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Congress: 'जवाबदेही तय करने की इच्छा नहीं', PM मोदी के वीडियो संदेश पर कांग्रेस ने पूछे सवाल; क्या कहा?
Fri, 24 Jul 2026 09:55 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:55 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में वीडियो संदेश जारी कर सख्त कार्रवाई की बात कही है। लेकिन कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री ने छात्रों के विरोध, पुलिस कार्रवाई और जवाबदेही तय करने जैसे मुद्दों का जिक्र नहीं किया। जानिए पेपर लीक विवाद और पीएम के संदेश पर कांग्रेस ने क्या कहा।
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जयराम रमेश, कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार पेपर लीक मामले पर एक वीडियो संदेश के जरिये अपनी चुप्पी तोड़ी। लेकिन उनकी जवाबदेही तय करने की इच्छा स्पष्ट नजर नहीं आती। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में न तो छात्रों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया और न ही उन पर हुई पुलिस कार्रवाई की बात की।
जयराम रमेश ने क्या कहा?
ये भी पढ़ें: अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक ने जारी किया वीडियो संदेश: सरकार से मिले तीन लिखित आश्वासन, मानी गईं ये मांगें
उन्होंने कहा कि आखिरकार सरकार ने माना कि उस साल नीट परीक्षा में हजारीबाग में चुनिंदा तरीके से पेपर लीक हुआ था, लेकिन दोषियों को सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले संजीव मुखिया को पेपर लीक का मुख्य आरोपी बताया गया और अब सरकार उसे निर्दोष बता रही है।
रमेश ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 2024 में रद्द हुई यूजीसी-नेट परीक्षा में पेपर लीक न होने की बात कहते हुए क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल की है, लेकिन इसके पीछे कोई कारण नहीं बताया गया है। कांग्रेस महासचिव ने कहा, यह संकट केवल धीमी न्याय व्यवस्था की वजह से नहीं है, बल्कि सीबीआई की कमजोर जांच और मोदी सरकार के बेईमान राजनीतिक नेतृत्व के कारण है।
रमेश ने कहा, प्रधानमंत्री की जवाबदेही तय करने की इच्छा की कमी इस बात से साफ है कि उन्होंने छात्रों के विरोध प्रदर्शन या 20 जुलाई को अपनी पुलिस बलों द्वारा छात्रों पर की गई सख्ती का जिक्र तक नहीं किया।
पीएम मोदी ने अपने वीडियो में क्या कहा?
राहुल गांधी ने भी किया पलटवार
इसके कुछ समय बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी के वीडियो संदेश पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे से बचने की कोशिश की है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस 'बेकार आधी रात के वीडियो' के जरिये छात्रों की समझ का अपमान नहीं करना चाहिए।
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जयराम रमेश ने क्या कहा?
- कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहे कितनी भी बातें करें, समाधान की शुरुआत के लिए तीन कदम साफ हैं- मंत्री प्रधान को हटाएं, छात्रों को पीटने वालों को सजा दें और माफी मांगें।
- रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- हताश और परेशान दिख रहे प्रधानमंत्री ने आखिरकार बीती रात दो महीने की लंबी चुप्पी तोड़ी और पेपर लीक पर वीडियो संदेश के जरिये बात की।
- उन्होंने कहा कि याद रखना चाहिए कि मोदी सरकार लंबे समय से इस बात से इनकार करती रही है कि नीट-यूजी 2026 की परीक्षा का पेपर लीक हुआ था।
- उन्होंने कहा, मंत्री प्रधान ने जानबूझकर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में लीक शब्द का इस्तेमाल करने से इनकार किया था और शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षा पर बनी संसद की स्थायी समिति के सामने आधिकारिक रूप से कहा था कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने यह बात केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संदर्भ में कही।
- रमेश ने कहा कि पिछले दो महीनों में जनता के भारी आक्रोश के कारण ही प्रधानमंत्री को सच्चाई स्वीकार करनी पड़ी। लेकिन यही वजह है कि अब छात्रों का मोदी सरकार पर भरोसा नहीं रहा है। सरकार ने लगातार छात्रों के हितों के बजाय अपने सियासी फायदे को प्राथमिकता दी है।
- कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने नीट-यूजी 2024 परीक्षा में हुई बड़ी अनियमितताओं के सबूतों को जानबूझकर दबाया। उन्होंने कहा कि कई परीक्षा केंद्रों पर टॉप करने वाले छात्रों की असामान्य संख्या ने भी सवाल खड़े किए थे।
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ये भी पढ़ें: अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक ने जारी किया वीडियो संदेश: सरकार से मिले तीन लिखित आश्वासन, मानी गईं ये मांगें
उन्होंने कहा कि आखिरकार सरकार ने माना कि उस साल नीट परीक्षा में हजारीबाग में चुनिंदा तरीके से पेपर लीक हुआ था, लेकिन दोषियों को सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले संजीव मुखिया को पेपर लीक का मुख्य आरोपी बताया गया और अब सरकार उसे निर्दोष बता रही है।
रमेश ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 2024 में रद्द हुई यूजीसी-नेट परीक्षा में पेपर लीक न होने की बात कहते हुए क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल की है, लेकिन इसके पीछे कोई कारण नहीं बताया गया है। कांग्रेस महासचिव ने कहा, यह संकट केवल धीमी न्याय व्यवस्था की वजह से नहीं है, बल्कि सीबीआई की कमजोर जांच और मोदी सरकार के बेईमान राजनीतिक नेतृत्व के कारण है।
रमेश ने कहा, प्रधानमंत्री की जवाबदेही तय करने की इच्छा की कमी इस बात से साफ है कि उन्होंने छात्रों के विरोध प्रदर्शन या 20 जुलाई को अपनी पुलिस बलों द्वारा छात्रों पर की गई सख्ती का जिक्र तक नहीं किया।
पीएम मोदी ने अपने वीडियो में क्या कहा?
- प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार रात घोषणा की थी कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान वाला एक विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा।
- अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों पर शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी और इसके बाद कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- उन्होंने कहा, मंत्रिमंडल शुक्रवार को पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा करेगा और मंत्रियों के सुझाव लेने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
- मोदी ने कहा, सोमवार को जब संसद के मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह शुरू होगा, तब पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान वाला विधेयक लाया जाएगा और हमारी कोशिश होगी कि इसे जल्द से जल्द पारित किया जाए।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि वह जानते हैं कि पेपर लीक कोई छोटी समस्या नहीं है और लाखों छात्रों तथा उनके अभिभावकों के लिए ऐसी घटनाएं बेहद पीड़ादायक होती हैं। उन्होंने कहा कि करीब ढाई महीने पहले नीट पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद कई कड़े कदम उठाए गए हैं।
- मोदी ने कहा, दोषियों को पकड़ लिया गया है। वे अब जेल में हैं। हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक साल खराब न हो। परीक्षा जल्द कराना जरूरी था। सभी संसाधनों का इस्तेमाल करके सरकार ने सुनिश्चित किया कि 22 लाख छात्र दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकें।
राहुल गांधी ने भी किया पलटवार
इसके कुछ समय बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी के वीडियो संदेश पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे से बचने की कोशिश की है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस 'बेकार आधी रात के वीडियो' के जरिये छात्रों की समझ का अपमान नहीं करना चाहिए।