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18 फीट गहरे कुएं में समंदर जैसी उठ रहीं लहरें, भूकंप नहीं फिर क्यों कांप रहा पानी? मोरबी की घटना बनी पहेली
Fri, 07 Aug 2026 09:29 AM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, मोरबी
पीटीआई, मोरबी
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Fri, 07 Aug 2026 09:29 AM IST
सार
गुजरात के मोरबी जिले के एक गांव में 18 फीट गहरे कुएं में पिछले पांच दिनों से लगातार लहरें और पानी में हलचल देखी जा रही है। प्रारंभिक जांच में भारी बारिश के बाद भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवॉटर रिचार्ज) के दौरान चट्टानों में फंसी हवा के बाहर निकलने को इसकी संभावित वजह बताया गया है।
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मोरबी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
गुजरात के मोरबी जिले के एक दूरदराज के गांव में स्थित 18 फीट गहरा एक कुआं इन दिनों लोगों के लिए कौतूहल का केंद्र बना हुआ है। पिछले पांच दिनों से इस कुएं के पानी में लगातार लहरें और तेज हलचल देखी जा रही है। इस अनोखी घटना ने ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों और आसपास से गुजरने वाले लोगों को भी हैरान कर दिया है। बड़ी संख्या में लोग इस रहस्यमयी नज़ारे को देखने के लिए मौके पर पहुंच रहे हैं।
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क्या भूकंप की वजह से उठ रही हैं ये लहरें?
कुएं में लगातार हो रही हलचल को देखकर लोगों के बीच भूकंप की आशंका भी जताई जाने लगी। हालांकि जिला भूवैज्ञानिक जे. एस. वढेर ने साफ किया कि प्रथम दृष्टया यह घटना किसी भी प्रकार की भूकंपीय गतिविधि से जुड़ी हुई नहीं लगती। उन्होंने बताया कि हाल में ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद भूजल का पुनर्भरण (ग्राउंडवॉटर रिचार्ज) तेजी से हुआ है। इस दौरान चट्टानों के सूक्ष्म छिद्रों और दरारों में फंसी हवा बाहर निकल रही है, जिससे कुएं के पानी में लगातार हलचल और लहरें पैदा हो रही हैं।
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क्या सीस्मोलॉजी संस्थान ने भी भूकंप की आशंका खारिज की?
जे. एस. वढेर ने बताया कि इस मामले में गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (आईएसआर) से भी परामर्श लिया गया। संस्थान ने पुष्टि की है कि जिस क्षेत्र में यह कुआं स्थित है, वहां कोई सक्रिय फॉल्ट लाइन मौजूद नहीं है। इसलिए इस घटना का भूकंप से संबंध होने की संभावना नहीं है। मोरबी के जिला कलेक्टर स्वप्निल खरे ने बताया कि इस रहस्यमयी घटना की जानकारी गुजरात सरकार को दे दी गई है। सरकार के निर्देश पर गांधीनगर से विशेषज्ञों की एक टीम मौके का निरीक्षण करेगी और वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच करेगी, ताकि वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
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कुएं के मालिक ने सबसे पहले क्या देखा था?
जिस खेत में यह कुआं स्थित है, उसके मालिक प्राणजीवन सदारिया ने बताया कि उन्होंने पहली बार 2 अगस्त को इस असामान्य घटना को देखा। जब वह रविवार को अपने खेत पहुंचे तो कुएं का पानी किनारों तक भरकर बाहर छलक रहा था। तब से अब तक पानी में लगातार उसी तरह की हलचल बनी हुई है। प्राणजीवन सदारिया के मुताबिक, यह कुआं करीब तीन महीने पहले ही बनवाया गया था। अब अचानक उसमें लगातार उठ रही लहरों ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि वैज्ञानिकों और प्रशासन का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आने वाली जांच के बाद ही इस रहस्यमयी घटना की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।