित रोजगार' में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 30 सितंबर, 2026 तक की अवधि के लिए लागू हैं।
(नोट: ऊपर दिए गए आंकड़ों में सभी श्रेणियों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) समान रूप से ₹2,850 प्रति माह तय किया गया है।)*
8. गुजरात
गुजरात सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन को बढ़ाने का फैसला 1 अप्रैल, 2026 से ही लागू है। राज्य में कर्मचारियों के कौशल और दो जोन (जोन I और जोन II) के आधार पर न्यूनतम वेतन की दरों को निर्धारित किया गया है।
(नोट: सभी श्रेणियों और जोन के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता समान रूप से ₹60.50 प्रति दिन तय किया गया है।)
9. बिहार
बिहार सरकार ने न्यूनतम वेतन की संशोधित दरें 1 अप्रैल, 2026 से लागू कर दीं। यहां भी राज्य के कर्मचारियों के कौशल के आधार पर न्यूनतम वेतन का ढांचा तैयार किया गया है।
(नोट: ऊपर दिए गए आंकड़ों में बेसिक वेतन के साथ-साथ परिवर्तनशील महंगाई भत्ता को जोड़कर कुल वेतन निर्धारित किया गया है।)
10. हरियाणा
हरियाणा सरकार के श्रम विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, राज्य में न्यूनतम वेतन की नई दरें 1 अप्रैल, 2026 से लागू हैं। 10 अप्रैल को इससे जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। हरियाणा के न्यूनतम वेतन से जुड़े कुछ अहम नियम भी स्पष्ट किए गए हैं। ये वेतन दरें मजदूरी संहिता- कोड ऑन वेजेज, 2019 के तहत आने वाले सभी प्रतिष्ठानों, कारखानों, कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों पर भी लागू होती हैं। इस वेतन को अलग-अलग भत्तों में नहीं बांटा जा सकता है। इसका भुगतान संपूर्ण रूप से करने का प्रावधान है। इसके अलावा पुरुषों और महिलाओं के बीच वेतन में कोई अंतर नहीं किया गया है। यानी समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा।
इसके अलावा प्रशिक्षु यानी ट्रेनी कर्मचारियों को संबंधित श्रेणी के वेतन का कम से कम 75% भुगतान किया जाना चाहिए, जो किसी भी स्थिति में अकुशल श्रेणी की दर से कम नहीं हो सकता। इसके साथ ही, प्रशिक्षण की अवधि अधिकतम एक वर्ष तक ही सीमित की गई है। वहीं, मुख्य नियोक्ता की यह जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि ठेकेदार भी अपने श्रमिकों को न्यूनतम वेतन का भुगतान कर रहे हैं।
11. तेलंगाना
तेलंगाना के श्रम आयुक्त कार्यालय ने दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए न्यूनतम वेतन की संशोधित दरें अधिसूचित की हैं। ये दरें 1 अप्रैल, 2026 से 30 सितंबर, 2026 तक की अवधि के लिए प्रभावी हैं। वेतन के निर्धारण के लिए राज्य को दो ज़ोन में बांटा गया है।जोन I: तेलंगाना के सभी नगर निगम, चयन ग्रेड और विशेष ग्रेड नगर पालिकाएं।
जोन II: राज्य के बाकी सभी क्षेत्र।
विशेष नोट: तेलंगाना में सभी श्रेणियों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता जोन I और जोन II दोनों में समान रूप से ₹9,408 प्रति माह निर्धारित किया गया है। ऊपर दी गई टेबल में कुल वेतन दर्शाया गया है, जिसमें संबंधित श्रेणी का अलग-अलग बेसिक वेतन और यह निर्धारित वीडिए दोनों शामिल हैं।
12. कर्नाटक
कर्नाटक सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन की संशोधित दरें 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक के लिए लागू हैं। कर्नाटक में न्यूनतम वेतन को चार जोन (जोन I, II, III और IV) और कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों (जैसे- सामान्य कौशल, ऑफिस स्टाफ और ड्राइवर) के आधार पर निर्धारित किया गया है। सभी श्रेणियों और जोन के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (वेरिएबल डीए) समान रूप से ₹4,549 प्रति माह तय किया गया है।1. सामान्य कौशल श्रेणियां
2. ऑफिस स्टाफ
3. ड्राइवर
न्यूनतम वेतन में किस राज्य की क्या स्थिति?
ऊपर दी गई तालिकाओं में सिर्फ अकुशल कर्मियों को ही आधार बना लिया जाए तो सामने आता है कि पश्चिम बंगाल में कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन सबसे कम है। वहीं, दूसरा नंबर उत्तर प्रदेश का है, जहां न्यूनतम वेतन 11,313 रुपये ही है। हालांकि, राज्य में इंजीनियरिंग से जुड़े कारखानों में न्यूनतम वेतन 13,224 रुपये है। मौजूदा समय में सबसे बेहतर स्थिति हरियाणा की ही है, जहां हर वर्ग के कर्मचारी का वेतन हाल ही में 35 फीसदी तक बढ़ाया गया है।
