'थक गए, चले गए': पीएम मोदी का विपक्ष के वॉकआउट पर तंज, बोले- कांग्रेस सरकारों के पास न विजन था, न इच्छाशक्ति
PM Modi in Rajya Sabha: प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों के पास न विजन था, न इच्छा शक्ति। इसके अलावा पीएम ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर भी चुटकी ली।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर चुटकी ली। उन्होंने कहा 'आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे लगाना चाहें तो लगा सकते हैं। पीछे कई युवा नेता मौजूद हैं।' राज्यसभा में पीएम मोदी का संबोधन यहां क्लिक करके पढ़ें...
वॉकआउट पर विपक्ष को चेतावनी
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला करते हुए कहा 'जो लोग थक गए, वे चले गए। लेकिन इनसे सवाल करना जरूरी है कि देश की हालत ऐसी क्यों थी कि कोई भी देश हमसे समझौता करने नहीं आया। आपने कोशिश की होगी, लेकिन कोई आपके साथ काम करने को तैयार नहीं था।'
कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों के कामकाज पर पीएम मोदी का कटाक्ष
कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों के कामकाज पर टिप्पणी करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप लाल किले से कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के भाषणों का विश्लेषण करें तो साफ दिखेगा कि न उनकी कोई स्पष्ट सोच थी, न विजन और न ही इच्छा शक्ति। इसका नतीजा देश को भुगतना पड़ा।
पीएम मोदी ने कांग्रेस को याद दिलाई बोफोर्स डील, TMC पर लगाया घुसपैठ करवाने का आरोप
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो, ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं। सत्ता के भागीदार रहे हैं। राज्यों में भी उन्हें सरकार चलाने का अवसर मिला है। लेकिन उनकी पहचान क्या बनी है। आज डील की चर्चा होती है तो गर्व से कहते हैं, तब बोफोर्स डील याद आता था। उन्होंने सिर्फ जेब भरने का काम किया। नागरिकों की जिंदगी में बदलाव उनकी प्राथमिकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि एक हमारे माननीय सदस्य यहां बैठे बोल रहे थे। जिनकी सरकार शराब में डूब गई, जिनका शीशमहल घर-घर की आंखों में बैठ गए। ऐसे सभी साथियों से मैं कहूंगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईन देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने विश्वासघात करने के विषय में भी हमारे देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा। इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। छोटे किसान हैं, उनकी तरफ कभी नहीं देखा गया। न ही उनके दिमाग में छोटे किसान का कोई महत्व था। उन्हें लगता था कि कुछ बड़े लोगों को संभाल लिया तो राजनीति चलती रहेगी। हमारे मन में छोटे किसानों के लिए दर्द था। हम जमीनी हकीकत से परिचित थे। इसलिए हम किसान सम्मान निधि लेकर आए। हमने अब तक 4 लाख करोड़ रुपये छोटे किसानों को दिया है। इससे उन्हें नए सपने देखने का सामर्थ्य मिला है।
