सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   sc seeks response centre bci advocates welfare fund plea

Supreme Court: वकीलों के लिए बनेगा अलग कल्याण कोष, केंद्र और BCI से शीर्ष अदालत ने मांगा जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 25 Mar 2026 05:16 PM IST
विज्ञापन
सार

सुप्रीम कोर्ट में काम करने वाले वकीलों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। वकीलों के लिए एक अलग कल्याण कोष की मांग की गई थी, जिसको लेकर शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली बार काउंसिल से जवाब मांगा है। बुधवार को इस से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। 

sc seeks response centre bci advocates welfare fund plea
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार

शीर्ष अदालत में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, उनके भविष्य को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार, भारतीय विधि परिषद (BCI) और दिल्ली बार काउंसिल को नोटिस जारी किया है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में शीर्ष अदालत के वकीलों के लिए 'वेलफेयर फंड' बनाने की मांग की गई थी। 
Trending Videos


क्या है पूरा मामला?
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि इस तरह के फंड का निर्माण समय की मांग है। वर्तमान में 'एडवोकेट्स वेलफेयर फंड एक्ट' में एक बड़ी कानूनी खामी है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने अदालत में दलील दी कि मौजूदा कानून के तहत सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को वह लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके वे हकदार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विकास सिंह ने कहा कि जब भी कोई वकील सुप्रीम कोर्ट में वकालतनामा दाखिल करता है, तो उस पर वेलफेयर स्टैंप लगाया जाता है। लेकिन इस स्टैंप से होने वाली कमाई सीधे दिल्ली बार काउंसिल के पास चली जाती है। कानून के अनुसार, वकील केवल वही है जो किसी राज्य की बार काउंसिल की सूची में दर्ज हो। इस तकनीकी पेंच की वजह से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन इस दायरे से बाहर हो जाता है। उसके सदस्यों को मुसीबत के समय कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाती।

यह भी पढ़ें:  Bengal : 'वोटर लिस्ट से हटे आठ लाख नाम, बंगाल में नहीं होने देंगे NRC'; नक्सलबाड़ी में गरजीं ममता

वकीलों के लिए सुरक्षा घेरा बनाने की तैयारी
याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों में संशोधन कर एक नया 'नियम 15A' जोड़ा जाए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने खाका भी पेश किया है। प्रस्ताव के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होने वाले हर वकालतनामा पर 500 रुपये का लॉयर्स वेलफेयर स्टैंप अनिवार्य किया जाए। इस स्टैंप से होने वाली पूरी कमाई शीर्ष अदालत के वकीलों के कल्याण कोष में जमा हो। इतना ही नहीं, इस फंड का प्रबंधन भारत के मुख्य न्यायाधीश या नामित किसी जज की अध्यक्षता वाली समिति करे। 

क्यों जरूरी है यह फंड?
शीर्ष अदालत में प्रैक्टिस करने वाले कई वकील अपने गृह राज्यों की बार काउंसिल से कट जाते हैं। ऐसे में मेडिकल इमरजेंसी या किसी अनहोनी की स्थिति में उनके पास कोई खास साधन नहीं होता है। अब गेंद केंद्र सरकार और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पाले में है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को बहुत राहत मिलेगी।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed