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Baramati Crash: भतीजे रोहित का दावा- जब अजित पवार जिंदा थे, तब उनके घर के बाहर हुआ था काला जादू
Wed, 25 Mar 2026 06:34 PM IST
Rahul Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Rahul Kumar
Updated Wed, 25 Mar 2026 06:34 PM IST
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रोहित पवार
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन मामले में एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने दावा किया कि जब अजित पवार जिंदा थे, तब उनके घर के बाहर काला जादू हुआ था। उन्होंने कहा कि विमान हादसा काले जादू की वजह से हुआ होगा, ऐसा नहीं मानता हूं।
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अजित पवार के मामले में कर्नाटक में दर्ज हुई जीरो एफआईआर पर एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने कहा कि मैंने महाराष्ट्र में 'अजित दादा' मामले में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की थी। मैंने मुंबई में 'जीरो एफआईआर' दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
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उन्होंने बताया कि इसके बाद हम बारामती और सीआईडी के पास गए। इन तीनों जगह जीरो एफआईआर दर्ज नहीं की गई। फिर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ मुलाकात हुई। उन्हें सलाह दी गई थी कि वे अजित पवार के विमान दुर्घटना से संबंधित अपनी शिकायत को ऐसे राज्य में ले जाएं जहां उन्हें न्याय मिल सके। हालांकि, राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान किसी राज्य का नाम नहीं लिया था। कर्नाटक के बेंगलुरु में जीरो एफआईआर' दर्ज की गई। अब बारामती में इसी आधार पर जांच की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह दुर्घटना काले जादू की वजह से हुई, क्योंकि मैं काले जादू में विश्वास नहीं करता, लेकिन जो बात मायने रखती है, वह है इसके पीछे की नीयत। लोग कहते हैं कि कुछ ऐसे अनुष्ठान किए जाते हैं जिनमें एक गुड़िया का इस्तेमाल होता है, उस पर खून डाला जाता है, और ऐसी हरकतें किसी खास व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने या उसे कमजोर करने के लिए की जाती हैं। अब, यह महज एक इत्तेफाक है या कुछ और, यह मैं नहीं कह सकता। हालांकि, जब दादा जीवित थे, तब उनके घर के बाहर काला जादू किया गया था। अब, इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या नासिक के उस व्यक्ति ने ही ऐसा किया था। हमें यह भी देखना होगा कि नासिक में उस व्यक्ति से मिलने कौन-कौन लोग जाते हैं। हालांकि, यह दुर्घटना काले जादू की वजह से नहीं हुई, फिर भी यह किसी की नीयत से जुड़ी हो सकती है।
रोहित पवार ने सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पर एनसीपी कब्जाने की कोशिश करने का लगाया आरोप
नेता रोहित पवार ने सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दोनों ने प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश की। रोहित पवार ने दावा किया कि नेताओं के एक ग्रुप ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर पार्टी के संविधान में बदलाव करके एक 'वर्किंग प्रेसिडेंट' को बड़े अधिकार देने का कहा था और कहा कि सुनेत्रा पवार ने बाद में पोल बॉडी को लेटर लिखकर कहा कि अजित पवार की मौत के बाद ट्रांजिशन पीरियड के दौरान ऐसे किसी भी लेटर को इग्नोर किया जाए।
रोहित पवार ने चुनाव आयोग को एक स्ट्रेटेजिक लेटर भेजा, जिसमें कथित तौर पर काला जादू करने वालों और परिवार के सदस्यों की आवाज दबाने से जुड़ी एक गहरी 'साजिश' का दावा किया गया।उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को अजित पवार की मौत से ठीक 18 दिन बाद, 16 फरवरी को चुनाव आयोग को एक पत्र भेजा गया था। इस पत्र पर कथित तौर पर प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और बृजमोहन श्रीवास्तव के हस्ताक्षर थे, और दावा किया गया था कि पार्टी के कॉन्स्टिट्यूशन में बदलाव किया गया था।
रोहित पवार ने कहा कि इस बदलाव का मकसद पार्टी की सारी पावर और अधिकार, जो पहले अजित दादा के पास थे, वर्किंग प्रेसिडेंट (प्रफुल्ल पटेल) को देना था। यह सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, या पार्टी के विधायकों की जानकारी के बिना किया गया था।उन्होंने आगे बताया कि नेशनल प्रेसिडेंट बनने के बाद सुनेत्रा पवार ने तुरंत चुनाव आयोग को पत्र लिखा, और उनसे कहा कि एक्सीडेंट की तारीख और उनके अपॉइंटमेंट के बीच हुए किसी भी लेटर को नजरअंदाज किया जाए।
इनपुट: आईएएनएस