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Karnataka: राष्ट्रपति मुर्मू ने की INS वाघशीर पनडुब्बी में समुद्री यात्रा, बनीं ऐसा करने वाली दूसरी प्रेसिडेंट
Sun, 28 Dec 2025 02:33 PM IST
अमन तिवारी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 28 Dec 2025 02:33 PM IST
सार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कारवार नौसैनिक अड्डे पर भारतीय नौसेना की अत्याधुनिक पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर में यात्रा की। वह पनडुब्बी में सफर करने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति बन गई हैं। आईएनएस वाघशीर प्रोजेक्ट-75 की आखिरी और स्वदेशी कलवरी क्लास की पनडुब्बी है।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : X: @rashtrapatibhvn
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विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कर्नाटक के कारवार नौसैनिक अड्डे पर भारतीय नौसेना की फ्रंटलाइन पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर में सफर किया। इस दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी उनके साथ मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने नौसैनिक वर्दी पहनकर पनडुब्बी में प्रवेश करने से पहले वहां मौजूद कर्मियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
पनडुब्बी की यात्रा करने वाली दूसरी राष्ट्रपति
द्रौपदी मुर्मू पनडुब्बी की यात्रा करने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति बन गई हैं। उनसे पहले फरवरी 2006 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने पनडुब्बी यात्रा का अनुभव लिया था। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ही सशस्त्र बलों की सुप्रीम कमांडर होती हैं। आईएनएस वाघशीर प्रोजेक्ट 75 स्कॉर्पीन की छठी और आखिरी पनडुब्बी है, जिसे इसी साल जनवरी में नौसेना में शामिल किया गया था। यह स्वदेशी कलवरी क्लास की पनडुब्बी है।
ये भी पढ़ें: Sea Sortie: राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी समुद्री सफर, 28 दिसंबर को कर्नाटक के करवार हार्बर से पनडुब्बी से यात्रा
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क्या है पनडुब्बी की खासियत?
नौसेना अधिकारियों के मुताबिक, यह दुनिया की सबसे शांत और बेहतरीन डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों में से एक है। इस पनडुब्बी को सतह-रोधी और पनडुब्बी-रोधी युद्ध, खुफिया जानकारी जुटाने, क्षेत्र की निगरानी और विशेष अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है।
यह पनडुब्बी वायर-गाइडेड टॉरपीडो, जहाज-रोधी मिसाइलों और उन्नत सोनार सिस्टम से भी लैस है। इस पनडुब्बी मॉड्यूलर निर्माण तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। इससे भविष्य में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) तकनीक को इसमें आसानी से जोड़ा जा सकेगा।
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पनडुब्बी की यात्रा करने वाली दूसरी राष्ट्रपति
द्रौपदी मुर्मू पनडुब्बी की यात्रा करने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति बन गई हैं। उनसे पहले फरवरी 2006 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने पनडुब्बी यात्रा का अनुभव लिया था। गौरतलब है कि राष्ट्रपति ही सशस्त्र बलों की सुप्रीम कमांडर होती हैं। आईएनएस वाघशीर प्रोजेक्ट 75 स्कॉर्पीन की छठी और आखिरी पनडुब्बी है, जिसे इसी साल जनवरी में नौसेना में शामिल किया गया था। यह स्वदेशी कलवरी क्लास की पनडुब्बी है।
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क्या है पनडुब्बी की खासियत?
नौसेना अधिकारियों के मुताबिक, यह दुनिया की सबसे शांत और बेहतरीन डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों में से एक है। इस पनडुब्बी को सतह-रोधी और पनडुब्बी-रोधी युद्ध, खुफिया जानकारी जुटाने, क्षेत्र की निगरानी और विशेष अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है।
यह पनडुब्बी वायर-गाइडेड टॉरपीडो, जहाज-रोधी मिसाइलों और उन्नत सोनार सिस्टम से भी लैस है। इस पनडुब्बी मॉड्यूलर निर्माण तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। इससे भविष्य में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) तकनीक को इसमें आसानी से जोड़ा जा सकेगा।
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