प्रियांक खरगे का केंद्र सरकार पर हमला: बोले- भाजपा के इशारे पर चल रही ED-CBI, आरएसएस से फिर मांगा हिसाब
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बुधवार को एक बार फिर से केंद्र सरकार पर ED, CBI और आयकर विभाग का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कम सजा दर यह दिखाती है कि एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए हो रहा है।
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कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने बुधवार को केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग का इस्तेमाल भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से ज्यादा राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। राज्य में कुछ अधिकारियों के यहां हुई हालिया छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में हजारों छापे मारे गए, लेकिन सजा दिलाने की दर बेहद कम रही है। उनके मुताबिक, अगर इतनी बड़ी संख्या में कार्रवाई हुई है और दोष साबित होने के मामले बहुत कम हैं, तो एजेंसियों की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मेरे खिलाफ भी हो सकती है कार्रवाई
खरगे ने दावा किया कि भाजपा नेताओं के बयान भी इस धारणा को मजबूत करते हैं कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार भाजपा के नेता सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की बातें करते हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें भी ऐसी जांच का सामना करना पड़ सकता है, तो उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह संभव है। खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की ओर से इस तरह की चेतावनियां पहले भी दी जाती रही हैं और इसमें कोई नई बात नहीं है।
लेन-देन का ब्योरा सार्वजनिक करे आरएसएस
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित बंगलुरु दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि शायद वे संगठन से जुड़े दस्तावेज लेकर शहर आ रहे हों। उन्होंने दोहराया कि आरएसएस को अपने रजिस्ट्रेशन, फंडिंग और आर्थिक लेन-देन का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए। खरगे ने कहा कि उन्होंने केवल सवाल पूछे हैं और अगर आरएसएस का कामकाज पूरी तरह कानूनी है तो संगठन को दस्तावेज सामने रखने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा नेता उन पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं।
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'जवाब मांगना कोई अपराध नहीं'
विपक्ष के नेता आर. अशोक और सांसद तेजस्वी सूर्या का नाम लेते हुए खरगे ने कहा कि उनके मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय भाजपा नेता लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि दस्तावेज़ और जवाब मांगना कोई अपराध नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संस्थाओं और संगठनों से जवाबदेही की अपेक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।