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Civic Polls: शरद पवार बोले- उद्धव-आंबेडकर के बीच बातचीत में शामिल नहीं, मेरा मानना है कि MVA मिलकर चुनाव लड़े
पीटीआई, मुंबई
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 06 Mar 2023 12:32 AM IST
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सार
इस साल 23 जनवरी को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और वीबीए ने महाराष्ट्र के कई शहरों में निकाय चुनावों से पहले गठबंधन की घोषणा की। इस कदम को ठाकरे द्वारा राज्य में निकाय चुनावों से पहले दलितों के बीच समर्थन को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा गया था।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार
- फोटो : ANI
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विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को कहा कि वह शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे और वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) प्रमुख प्रकाश अंबेडकर के बीच किसी तरह की बातचीत में शामिल नहीं हैं।
इस साल 23 जनवरी को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और वीबीए ने महाराष्ट्र के कई शहरों में निकाय चुनावों से पहले गठबंधन की घोषणा की। इस कदम को ठाकरे द्वारा राज्य में निकाय चुनावों से पहले दलितों के बीच समर्थन को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा गया था। ठाकरे की पार्टी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन की एक घटक है, जिसमें एनसीपी और कांग्रेस भी शामिल हैं। शिवसेना (यूबीटी) और वीबीए के गठबंधन करने के कुछ दिनों बाद पवार ने कहा था कि अंबेडकर के नेतृत्व वाले संगठन को साथ लेने के बारे में एमवीए घटकों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है।
एमवीए लड़े चुनाव
शिवसेना (यूबीटी) और वीबीए के गठबंधन करने के कुछ दिनों बाद पवार ने कहा था कि अंबेडकर के नेतृत्व वाले संगठन को साथ लेने के बारे में एमवीए घटकों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। रविवार को पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मैं उनके (ठाकरे के नेतृत्व वाली सेना और वीबीए) के बीच किसी भी तरह की बातचीत में शामिल नहीं हूं। मेरा दृष्टिकोण यह है कि कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना (यूबीटी) को मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए।
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23 जनवरी को हुआ था गठबंधन
बता दें, तीन चार महीने की बातचीत के बाद प्रकाश आंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन अघाड़ी और उद्धव ठाकरे गुट के बीच गठबंधन हुआ था। गठबंधन का हिस्सा बनते ही प्रकाश आंबेडकर ने एनसीपी नेता शरद पवार पर टिप्पणी करना शुरू कर दी। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि महा विकास अघाड़ी में सबकुछ ठीक नहीं है। दरअसल, कुछ दिन पहले प्रकाश आंबडेकर ने कहा था कि शरद पवार भाजपा के साथ हैं, उनके विचारों में कोई बदलाव नहीं आया है।
देश में चल रही बदलाव की बयार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार तीन पूर्वोत्तर राज्यों के चुनाव परिणामों को आसानी से नजरअंदाज कर रहे हैं लेकिन कस्बा पेठ विधानसभा उपचुनाव को बदलाव के संकेत दिए हैं। पवार ने कहा था कि हाल ही में हुए उपचुनाव में पुणे शहर में भारतीय जनता पार्टी के गढ़ कस्बा पेठ में कांग्रेस के हाथों मिली हार से संकेत मिलता है कि देश भर में बदलाव की हवा चल रही है। शिंदे ने कहा, पवार चुनिंदा चुनाव परिणामों को देख रहे हैं। वह पूर्वोत्तर क्षेत्र से तीन राज्यों के नतीजों की अनदेखी कर रहे हैं, लेकिन केवल कस्बा पेठ विधानसभा क्षेत्र के बारे में बात कर रहे हैं।
इस साल 23 जनवरी को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और वीबीए ने महाराष्ट्र के कई शहरों में निकाय चुनावों से पहले गठबंधन की घोषणा की। इस कदम को ठाकरे द्वारा राज्य में निकाय चुनावों से पहले दलितों के बीच समर्थन को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा गया था। ठाकरे की पार्टी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन की एक घटक है, जिसमें एनसीपी और कांग्रेस भी शामिल हैं। शिवसेना (यूबीटी) और वीबीए के गठबंधन करने के कुछ दिनों बाद पवार ने कहा था कि अंबेडकर के नेतृत्व वाले संगठन को साथ लेने के बारे में एमवीए घटकों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है।
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एमवीए लड़े चुनाव
शिवसेना (यूबीटी) और वीबीए के गठबंधन करने के कुछ दिनों बाद पवार ने कहा था कि अंबेडकर के नेतृत्व वाले संगठन को साथ लेने के बारे में एमवीए घटकों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। रविवार को पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मैं उनके (ठाकरे के नेतृत्व वाली सेना और वीबीए) के बीच किसी भी तरह की बातचीत में शामिल नहीं हूं। मेरा दृष्टिकोण यह है कि कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना (यूबीटी) को मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए।
23 जनवरी को हुआ था गठबंधन
बता दें, तीन चार महीने की बातचीत के बाद प्रकाश आंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन अघाड़ी और उद्धव ठाकरे गुट के बीच गठबंधन हुआ था। गठबंधन का हिस्सा बनते ही प्रकाश आंबेडकर ने एनसीपी नेता शरद पवार पर टिप्पणी करना शुरू कर दी। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि महा विकास अघाड़ी में सबकुछ ठीक नहीं है। दरअसल, कुछ दिन पहले प्रकाश आंबडेकर ने कहा था कि शरद पवार भाजपा के साथ हैं, उनके विचारों में कोई बदलाव नहीं आया है।
देश में चल रही बदलाव की बयार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार तीन पूर्वोत्तर राज्यों के चुनाव परिणामों को आसानी से नजरअंदाज कर रहे हैं लेकिन कस्बा पेठ विधानसभा उपचुनाव को बदलाव के संकेत दिए हैं। पवार ने कहा था कि हाल ही में हुए उपचुनाव में पुणे शहर में भारतीय जनता पार्टी के गढ़ कस्बा पेठ में कांग्रेस के हाथों मिली हार से संकेत मिलता है कि देश भर में बदलाव की हवा चल रही है। शिंदे ने कहा, पवार चुनिंदा चुनाव परिणामों को देख रहे हैं। वह पूर्वोत्तर क्षेत्र से तीन राज्यों के नतीजों की अनदेखी कर रहे हैं, लेकिन केवल कस्बा पेठ विधानसभा क्षेत्र के बारे में बात कर रहे हैं।