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अभिषेक सिंघवी पर बरसे हिमंत: कहा- फर्जी दस्तावेजों से महिला का चरित्र हनन बर्दाश्त नहीं; ये तो बस शुरुआत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 01 May 2026 05:17 PM IST
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सार
असम के मुख्यमंत्री ने अभिषेक मनु सिंघवी पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि फर्जी दस्तावेजों से उनकी पत्नी का चरित्र हनन किया गया। सरमा ने इसे कानूनी लड़ाई की महज एक शुरुआत बताया है। दूसरी ओर, सिंघवी ने इसे सत्ता का दुरुपयोग करार दिया है। उन्होंने पवन खेड़ा की जमानत के बाद इसे राजनीतिक प्रतिशोध कहा। अब यह मामला पूरी तरह अदालत की कार्यवाही पर टिका है।
हिमंत बिस्वा सरमा
- फोटो : ANI
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विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के बीच जुबानी जंग अब बेहद तल्ख हो गई है। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सिंघवी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी से भी लोकतंत्र या सार्वजनिक विमर्श पर मर्यादा की सीख लेने की जरूरत नहीं है।
'फर्जी दस्तावेजों का गंभीर खेल'
मुख्यमंत्री सरमा ने सिंघवी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'मुझे किसी से भी लोकतंत्र, सार्वजनिक संवाद या शालीनता पर सबक सीखने की आवश्यकता नहीं है, विशेष रूप से अभिषेक सिंघवी से।' सरमा ने इस विवाद के केंद्र में एक महिला के सम्मान का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा को निशाना बनाया जा रहा है, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा, 'असली मुद्दा एक महिला से जुड़ा है। उसका राजनीति से कोई वास्ता नहीं है। इसके बावजूद, दूसरे देशों के फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर राष्ट्रीय टेलीविजन पर उसका चरित्र हनन किया गया।' सरमा का इशारा कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की ओर से दिखाए गए उन कथित विदेशी पासपोर्ट और संपत्तियों के दस्तावेजों की ओर था। हालांकि, सीएम के परिवार ने इन आरोपों को पहले ही खारिज कर दिया है।
'अदालत में होगा न्याय'
हिमंत बिस्वा सरमा ने विश्वास जताया कि न्यायपालिका इस जालसाजी का संज्ञान लेगी। उन्होंने लिखा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि अदालतें इस पर गौर करेंगी। चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए झूठे दस्तावेजों के जरिए एक महिला की छवि बिगाड़ने वाले को उसके इस दुस्साहस के लिए सजा जरूर मिलेगी।'
मुख्यमंत्री सरमा ने सिंघवी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिंघवी ने उस मंच पर प्रहार किया जहां मैं जवाब देने के लिए मौजूद नहीं था। इसे संवाद नहीं, बल्कि निष्पक्ष बहस से बचना कहा जाता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे लिखा, 'मैं साफ कर दूं, यह तो बस शुरुआत है, अंत नहीं।'
यह भी पढ़ें: Pawan Khera News: सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को कैसे मिली अग्रिम जमानत, जानें कोर्ट में क्या हुआ
पवन खेड़ा की जमानत पर सिंघवी ने क्या कहा?
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को कानूनी मर्यादा की जीत बताया है। सिंघवी ने कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का यह कानूनी सफर बताता है कि सत्ता का उपयोग केवल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस को आधार बनाकर मानहानि का दावा किया गया, उसमें सभी दस्तावेज पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक पटल पर रखे गए थे। सिंघवी के अनुसार, जब मामला केवल प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का हो और आरोपी जांच में सहयोग के लिए तैयार हो, तब गिरफ्तारी करना केवल राजनीतिक स्कोर सेट करने और व्यक्ति को अपमानित करने का एक जरिया मात्र है।
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'फर्जी दस्तावेजों का गंभीर खेल'
मुख्यमंत्री सरमा ने सिंघवी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'मुझे किसी से भी लोकतंत्र, सार्वजनिक संवाद या शालीनता पर सबक सीखने की आवश्यकता नहीं है, विशेष रूप से अभिषेक सिंघवी से।' सरमा ने इस विवाद के केंद्र में एक महिला के सम्मान का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा को निशाना बनाया जा रहा है, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा, 'असली मुद्दा एक महिला से जुड़ा है। उसका राजनीति से कोई वास्ता नहीं है। इसके बावजूद, दूसरे देशों के फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर राष्ट्रीय टेलीविजन पर उसका चरित्र हनन किया गया।' सरमा का इशारा कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की ओर से दिखाए गए उन कथित विदेशी पासपोर्ट और संपत्तियों के दस्तावेजों की ओर था। हालांकि, सीएम के परिवार ने इन आरोपों को पहले ही खारिज कर दिया है।
'अदालत में होगा न्याय'
हिमंत बिस्वा सरमा ने विश्वास जताया कि न्यायपालिका इस जालसाजी का संज्ञान लेगी। उन्होंने लिखा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि अदालतें इस पर गौर करेंगी। चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए झूठे दस्तावेजों के जरिए एक महिला की छवि बिगाड़ने वाले को उसके इस दुस्साहस के लिए सजा जरूर मिलेगी।'
मुख्यमंत्री सरमा ने सिंघवी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिंघवी ने उस मंच पर प्रहार किया जहां मैं जवाब देने के लिए मौजूद नहीं था। इसे संवाद नहीं, बल्कि निष्पक्ष बहस से बचना कहा जाता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे लिखा, 'मैं साफ कर दूं, यह तो बस शुरुआत है, अंत नहीं।'
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पवन खेड़ा की जमानत पर सिंघवी ने क्या कहा?
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को कानूनी मर्यादा की जीत बताया है। सिंघवी ने कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का यह कानूनी सफर बताता है कि सत्ता का उपयोग केवल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस को आधार बनाकर मानहानि का दावा किया गया, उसमें सभी दस्तावेज पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक पटल पर रखे गए थे। सिंघवी के अनुसार, जब मामला केवल प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का हो और आरोपी जांच में सहयोग के लिए तैयार हो, तब गिरफ्तारी करना केवल राजनीतिक स्कोर सेट करने और व्यक्ति को अपमानित करने का एक जरिया मात्र है।
