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Delhi: राष्ट्रपति ने मंजूर किया प्रधान का इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

Sat, 25 Jul 2026 08:18 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: राहुल कुमार Updated Sat, 25 Jul 2026 08:18 PM IST
सार

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर यह फैसला लिया और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा। प्रधान ने अपने इस्तीफे को राष्ट्रहित और युवाओं के प्रति सम्मान से जुड़ा निर्णय बताया।

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President Accepts Dharmendra Pradhan's Resignation; Pralhad Joshi Gets Additional Charge of Education Ministry
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त पदभार। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। यह घटनाक्रम परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध प्रदर्शनों के बीच हुआ है। राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से इस नियुक्ति की पुष्टि की।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। यह स्वीकृति संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत की गई है। इसी बीच, राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि वे खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री के रूप में अपना मौजूदा कार्यभार भी संभालते रहेंगे।
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अधिकारियों ने कहा कि दोहरी प्रभार व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षा मंत्रालय के कामकाज में बिना किसी बाधा के निरंतरता सुनिश्चित करना है। राष्ट्रपति के विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि यह परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू होगा, जिससे नई व्यवस्था बिना किसी देरी के प्रभावी हो सकेगी। प्रधानमंत्री की सलाह पर इस्तीफा स्वीकार करके और साथ ही अतिरिक्त प्रभार सौंपकर राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रधान के पद छोड़ने और प्रल्हाद जोशी के नेतृत्व में अंतरिम व्यवस्था को औपचारिक रूप दे दिया है। शिक्षा मंत्रालय के किसी भी दीर्घकालिक पुनर्गठन के संबंध में आगे की जानकारी उचित समय पर घोषित किए जाने की उम्मीद है।
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जोशी ने प्रधानमंत्री का आभार जताया
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता की भावना के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक काम हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू किया और शिक्षा क्षेत्र में कई अहम पहल कीं। इससे देश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह पूरी क्षमता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।

जोशी के पास पहले से हैं ये मंत्रालय
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ मंत्रिमंडल मंत्री प्रल्हाद जोशी अब खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारियों के अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे। बता दें कि इस्तीफे के बाद प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस्तीफे के बाद उनके घर पर नेताओं का तांता लग गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी, दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह समेत भाजपा और एनडीए के कई बड़े नेता और मंत्री उनके घर पहुंचे और उनसे बातचीत की।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले पीयूष गोयल?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जब धर्मेंद्र प्रधान भारत के शिक्षा मंत्री पद से विदा हो रहे हैं, तो यह उनकी दशकों के समर्पित लोक सेवा और राष्ट्र निर्माण में उनके उल्लेखनीय योगदान को स्वीकार करने और सराहना करने का अवसर है। छात्र आंदोलनों से उनके प्रारंभिक जुड़ाव से लेकर सार्वजनिक जीवन और शासन में उनकी विशिष्ट भूमिकाओं तक, उन्होंने निरंतर प्रतिबद्धता, अनुशासन और जनता, विशेष रूप से भारत के युवाओं की आकांक्षाओं के साथ गहरा जुड़ाव प्रदर्शित किया है।


इस्तीफे पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं।

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