बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा: बेटे को बचाने आई मां की हत्या, बेटे ने लगाया बीएनपी कार्यकर्ताओं पर आरोप
बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में राजनीतिक हिंसा के दौरान बेटे को बचाने पहुंचीं 55 वर्षीय सयादा बेगम की मौत हो गई। बीएनपी और छात्र दल कार्यकर्ताओं पर हमला करने के आरोप लगे हैं। शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
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बांग्लादेश के कॉक्स बाजार जिले में शनिवार शाम राजनीतिक हिंसा के दौरान 55 वर्षीय सयादा बेगम की कथित तौर पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके छात्र संगठन छात्र दल के कार्यकर्ताओं के हमले में घायल होने के बाद मौत हो गई। यह घटना उखिया उपजिला में हुई, जहां एक दीवार पर लिखे नारों को लेकर विवाद शुरू हुआ था। सयादा बेगम अपने बेटे को बचाने के लिए दौड़ी थीं, जिस पर हमला किया जा रहा था।
बेटे को बचाने आई मां की हत्या
स्थानीय दैनिक ‘द डेली स्टार’ ने बताया कि कुछ दिन पहले ताइपालोंग मदरसा की दीवार पर जय बंगला, जयतु शेख हसीना के नारे लिखे गए थे। इस घटना के बाद स्थानीय बीएनपी नेताओं ने अवामी लीग और उसके छात्र संगठन छात्र लीग के कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्टों के अनुसार, छात्र दल के कार्यकर्ता जिसान सिकदर ने इस ग्रैफिटी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट पर छात्र दल से जुड़े मोहम्मद यूनुस ने कथित तौर पर ठहाके लगाकर प्रतिक्रिया दी।
इसके बाद बीएनपी और छात्र दल के कई कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर यूनुस पर हमला कर दिया। यूनुस को बचाने के लिए उसके दोस्त एसएम इमरान के आने पर हमलावरों ने उसे भी पीटना शुरू कर दिया। परिवार के सदस्यों के अनुसार, इमरान पर हमले की खबर मिलते ही उसकी मां सयादा अपने बेटे को बचाने के लिए दौड़ीं। इसी दौरान उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया गया, जिसके बाद उन्हें उखिया उपजिला स्वास्थ्य परिसर ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बेटे ने लगाए गंभीर आरोप
इमरान ने स्थानीय वार्ड बीएनपी अध्यक्ष अब्दुर रहीम और उनके बेटे आकाश पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बीएनपी नेता मिजान सिकदर और उनके बेटे जिसान सिकदर सहित एक दर्जन से अधिक लोगों को भी इस हमले का जिम्मेदार ठहराया। इमरान ने द डेली स्टार से कहा, मेरी मां मुझे बचाने के लिए दौड़ी थीं। हमलावरों ने मेरी मां का गला पकड़कर उन्हें धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं। इमरान ने आगे कहा कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार राजनीति से जुड़ा नहीं है और वह अपनी मां के लिए न्याय चाहते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे से घटना को बताया शर्मनाक
इस हमले की निंदा करते हुए बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने इसे शर्मनाक घटना बताया। उन्होंने कहा कि यह किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वाजेद ने लिखा कि जय बंगला, जयतु शेख हसीना का नारा बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के इतिहास से गहराई से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर अब ये शब्द किसी की जान के लिए खतरा बन सकते हैं, तो यह राज्य में राजनीतिक सहिष्णुता के भयावह पतन का प्रतीक है। यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि एक बड़े खतरे का संकेत है।
सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग
सजीब वाजेद ने इस मामले में ठोस कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की जिम्मेदारी केवल बयान जारी करना नहीं है। वाजेद ने कहा कि सरकार को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। वाजेद ने राजनीतिक हिंसा के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्यथा हर नई मौत केवल एक और आंकड़ा बनकर रह जाएगी।