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Civic Polls: 'भाजपा और उसके सहयोगी वक्फ बोर्ड को निशाना बना रहे', नांदेड़ में बरसे ओवैसी, अजित पवार को भी घेरा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: लव गौर Updated Tue, 06 Jan 2026 11:49 AM IST
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सार

नादेड़ में एक रैली को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने सत्ताधारी भाजपा  और उसके सहयोगियों पर वक्फ एक्ट के जरिए मुस्लिम धार्मिक संस्थानों को कमजोर करने का आरोप लगाया। इसी के साथ ओवैसी ने अजित पवार को भी घेरा। 

Owaisi accused ruling BJP and its allies tempting to undermine Muslim religious institutions through Waqf Act
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : ANI Photos
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विस्तार

महाराष्ट्र में 15 जनवरी को मुंबई सहित 29 नगर निगमों में मतदान होना है। ऐसे में चुनाव प्रचार जोरों पर हैं। इस बीच एक चुनावी रैली में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगियों पर वक्फ अधिनियम के माध्यम से मुस्लिम धार्मिक संस्थानों को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
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वक्फ बोर्ड को लेकर ओवैसी का दावा
नांदेड़ में सोमवार शाम को एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि हाल ही में पारित वक्फ अधिनियम का इस्तेमाल 'मस्जिदों को बंद करने' और सदियों पुरानी दरगाहों के स्वामित्व को चुनौती देने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार का उद्देश्य उनका नियंत्रण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को हस्तांतरित करना है।
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असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाताओं से 15 जनवरी को होने वाले नांदेड़-वाघाला नगर निगम चुनावों में भाजपा, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को खारिज करने का आग्रह किया। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि मुसलमान किरायेदार या द्वितीय श्रेणी के नागरिक नहीं हैं , भारत उनका भी देश है।

37 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा
बता दें कि एआईएमआईएम ने नांदेड़ नगर निगम की 81 सीटों के लिए 37 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। ओवैसी ने अपने बयान में आगे कहा कि लोगों को इन पार्टियों के खिलाफ वोट देना चाहिए ताकि राज्य और देश में वक्फ बोर्ड को खत्म करने की कोशिश करने वालों को कड़ा संदेश दिया जा सके। उन्होंने आगे कहा, 'वक्फ अधिनियम के जरिए सरकार का इरादा मस्जिदों को बंद करना है, यह दिखाना है कि 100 साल से अधिक पुरानी दरगाहें वक्फ के स्वामित्व में नहीं हैं, बल्कि एएसआई के स्वामित्व में हैं। यह चुनाव वक्फ अधिनियम के लागू होने के बाद हो रहा है। जनता को शिंदे, पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह संदेश देना होगा कि हम इस कानून को स्वीकार नहीं करते।

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उन्होंने आगे कहा कि लोगों को मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों के खिलाफ बनाए गए इस कानून के विरुद्ध मतदान करने के अपने अधिकार का प्रयोग करना चाहिए। ओवैसी ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण - जो कई राज्यों में आयोजित किया जाता है) होगा, और यदि लोग चाहते हैं कि उनके नाम मतदाता सूची में बने रहें, तो उन्हें इस बार मतदान करना चाहिए।

धार्मिक मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करने का बचाव करते हुए ओवैसी ने कहा, 'लोग कहते हैं कि मैं मस्जिदों और दरगाहों को राजनीति में घसीटता हूं। मैं ऐसा इसलिए कहता हूं क्योंकि इन स्थानों से मेरा जुड़ाव संविधान द्वारा दिए गए विचार, अभिव्यक्ति और आस्था की स्वतंत्रता के वादे में निहित है।'

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ओवैसी ने अजित पवार को भी घेरा
ओवैसी यहीं नहीं रूके उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अपने चाचा शरद पवार से अलग होने की भी आलोचना की। ओवैसी ने कहा, 'वह अजित पवार हैं, इसलिए उन पर लगे आरोपों से वह बरी हो गए हैं, लेकिन अगर उनकी जगह कोई मुसलमान होता तो उसे 75 साल की जेल हो जाती। वहीं भाजपा सांसद अशोक चव्हाण पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि मोदी ने उन्हें (केंद्र में) मंत्री तक नहीं बनाया। उन्हें कम से कम राज्य मंत्री तो बना देना चाहिए था।

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