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ठगी का अनोखा खेल: एक ही कमर्शियल स्पेस कई लोगों को बेचा, ED ने जहाज-बैंक खाते किए अटैच
Wed, 19 Aug 2026 06:04 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 19 Aug 2026 06:04 PM IST
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ईडी
- फोटो : अमर उजाला
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हेडक्वार्टर ऑफिस ने '32nd एवेन्यू ग्रुप' मामले में 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002' के तहत 71.60 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी/एसेट्स को अस्थायी रूप से अटैच किया है। जांच एजेंसी ने दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस द्वारा इस ग्रुप और इसके प्रमोटर-डायरेक्टर अनुभव शर्मा, ध्रुव शर्मा और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और साजिश जैसे अपराधों के लिए दर्ज मामलों के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की है। आरोपियों ने कई लोगों को एक ही कमर्शियल स्पेस बेच दिया। ठगी के लिए 50 से ज्यादा मुखौटा कंपनियां खोली गई। ईडी ने एक जहाज सहित कई बैंक खाते अटैच किए हैं।
लालच दे कमर्शियल यूनिट खरीदने के लिए मनाया
जांच में एक संगठित और व्यवस्थित तरीका सामने आया है, जिसमें निवेशकों को पक्के लॉन्ग-टर्म लीज़, फिक्स्ड रेंटल इनकम, बाय-बैक अरेंजमेंट और समय-समय पर रिटर्न में बढ़ोतरी का लालच देकर कमर्शियल यूनिट खरीदने के लिए मनाया जाता था। कई मामलों में, कब्जा नहीं दिया गया या बाद में वापस ले लिया गया। कथित तौर पर एक ही कमर्शियल स्पेस कई लोगों को बेचे या लीज पर दिए गए। उनमें यूनिट नंबर, एरिया और लेआउट में बदलाव भी शामिल था। ओरिजिनल यूनिट को छोटी यूनिट में बांटा गया। बाद में ऐसी यूनिट को तीसरे पक्ष को ट्रांसफर करने के लिए नकली/बनावटी सेल और कन्वेयंस डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल किया गया। धोखे को बनाए रखने के लिए, शुरू में कुछ समय तक किराया दिया गया और बाद में उसे रोक दिया गया। हालांकि प्रॉपर्टी पर कंट्रोल आरोपियों का ही रहा।
टीडीएस काटा, मगर आईटी डिपार्टमेंट में जमा नहीं
जांच में यह भी पता चला है कि किराए के भुगतान से टीडीएस काटा गया, लेकिन उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जमा नहीं किया गया। निवेशकों से इकट्ठा किए गए फंड को 50 से ज़्यादा कंपनियों/एलएलपी के नेटवर्क के ज़रिए घुमाया और लेयर किया गया। इनमें से कई कंपनियां एक ही पते पर या नॉन-फंक्शनल पते पर पाई गईं। जाहिर तौर पर फंड को घुमाने और लेयर करने के लिए इन मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। जांच में गोवा और महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए '32nd एवेन्यू' या उससे जुड़े प्रोजेक्ट्स में प्रॉपर्टी बेचकर मिले फंड के इस्तेमाल का भी पता चला है।
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तीन राज्यों में अटैच की हैं प्रॉपर्टी
इस मामले में 76 अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। इनमें गुरुग्राम में कमर्शियल यूनिट के साथ-साथ गोवा और महाराष्ट्र में जमीन/प्रॉपर्टी शामिल हैं। 38 चल संपत्तियों को अटैच किया गया, जिनमें कई बैंक अकाउंट में बैलेंस और एक इनलैंड वेसल (जहाज) शामिल हैं। इससे पहले, ईडी ने 13.04.2026 और 14.04.2026 को दिल्ली-एनसीआर, गोवा, जयपुर और मुंबई में सात जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था। मुख्य आरोपी अनुभव शर्मा, ध्रुव शर्मा, ममता शर्मा और शिरीन शर्मा अभी मुख्य मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। केस की जांच जारी है।
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लालच दे कमर्शियल यूनिट खरीदने के लिए मनाया
जांच में एक संगठित और व्यवस्थित तरीका सामने आया है, जिसमें निवेशकों को पक्के लॉन्ग-टर्म लीज़, फिक्स्ड रेंटल इनकम, बाय-बैक अरेंजमेंट और समय-समय पर रिटर्न में बढ़ोतरी का लालच देकर कमर्शियल यूनिट खरीदने के लिए मनाया जाता था। कई मामलों में, कब्जा नहीं दिया गया या बाद में वापस ले लिया गया। कथित तौर पर एक ही कमर्शियल स्पेस कई लोगों को बेचे या लीज पर दिए गए। उनमें यूनिट नंबर, एरिया और लेआउट में बदलाव भी शामिल था। ओरिजिनल यूनिट को छोटी यूनिट में बांटा गया। बाद में ऐसी यूनिट को तीसरे पक्ष को ट्रांसफर करने के लिए नकली/बनावटी सेल और कन्वेयंस डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल किया गया। धोखे को बनाए रखने के लिए, शुरू में कुछ समय तक किराया दिया गया और बाद में उसे रोक दिया गया। हालांकि प्रॉपर्टी पर कंट्रोल आरोपियों का ही रहा।
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टीडीएस काटा, मगर आईटी डिपार्टमेंट में जमा नहीं
जांच में यह भी पता चला है कि किराए के भुगतान से टीडीएस काटा गया, लेकिन उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जमा नहीं किया गया। निवेशकों से इकट्ठा किए गए फंड को 50 से ज़्यादा कंपनियों/एलएलपी के नेटवर्क के ज़रिए घुमाया और लेयर किया गया। इनमें से कई कंपनियां एक ही पते पर या नॉन-फंक्शनल पते पर पाई गईं। जाहिर तौर पर फंड को घुमाने और लेयर करने के लिए इन मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। जांच में गोवा और महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए '32nd एवेन्यू' या उससे जुड़े प्रोजेक्ट्स में प्रॉपर्टी बेचकर मिले फंड के इस्तेमाल का भी पता चला है।
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तीन राज्यों में अटैच की हैं प्रॉपर्टी
इस मामले में 76 अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। इनमें गुरुग्राम में कमर्शियल यूनिट के साथ-साथ गोवा और महाराष्ट्र में जमीन/प्रॉपर्टी शामिल हैं। 38 चल संपत्तियों को अटैच किया गया, जिनमें कई बैंक अकाउंट में बैलेंस और एक इनलैंड वेसल (जहाज) शामिल हैं। इससे पहले, ईडी ने 13.04.2026 और 14.04.2026 को दिल्ली-एनसीआर, गोवा, जयपुर और मुंबई में सात जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था। मुख्य आरोपी अनुभव शर्मा, ध्रुव शर्मा, ममता शर्मा और शिरीन शर्मा अभी मुख्य मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। केस की जांच जारी है।