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पनामा के विदेश मंत्री का भारत दौरा: जयशंकर और पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे जेवियर, किन मुद्दों पर होगी बात?
Sun, 19 Jul 2026 05:01 AM IST
राकेश कुमार
आईएएनएस / एएनआई, नई दिल्ली।
आईएएनएस / एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 19 Jul 2026 05:01 AM IST
सार
पनामा के विदेश मंत्री जेवियर एडुआर्डो आज पांच दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे। उनका यह दौरा व्यापार, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी मोर्चे पर बेहद अहम है। वे नए संसद भवन में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हाई-प्रोफाइल बैठकें करेंगे।
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पनामा के विदेश मंत्री जेवियर एडुआर्डो मार्टिनेज-आचा वास्केज
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारत और पनामा के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को नया आयाम देने के लिए पनामा के विदेश मंत्री जेवियर एडुआर्डो मार्टिनेज-आचा वास्केज भारत के आधिकारिक दौरे पर आए हैं। उनका यह दौरा 19 से 23 जुलाई तक चलेगा। यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापार, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी मोर्चे पर बेहद अहम साबित होने वाला है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स हैंडल पर लिखा, 'पनामा के विदेश मंत्री, जेवियर एडुआर्डो मार्टिनेज-आचा वास्केज नई दिल्ली पहुंच गए हैं। दोनों देश साझा मूल्यों, पारस्परिक हितों और सद्भावना पर आधारित घनिष्ठ साझेदारी साझा करते हैं।'
दिल्ली में बैठकों का दौर, किन नेताओं के साथ मुलाकात?
पनामा के विदेश मंत्री का व्यस्त कूटनीतिक कार्यक्रम है। सोमवार को वह सबसे पहले नई संसद भवन में भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने पर चर्चा होगी। इसके बाद जेवियर मार्टिनेज-आचा हैदराबाद हाउस का रुख करेंगे। वहां वह भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में वैश्विक मुद्दों और आपसी सहयोग के कई अहम समझौतों पर बात होगी।
समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर नजर
मंगलवार को दिल्ली में कुछ स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद, बुधवार को उनकी बैठकें फिर शुरू होंगी। बुधवार को पनामा के विदेश मंत्री परिवहन भवन जाएंगे। वहां वह भारत के बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात करेंगे। पनामा नहर की वैश्विक स्थिति को देखते हुए भारत के लिए यह मुलाकात बेहद खास है। गुरुवार को वह अपनी यात्रा पूरी कर भारत से रवाना हो जाएंगे।
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इस ऐतिहासिक दौरे की नींव पहले ही रखी जा चुकी थी। इसी महीने की शुरुआत में पनामा में भारत के राजदूत सुमित सेठ ने विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने संबंधों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की थी। पनामा स्थित भारतीय दूतावास ने इस मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की थीं, जिसमें राजदूत ने पनामा के विदेश मंत्री को भारत-पनामा के प्रतीकात्मक झंडे का पिन भेंट किया था।
यह भी पढ़ें: ग्लोबल वॉर्मिंग का कहर: यूरोप में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने ली 10,000 लोगों की जान, बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा आफत
आतंकवाद के खिलाफ भारत का साथ
पनामा इस समय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का निर्वाचित सदस्य भी है। पिछले वर्ष पनामा में भारतीय राजदूत सुमित सेठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में जेवियर मार्टिनेज-आचा ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का खुलकर समर्थन किया था। यह कार्यक्रम कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में पनामा पहुंचे भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के स्वागत में रखा गया था।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने पनामा के सामने आतंकवाद के प्रति भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को मजबूती से रखा था। प्रतिनिधिमंडल ने पहलगाम में पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों द्वारा किए गए उस कायराना हमले का जिक्र किया था, जिसमें 26 मासूम लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो क्विंटेरो ने भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान आतंकवाद के खिलाफ भारत की इस न्यायपूर्ण लड़ाई को अपना पूरा समर्थन देने का एलान किया था।
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दिल्ली में बैठकों का दौर, किन नेताओं के साथ मुलाकात?
पनामा के विदेश मंत्री का व्यस्त कूटनीतिक कार्यक्रम है। सोमवार को वह सबसे पहले नई संसद भवन में भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने पर चर्चा होगी। इसके बाद जेवियर मार्टिनेज-आचा हैदराबाद हाउस का रुख करेंगे। वहां वह भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में वैश्विक मुद्दों और आपसी सहयोग के कई अहम समझौतों पर बात होगी।
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समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर नजर
मंगलवार को दिल्ली में कुछ स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद, बुधवार को उनकी बैठकें फिर शुरू होंगी। बुधवार को पनामा के विदेश मंत्री परिवहन भवन जाएंगे। वहां वह भारत के बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात करेंगे। पनामा नहर की वैश्विक स्थिति को देखते हुए भारत के लिए यह मुलाकात बेहद खास है। गुरुवार को वह अपनी यात्रा पूरी कर भारत से रवाना हो जाएंगे।
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इस ऐतिहासिक दौरे की नींव पहले ही रखी जा चुकी थी। इसी महीने की शुरुआत में पनामा में भारत के राजदूत सुमित सेठ ने विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने संबंधों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की थी। पनामा स्थित भारतीय दूतावास ने इस मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की थीं, जिसमें राजदूत ने पनामा के विदेश मंत्री को भारत-पनामा के प्रतीकात्मक झंडे का पिन भेंट किया था।
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आतंकवाद के खिलाफ भारत का साथ
पनामा इस समय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का निर्वाचित सदस्य भी है। पिछले वर्ष पनामा में भारतीय राजदूत सुमित सेठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में जेवियर मार्टिनेज-आचा ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का खुलकर समर्थन किया था। यह कार्यक्रम कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में पनामा पहुंचे भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के स्वागत में रखा गया था।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने पनामा के सामने आतंकवाद के प्रति भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को मजबूती से रखा था। प्रतिनिधिमंडल ने पहलगाम में पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों द्वारा किए गए उस कायराना हमले का जिक्र किया था, जिसमें 26 मासूम लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो क्विंटेरो ने भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान आतंकवाद के खिलाफ भारत की इस न्यायपूर्ण लड़ाई को अपना पूरा समर्थन देने का एलान किया था।