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Police: आधुनिकीकरण की राशि खर्च करने में पिछड़े बंगाल और मध्य प्रदेश, ये 15 प्रदेश ही कर सके 100 फीसदी व्यय

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 07 Aug 2026 07:04 PM IST
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Police: Bengal and Madhya Pradesh lag behind in spending modernization funds
पुलिस (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
'पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्य और संघ क्षेत्रों को केंद्र सरकार की तरफ से सहायता राशि दी जाती है। इस राशि को खर्च करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य सरकारों या संघ क्षेत्रों की होती है। वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान जारी हुई पुलिस आधुनिकीकरण की राशि खर्च करने में पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश पिछड़ गए हैं। 28 राज्यों में से 15 प्रदेश ही तय निधि का सौ फीसदी उपयोग कर सके हैं। केरल ने 99.86 फीसदी राशि का उपयोग किया है। 
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ये पहाड़ी राज्य भी पीछे रह गया 
पश्चिम बंगाल ने केवल 17.46 प्रतिशत हिस्सा ही पुलिस आधुनिकीकरण पर खर्च किया है। केंद्र सरकार ने इस प्रदेश के लिए तीन वित्तीय वर्षों में 7.88 करोड़ रुपये जारी किए, जिनमें से 1.38 करोड़ रुपये खर्च हो सके हैं। हिमाचल प्रदेश के खाते में 7.41 करोड़ रुपये पहुंचे, लेकिन इस पहाड़ी राज्य ने 5.91 करोड़ रुपये का ही उपयोग किया। यह कुल राशि का 79.72 प्रतिशत है। मध्य प्रदेश सरकार ने 13.93 करोड़ रुपये में से 6.50 करोड़ रुपये की निधियों का उपयोग किया। कुल निधियों के उपयोग का यह 46.70 प्रतिशत है।
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सौ फीसदी राशि खर्च करने वाले राज्य
आंध्र प्रदेश
असम
बिहार
अरुणाचल प्रदेश 
छत्तीसगढ़
हरियाणा
कर्नाटक
मणिपुर
मिजोरम
राजस्थान
सिक्किम
तमिलनाडु
तेलंगाना
त्रिपुरा
उत्तर प्रदेश 

क्यों नहीं हो पा रहा सौ फीसदी राशि का इस्तेमाल?
पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्य और संघ क्षेत्रों को जो सहायता (एएसयूएमपी) दी जाती है, उससे जुड़ी अनुमोदित परियोजनाओं के कार्यान्वयन का उत्तरदायित्व संबंधित राज्य सरकारों/संघ क्षेत्रों का ही रहता है। इस निधि के कम उपयोग के कई कारण सामने आए हैं। जैसे परियोजनाओं का टेंडर देरी से जारी होना, उपकरण, हथियार, वाहन या कोई अन्य तकनीक के ट्रायल में विलंब और उसके बाद खरीद की प्रक्रिया का लेट होना, आदि। इसके अलावा जब सभी तरह की औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं तो उसके बाद उपकरणों की आपूर्ति में विलंब हो जाता है। कई बार उपकरणों की खरीद प्रक्रिया, विभिन्न कमेटियों की टेबल से गुजरती है, इसके चलते भी प्रोजेक्ट में देरी होती है। 
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