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Parliament: 'पीएम मोदी पर लोकसभा के अंदर हमले की थी साजिश': सूत्रों का दावा, भाजपा ने भी लगाए थे ऐसे ही आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: लव गौर Updated Thu, 05 Feb 2026 02:17 PM IST
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सार

Parliament Uproar: संसद के बजट सत्र की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गया है। एक दिन पहले लोकसभा में पीएम मोदी को बोलना था, लेकिन उनके भाषण को रद्द कर दिया गया। ऐसे में अब सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि संसद में पीएम मोदी पर कांग्रेस ने हमले की साजिश की थी। इसके लिए विरोधी खेमे ने महिला सांसदों को  आगे किया था।

Pm modi Speech Postpone Congress was physically planning to attack PM Modi in Lok Sabha Sources
पीएम मोदी के खिलाफ हमले की साजिश - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बिना ही बजट सत्र के 7वें दिन आज (05 फरवरी) राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनिमत से पास किया गया। जो करीब 2004 के बाद यानी 22 साल में पहली बार हुआ है। इस बीच न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि कांग्रेस ने पीएम मोदी पर शारीरिक हमले की साजिश रची, जिसके चलते लोकसभा को संबोधित नहीं करने का निर्णय लिया गया।
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पीएम संसद में मौजूद थे और बोलने के लिए तैयार थे
न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में भाषण नहीं दिया। पक्की जानकारी थी कि कांग्रेस लोकसभा में पीएम मोदी पर शारीरिक हमला करने की साजिश बना रही थी और इसलिए विपक्ष ने अपनी महिला सांसदों को भेजा गया था। इसलिए स्पीकर ने सदन को स्थगित करने का फैसला किया, भले ही पीएम मोदी संसद में मौजूद थे और बोलने के लिए तैयार थे।
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भाजपा सासंद मनोज तिवारी ने क्या किया था दावा?
इससे पहले पहले पीएम मोदी के संबोधन टलने पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया था कि यह विरोध पहले से तय योजना के तहत किया गया था। उनका दावा है कि महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के आसपास घेराव जैसी स्थिति बना रही थीं। उन्होंने कहा कि स्थिति डराने वाली थी और संसदीय कार्य मंत्री की तत्परता से हालात काबू में आए। 

मनोज तिवारी ने आगे बताया था कि शाम करीब पांच बजे जब सदन फिर से शुरू हुआ और प्रधानमंत्री के जवाब की उम्मीद थी, तभी विपक्ष की कुछ महिला सांसद ट्रेजरी बेंच की सीटों के पास पहुंच गईं। इनमें वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि शामिल थीं। उन्होंने 'डू व्हॉट इज राइट' लिखा बड़ा बैनर पकड़ रखा था। यह विरोध एक दिन पहले निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसदों के समर्थन में बताया गया। महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट के आसपास खड़े होकर विरोध जताया।

विपक्ष की नारेबाजी के बीच प्रस्ताव पारित
विपक्ष की लगातार नारेबाजी के बीच गुरुवार (05 फरवरी) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ध्वनि मत की शुरुआत की, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निचले सदन में संबोधन के बिना ही प्रस्ताव पारित हो गया। बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब प्रधानमंत्री मोदी से अपेक्षित था, लेकिन विपक्षी सदस्यों द्वारा बार-बार व्यवधान डालने और नारेबाजी करने के बाद स्पीकर ने लोकसभा को स्थगित कर दिया। 

ये भी पढ़ें: लोकसभा में क्यों टला PM का संबोधन?: भाजपा बोली- महिला सांसदों ने पीएम की सीट को घेरा, स्थिति डराने वाली थी



2004 के बाद फिर दोहराया गया इतिहास

ऐसे में 22 साल बाद इतिहास एक बार फिर दोहराया गया है, जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बिना प्रधानमंत्री के जवाब के धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा में पास किया गया है। इससे पहले साल 2004 में मनमोहन सरकार के दौरान भी ऐसा ही कुछ हुआ था। उस समय भाजपा ने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोका था। 

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