President Manipur Visit: 'राज्य में शांति और विकास हमारी प्राथमिकता', मणिपुर दौरे पर बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मणिपुर को दृढ़ता, साहस और अद्वितीय संस्कृति की भूमि बताया। आज राष्ट्रपति मुर्मू नुपी लाल मेमोरियल कॉम्प्लेक्स जाएंगी और वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि देंगी।
विस्तार
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार से मणिपुर का दो दिवसीय दौरा शुरू करेंगी। इस दौरान वे ब्रिटिश शासन के खिलाफ महिलाओं के संघर्ष को याद करने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगी और संभवत मणिपुर के प्रसिद्ध श्री गोविंदाजी मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगी। यह राष्ट्रपति मुर्मू का पहला दौरा है, जब से वे भारत की राष्ट्रपति बनी हैं। उनका दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सितंबर 2025 में मणिपुर दौरे के तीन महीने बाद हो रहा है।
कौन-कौन से कार्यक्रम में शामिल होंगी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सबसे पहले दोपहर में इंफाल पोलो ग्राउंड में युवा मामले और खेल विभाग द्वारा आयोजित पोलो कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके बाद वे संभवतः श्री गोविंदाजी मंदिर में पूजा करेंगी, जो मणिपुर में वैष्णव धर्म का प्रमुख केंद्र है। शाम को वे सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नागरिक स्वागत समारोह में भाग लेंगी और रात को लोक भवन में ठहरेंगी।
वहीं बात अगर दूसरे दिन की करें तो शुक्रवार को वे नूपी लान समारोह में शामिल होंगी। यह समारोह हर साल महिलाओं द्वारा 1904 और 1939 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ किए गए आंदोलनों की याद में मनाया जाता है। इसके अलावा वे नागा बहुल सेनापति जिले में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हो सकती हैं।
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बंद की स्थिति के बीच कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति दौरे के चलते मणिपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कारण है कि कई आंतरिक सशस्त्र संगठन और प्रतिबंधित समूहों ने राष्ट्रपति दौरे के विरोध में बंद बुलाया है। इस कारण इंफाल घाटी में बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। राष्ट्रपति के दौरे वाले स्थानों पर कई पोस्टर और अस्थायी प्रवेश द्वार भी लगाए गए हैं।
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अब समझिए क्या है स्थानीय संगठन की मांगें
मणिपुर के मीतेई संगठन अरंबाई टेंगोल (एटी) ने राष्ट्रपति से अंतरविभागीय विस्थापितों की समस्या उठाने और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि कई विस्थापित परिवार केंद्र सरकार की योजनाओं के बावजूद कठिन परिस्थितियों में रह रहे हैं। उन्हें सभी अधिकारों और लाभों की निष्पक्ष और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने अवैध सीमा पार आंदोलन और NRC के कार्यान्वयन पर भी जोर दिया।
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