{"_id":"69c39beb4cee769f980b28a6","slug":"supreme-court-upholds-rahul-mamkootathil-bail-removes-high-court-remarks-against-victim-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राहुल मम्कूटथिल की जमानत बरकरार, पीड़िता पर हाईकोर्ट की टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राहुल मम्कूटथिल की जमानत बरकरार, पीड़िता पर हाईकोर्ट की टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:55 PM IST
विज्ञापन
सार
यह पूरा विवाद यौन उत्पीड़न से जुड़ा है। विधायक पर महिला के साथ बलात्कार, जबरन गर्भपात और डराने-धमकने जैसे संगीन आरोप लगे हैं। केरल हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में राहुल मम्कूटथिल को इस आधार पर अग्रिम जमानत दी थी कि दोनों के बीच संबंध 'सहमति' वाले लग रहे थे। अब शीर्ष अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है।
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : पीटीआई
विज्ञापन
विस्तार
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने केरल के पलक्कड़ से विधायक राहुल मम्कूटथिल को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कांग्रेस नेता की अग्रिम जमानत को बरकरार रखा है। हालांकि, देश की शीर्ष अदालत ने पीड़िता की गरिमा और कानूनी प्रक्रिया की मर्यादा को सर्वोपरि बताया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की पीठ ने केरल हाईकोर्ट की ओर से पीड़िता के चरित्र पर की गई टिप्पणियों को पूरी तरह से रिकॉर्ड से हटा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद यौन उत्पीड़न से जुड़ा है। विधायक पर महिला के साथ बलात्कार, जबरन गर्भपात और डराने-धमकने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। केरल हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में राहुल मम्कूटथिल को इस आधार पर अग्रिम जमानत दी थी कि दोनों के बीच संबंध 'सहमति' वाले लग रहे थे। हाईकोर्ट ने कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिससे पीड़िता के पक्ष पर सवाल खड़े हो रहे थे। हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप चैट्स और पीड़िता के विधायक के घर रुकने का भी जिक्र किया था। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की टिप्पणी को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इतना ही नहीं इसे रिकॉर्ड से भी हटा दिया गया है।
यह भी पढ़ें: Lok Sabha: जब ट्रेनों की संख्या को लेकर सदन में भिड़ गए पप्पू यादव और रेल मंत्री, आंकड़ों पर हुई जोरदार बहस
सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस
पीड़िता ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने दलील दी कि जमानत देते समय अदालत को केस की मेरिट या पीड़िता के चरित्र पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। इससे भविष्य में चलने वाले ट्रायल पर बुरा असर पड़ता है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार किया। शीर्ष अदालत ने कहा कि जमानत की सुनवाई के दौरान 'मिनी-ट्रायल' नहीं होना चाहिए। जस्टिस सुंदरेश की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट की रिश्ते को आपसी सहमति से बताने वाली टिप्पणी अनावश्यक थीं। अदालत ने आदेश दिया कि इन टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाए, जिससे निचली अदालत में निष्पक्ष सुनवाई हो सके।
गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने से शीर्ष अदालत का इनकार
हालांकि शीर्ष अदालत ने राहुल मम्कूटथिल की गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जमानत रद्द करने का कोई ठोस आधार नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आरोपी को आरोपों से क्लीन चिट मिल गई है। अब इस मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में चलेगी।
Trending Videos
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद यौन उत्पीड़न से जुड़ा है। विधायक पर महिला के साथ बलात्कार, जबरन गर्भपात और डराने-धमकने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। केरल हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में राहुल मम्कूटथिल को इस आधार पर अग्रिम जमानत दी थी कि दोनों के बीच संबंध 'सहमति' वाले लग रहे थे। हाईकोर्ट ने कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिससे पीड़िता के पक्ष पर सवाल खड़े हो रहे थे। हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप चैट्स और पीड़िता के विधायक के घर रुकने का भी जिक्र किया था। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की टिप्पणी को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इतना ही नहीं इसे रिकॉर्ड से भी हटा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Lok Sabha: जब ट्रेनों की संख्या को लेकर सदन में भिड़ गए पप्पू यादव और रेल मंत्री, आंकड़ों पर हुई जोरदार बहस
सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस
पीड़िता ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने दलील दी कि जमानत देते समय अदालत को केस की मेरिट या पीड़िता के चरित्र पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। इससे भविष्य में चलने वाले ट्रायल पर बुरा असर पड़ता है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार किया। शीर्ष अदालत ने कहा कि जमानत की सुनवाई के दौरान 'मिनी-ट्रायल' नहीं होना चाहिए। जस्टिस सुंदरेश की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट की रिश्ते को आपसी सहमति से बताने वाली टिप्पणी अनावश्यक थीं। अदालत ने आदेश दिया कि इन टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाए, जिससे निचली अदालत में निष्पक्ष सुनवाई हो सके।
गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने से शीर्ष अदालत का इनकार
हालांकि शीर्ष अदालत ने राहुल मम्कूटथिल की गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जमानत रद्द करने का कोई ठोस आधार नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आरोपी को आरोपों से क्लीन चिट मिल गई है। अब इस मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में चलेगी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन