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लोटस अब बन गया है 'लूट अस': AAP के सात सांसदों के भाजपा में विलय पर कांग्रेस का तंज, BJP पर लगाए ये गंभीर आरोप
Mon, 27 Apr 2026 05:51 PM IST
Himanshu Singh Chandel
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Mon, 27 Apr 2026 05:51 PM IST
सार
राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों का भाजपा में विलय स्वीकार कर लिया है। इससे पार्टी के अब सिर्फ तीन सांसद बचे हैं, जबकि भाजपा का आंकड़ा 113 हो गया है। इस पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि लोटस अब लूट अस बन गया है।
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जयराम रमेश, कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा दल-बदल देखने को मिला है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आधिकारिक तौर पर विलय स्वीकार कर लिया। इस बड़े सियासी उलटफेर के बाद उच्च सदन के समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं। वहीं, इस फैसले के तुरंत बाद प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा पर जोरदार जुबानी हमला बोला है और इस घटनाक्रम को 'ऑपरेशन लोटस' का हिस्सा बताया है।
कांग्रेस ने इस विलय पर क्या तंज कसा?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि राज्यसभा के सभापति का यह फैसला बिल्कुल भी चौंकाने वाला नहीं है। रमेश ने आगे कहा कि 'लोटस (कमल) अब लूटअस बन गया है।' उन्होंने दल-बदल की इस घटना को एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' और 'बचाव की कार्रवाई' करार दिया। कांग्रेस ने कहा कि हैरानी बस इस बात की है कि इस विलय को औपचारिक रूप से स्वीकार करने में इतना लंबा समय क्यों लगा।
ये भी पढ़ें- Dinesh Trivedi: बांग्लादेश में भारत के नए हाई कमिश्नर होंगे पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी, MEA ने जारी की अधिसूचना
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राज्यसभा में अब AAP और भाजपा की क्या है नई स्थिति?
क्या ईडी की कार्रवाई से बचने के लिए हुआ यह दल-बदल?
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि हाल ही तक भाजपा इन सांसदों की ईमानदारी पर गंभीर सवाल उठाती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा का दावा था कि उसके पास इन नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के ठोस सबूत मौजूद हैं, जिन्हें अब भुला दिया गया है। हाल के दिनों तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इनमें से कुछ सांसदों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी। कांग्रेस ने शर्त लगाते हुए कहा है कि भाजपा में शामिल होते ही अब इन सांसदों पर ईडी के सारे छापे तुरंत बंद हो जाएंगे।
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कांग्रेस ने इस विलय पर क्या तंज कसा?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि राज्यसभा के सभापति का यह फैसला बिल्कुल भी चौंकाने वाला नहीं है। रमेश ने आगे कहा कि 'लोटस (कमल) अब लूटअस बन गया है।' उन्होंने दल-बदल की इस घटना को एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' और 'बचाव की कार्रवाई' करार दिया। कांग्रेस ने कहा कि हैरानी बस इस बात की है कि इस विलय को औपचारिक रूप से स्वीकार करने में इतना लंबा समय क्यों लगा।
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राज्यसभा में अब AAP और भाजपा की क्या है नई स्थिति?
- आम आदमी पार्टी के सात सांसद- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता अब आधिकारिक रूप से भाजपा के सदस्य बन गए हैं।
- इस बड़े झटके के बाद उच्च सदन (राज्यसभा) में अरविंद केजरीवाल की पार्टी (AAP) के पास अब केवल 3 सांसद ही बचे हैं।
- वहीं, सात नए सदस्यों के जुड़ने के बाद राज्यसभा में भाजपा की ताकत काफी बढ़ गई है और उसके सांसदों की कुल संख्या 113 हो गई है।
- राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी बदलाव कर दिया गया है और अब इन सातों सांसदों को भाजपा सदस्यों की सूची में दिखाया जा रहा है।
क्या ईडी की कार्रवाई से बचने के लिए हुआ यह दल-बदल?
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि हाल ही तक भाजपा इन सांसदों की ईमानदारी पर गंभीर सवाल उठाती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा का दावा था कि उसके पास इन नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के ठोस सबूत मौजूद हैं, जिन्हें अब भुला दिया गया है। हाल के दिनों तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इनमें से कुछ सांसदों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी। कांग्रेस ने शर्त लगाते हुए कहा है कि भाजपा में शामिल होते ही अब इन सांसदों पर ईडी के सारे छापे तुरंत बंद हो जाएंगे।
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