Parliament: '179 सरकारी कंपनियों के बोर्ड में एक भी महिला निदेशक नहीं', लोकसभा में सरकार का जवाब
सरकार ने लोकसभा में बताया कि 708 सरकारी कंपनियों में से 179 में अभी तक कोई महिला निदेशक नहीं है। कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार बड़ी कंपनियों को कम से कम एक महिला निदेशक नियुक्त करना अनिवार्य है।
विस्तार
भारत सरकार ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि सरकारी कंपनियों में महिलाओं की भागीदारी अभी भी सीमित है। सरकार के जवाब के अनुसार 179 सरकारी कंपनियों में, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां (PSEs) भी शामिल हैं, अभी तक बोर्ड में एक भी महिला निदेशक नहीं हैं। यह कंपनियों के कानून के तहत जरूरी है कि कुछ कंपनियों में कम से कम एक महिला निदेशक नियुक्त हो।
बता दें कि कंपनी अधिनियम 2013 के तहत हर सूचीबद्ध कंपनी और हर अन्य सार्वजनिक कंपनी जिनका पेड-अप शेयर कैपिटल 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक है, या जिनका टर्नओवर 300 करोड़ रुपये या उससे अधिक है, उन्हें अपने बोर्ड में कम से कम एक महिला निदेशक नियुक्त करनी होती है।
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लोकसभा में हर्ष मल्होत्रा का जवाब
मामले में कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि कुल 708 सरकारी कंपनियों में से 529 ने महिला निदेशक नियुक्त की हैं, जबकि 179 कंपनियों ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि महिला निदेशक नियुक्ति के न्यूनतम मानक का पालन न करना कंपनियों और प्रशासनिक कारणों से अलग-अलग है।
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क्या कहती है रिपोर्ट, जानिए
राज्य मंत्री मल्होत्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की ओर से इन कंपनियों पर लगाए गए जुर्माने का डेटा केंद्रीकृत रूप से उपलब्ध नहीं है। हाल ही के वित्तीय वर्ष में 13 मार्च तक, सरकारी कंपनियों के बोर्ड में 668 महिला निदेशक और 3,423 पुरुष निदेशक थे। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी कंपनियों में महिला नेतृत्व की संख्या अभी भी अपेक्षाकृत कम है और सुधार की जरूरत है।
लोकसभा ने कॉरपोरेट लॉ (संशोधन) विधेयक, 2026 को विस्तृत जांच और सुझावों के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया। विधेयक में कुछ बदलाव किए गए हैं, जैसे छोटे नियमों के उल्लंघन को अपराध नहीं माना जाएगा, बल्कि कंपनियों पर सिर्फ जुर्माना लगेगा। सरकार का कहना है कि इससे कंपनियों के लिए कारोबार करना आसान हो जाएगा। विधेयक पेश होने के बाद कांग्रेस के मनीष तिवारी, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय और द्रमुक की टी. सुमति ने इसका विरोध किया। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि यह विधेयक कंपनियों के लिए सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) के तहत 2 फीसदी मुनाफा खर्च करने के नियम को कमजोर कर सकता है। वित्त मंत्री सीतारमण ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधेयक दो साल की चर्चा के बाद लाया गया है और इसमें केवल नेट प्रॉफिट की गणना के तरीके में बदलाव किया जा रहा है, सीएसआर के मूल प्रावधान में नहीं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार कॉर्पोरेट अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना चाहती है या फिर नियमों को सख्त बनाना चाहती है। पहले से मौजूद स्थायी समिति को यह विधयेक भेजा जाना चाहिए था। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष पहले समिति की बात नहीं कर रहा था और अब प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।
पंजाब के सरकारी अधिकारी की आत्महत्या का मामला सोमवार को लोकसभा में उठा। शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा के सांसद इस मुद्दे पर एकजुट नजर आए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच की मांग की। शाह ने स्पष्ट कहा कि यदि पंजाब के सांसद लिखित में सीबीआई जांच की मांग करते हैं तो केंद्र सरकार इस मामले को तुरंत सीबीआई को ट्रांसफर करने को तैयार है। शाह के मामले में नया मोड़ आ गया है और परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। अमृतसर में पंजाब राज्य भण्डारण निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के बाद आरोपों में घिरे पंजाब के राज्यमंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने इस्तीफा दे दिया था। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मामला उठाते हुए कहा कि रंधावा को मंत्री भुल्लर द्वारा कथित तौर पर इतना प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। वहीं, कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने मंत्री के दबाव के कारण आत्महत्या की। पंजाब में ईमानदार अफसरों के लिए काम करना मुश्किल हो गया है।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) अब प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा। यह व्यवस्था सिविल सेवा परीक्षा 2026 से प्रभावी होगी। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अभ्यर्थी अब क्यूपीआरईपी पोर्टल के माध्यम से उत्तरों पर अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकेंगे। हालांकि, अंकों की घोषणा अंतिम परिणाम के बाद ही की जाएगी। सरकार ने यह भी आश्वस्त किया कि वैकल्पिक विषयों में समानता के लिए स्केलिंग पद्धति जारी रहेगी।
बीएड को फिर एक साल का करने की योजना नहीं : केंद्र
शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) कोर्स की अवधि फिर से एक साल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए चौधरी ने बताया कि शिक्षक शिक्षा के मानक तय करने वाली संस्था नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से मिली जानकारी के अनुसार, अभी बीएड को एक साल का करने की कोई योजना नहीं है। एनसीटीई ने पिछले साल संकेत दिया था कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप बीएड को फिर से एक साल का करने पर विचार किया जा सकता है। यह कोर्स 2014 में एक साल से बढ़ाकर दो साल का किया गया था।
विदेशी काले धन पर सरकार सख्त, नौ महीने में चार हजार करोड़ का टैक्स
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष (2025-26) के शुरुआती नौ महीनों में विदेशों में छिपी अघोषित आय और संपत्ति पर 4,009.64 करोड़ का टैक्स लगाया है। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि पनामा और पेंडोरा जैसे पेपर लीक्स से जुड़े मामलों में अब तक 41,257 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स और पेनल्टी डिमांड जारी की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुख्ता जानकारी मिलने पर विभाग कड़ी कार्रवाई कर रहा है।
आर्थिक तंगी के कारण 10 साल में 11 एयरलाइंस बंद : मंत्री
पिछले 10 वर्षों में आर्थिक तंगी और विमानों की कमी जैसे आंतरिक कारणों से 11 एयरलाइंस बंद हो गईं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में बताया कि विमानन क्षेत्र विनियंत्रित है और कंपनियां व्यावसायिक आधार पर चलती हैं। एअर एशिया और विस्तारा का एअर इंडिया में विलय हो चुका है। वहीं, किंगफिशर पर एएआई का 380.51 करोड़ रुपये बकाया है।
सेबी ने सोशल मीडिया से हटवाए 1.33 लाख आपत्तिजनक कंटेंट
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजार में हेरफेर रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से 1.33 लाख आपत्तिजनक पोस्ट हटवाए हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि 28 फरवरी तक यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि सेबी फिलहाल इसके लिए एआई टूल्स का उपयोग नहीं कर रहा है। नियामक ने फिनफ्लुएंशर्स पर लगाम कसने के लिए पंजीकृत संस्थाओं को अपनी जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश भी दिया है।
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