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Paper Leak: 6 माह में सजा, 10 साल जेल और एक करोड़ तक जुर्माना, पेपर लीक पर मोदी कैबिनेट की 'सर्जिकल स्ट्राइक'?

Fri, 24 Jul 2026 12:12 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 24 Jul 2026 12:12 PM IST
सार

पेपर लीक और नकल रोकने के लिए केंद्र सरकार कानून में बदलाव की तैयारी कर रही है। नए विधेयक में फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया जा सकता है। जानिए मोदी सरकार के प्रस्तावित कानून में क्या बदलाव होंगे, कैबिनेट में किन मुद्दों पर चर्चा होगी और नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।

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paper leak row Govt planning to tweak anti cheating law by increasing jail term
केंद्रीय मंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)

विस्तार

केंद्र सरकार पेपर लीक और सरकारी परीक्षाओं में नकल रोकने वाले कानून में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित बदलाव में दोषियों की जेल की सजा भी बढ़ाई जा सकती है। अभी अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है।
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किस कानून में किए जाएंगे बदलाव?
प्रस्तावित विधेयक पर शुक्रवार दोपहर केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा की जाएगी। पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में यूपीएससी, एसएससी और एनटीए जैसी सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और संगठित गड़बड़ी रोकने का प्रावधान है। इस कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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सरकार क्यों ला रही है नया विधेयक?
नया विधेयक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुरुवार देर रात की घोषणा के अनुरूप है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल शुक्रवार को नकल रोकने वाले कानून को और मजबूत बनाने वाले विधेयक पर चर्चा करेगा और दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया जाएगा।
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संसद में कब पेश होगा नया विधेयक?
प्रधानमंत्री ने आधी रात को सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो संदेश में कहा था कि चर्चा के आधार पर सोमवार को संसद के मौजूदा सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में विधेयक पेश किया जाएगा और सरकार इसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश करेगी।

मंत्रिमंडल में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
मोदी ने कहा, फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा के मुद्दे पर कल मंत्रिमंडल में चर्चा होगी और चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले ढाई महीने से मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए काम कर रही है।

सरकार ने क्या कदम उठाए?
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक सरकार का मुख्य ध्यान यह सुनिश्चित करने पर रहा है कि छात्रों का एक साल खराब न हो। इसके लिए सरकार ने पूरी ताकत लगाकर 22 लाख छात्रों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया और इसके नतीजे भी जारी कर दिए गए।


ये भी पढ़ें: 'जवाबदेही तय करने की इच्छा नहीं', PM मोदी के वीडियो संदेश पर कांग्रेस ने पूछे सवाल; क्या कहा?

क्यों बदले गए शिक्षा सचिव?
प्रधानमंत्री का यह वीडियो संदेश उस समय आया, जब सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा सचिव को बदल दिया था।

नीट मामले पर पीएमओ क्या कर रहा है?
अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो दिनों से प्रधानमंत्री कार्यालय नीट परीक्षा, दोबारा परीक्षा और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार के लिए बनाई गई के. राधाकृष्णन समिति को लेकर शिक्षा मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है। इस दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय से दो दर्जन से ज्यादा सवाल भेजे गए हैं।
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