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SIR: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ प्रस्ताव पेश, अध्यक्ष ने नहीं दी चर्चा की अनुमति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Thu, 05 Feb 2026 05:25 PM IST
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सार

पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर लगातार राजनीति तेज हो रही है। विधानसभा में इसके विरोध में एक प्रस्ताव पेश किया गया, लेकिन अध्यक्ष ने इस पर चर्चा से इंकार कर दिया। 

resolution against the SIR was introduced West Bengal Assembly Speaker not allow discussion
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ  मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी इसमें हुई धांधली को लेकर दिल्ली पहुंच गई। वहीं दूसरी इसके सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने एसआईआर पर प्रस्तावित चर्चा पर बहस के लिए मना कर दिया। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर से मतदाताओं के हो रही परेशानी को लेकर चर्चा की मांग की थी। 

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विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सरकार पर आखिरी समय में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के प्रस्ताव को बदलने का आरोप लगाया। अधिकारी ने कहा हमें बताया गया था कि एसआईआर पर चर्चा होगी और हम तैयारी करके आए थे। अब, इसे बदला जा रहा है उन्होंने अध्यक्ष से सदन के सामने कामकाज की सूची रखने की मांग की।

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इससे पहले, राज्य संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने एक प्रस्ताव पढ़ा, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया पर चर्चा की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने समर्थन किया। नियम 169 के तहत प्रस्ताव पेश करते हुए, चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया से मतदाताओं को परेशानी हुई, और दावा किया कि इस प्रक्रिया को लेकर चिंता के कारण 107 लोगों की मौत हो गई।

पश्चिम बंगाल में जनगणना संचालन निदेशक नियुक्त

इसी के साथ केंद्र ने पश्चिम बंगाल कैडर की 2006 बैच की आईएएस अधिकारी रश्मि कमल को पश्चिम बंगाल के लिए जनगणना संचालन निदेशक और नागरिक पंजीकरण निदेशक नियुक्त किया है।

कब होगी जनगणना

कमल को 14 जनवरी से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत नियुक्त किया गया है। वह तीन साल की अवधि के लिए या अगले आदेश इस पद प रहेंगी। 2027 में भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दो चरणों में जनगरणा आयोजित की जाएगी।  प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच इस काम को पूरा करेगा।

पहले चरण में, हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन में प्रत्येक घर की आवास स्थितियों, संपत्ति, सुविधाओं आदि के बारे में जानकारी एकत्र की जाती है, जबकि दूसरे चरण, जनसंख्या गणना ( में, प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य जानकारी एकत्र की जाती है। दूसरा चरण अगले साल फरवरी में होने की संभावना है।

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