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Supreme Court: समीर वानखेड़े को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, चार्जशीट पर जवाब के लिए एक हफ्ते का समय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 25 Mar 2026 02:19 PM IST
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सार

सुप्रीम कोर्ट ने समीर वानखेड़े को अनुशासनात्मक कार्यवाही में अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें चार्जशीट का जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया। इसके बाद ही विभाग जांच अधिकारी पर फैसला लेगा। कोर्ट ने कहा कि कार्यवाही आगे बढ़ाने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए।

supreme court hearing on sameer wankhede plea in cordelia cruise case charge sheet response time granted
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : PTI
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विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को बड़ी राहत दी। यह मामला 2021 के कोर्डेलिया क्रूज ड्रग्स केस से जुड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही का है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने वानखेड़े की याचिका पर सुनवाई की। वानखेड़े ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने उनके खिलाफ कार्यवाही रद्द करने वाले फैसले को पलट दिया था।
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सुनवाई के दौरान वानखेड़े के वकील पीएस पटवालिया ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में बुनियादी कमियां हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई ठोस आरोप नहीं है और यह सिर्फ वानखेड़े को प्रमोशन से रोकने के लिए किया गया है। वकील ने इसे उत्पीड़न बताते हुए कहा कि घटना के तीन साल बाद चार्जशीट जारी की गई। उन्होंने यह भी बताया कि कैट (CAT) ने वानखेड़े के प्रमोशन का आदेश दिया था, लेकिन अधिकारियों ने उसे नहीं माना और कार्यवाही में देरी की।
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जस्टिस नरसिम्हा ने टिप्पणी की कि यह मामला पूरी तरह आधारहीन नहीं है। उन्होंने कहा कि कोर्ट जरूरत पड़ने पर दखल देगा, लेकिन अभी पूरी कार्यवाही खत्म करने का कोई आधार नहीं दिखता। कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि वानखेड़े को चार्जशीट पर जवाब देने का पर्याप्त समय नहीं मिला और उससे पहले ही जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया।

सरकार की ओर से पेश वकील एसवी राजू ने कहा कि वानखेड़े ने तय समय में जवाब नहीं दिया था, इसलिए हाई कोर्ट के निर्देशानुसार जांच अधिकारी की नियुक्ति की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक आदेश पारित किया।

कोर्ट ने माना कि 7 मार्च 2026 को जांच अधिकारी की नियुक्ति वानखेड़े को पर्याप्त मौका दिए बिना की गई थी। अब कोर्ट ने वानखेड़े को चार्जशीट का जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। इसके बाद अधिकारियों को दो हफ्ते के भीतर यह तय करना होगा कि जांच अधिकारी नियुक्त करना है या नहीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी मामले की मेरिट यानी उसकी सच्चाई पर कोई राय नहीं दी है। इससे पहले हाई कोर्ट ने कैट के उस फैसले को पलट दिया था जिसमें वानखेड़े के खिलाफ कार्यवाही रद्द कर दी गई थी।

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